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बोफोर्स केस की सुनवाई आज, याचिकाकर्ता
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:49 PM IST
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बोफोर्स घोटाले के केस में सुनवाई आज
रायबरेली। बोफोर्स मामले में याचिकाकर्ता अजय अग्रवाल ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर किया है। इसमें कहा है कि, हिंदुजा भाइयों ने उच्चतम न्यायालय के साथ धोखाधड़ी की थी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को इस केस की सुनवाई होनी है।
हिंदुजा भाइयों पर आरोप हैं कि उन्होंने 1986 में बोफोर्स तोप खरीद मामले में बड़ी रकम रिश्वत के रूप में ली थी, मगर ये तीनों भाई इन आरोपों का खंडन करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बोफोर्स घोटाले के मुकदमे में हिंदुजा बंधुओं को अन्य आरोपियों से अलग कर दिया गया था। हिंदुजा बंधुओं द्वारा मुकदमे का निपटारा जल्दी करने की याचिका पर अदालत ने ये फैसला दिया था।
बता दें कि, साल 1986 में 1437 करोड़ रुपये के बोफोर्स तोप घोटाले में भारतीय अधिकारियों को 64 करोड़ रुपये घूस देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका दाखिल की गई है। इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। इसके अलावा हलफनामे में ये भी कहा गया है कि बोफोर्स तोप सौदे में घोटाले की जांच में केवल चार करोड़ 77 लाख रुपये खर्च हुए हैं न कि 250 करोड़ रुपये। अजय अग्रवाल ने संबंधित आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने को लेकर सीबीआई पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि बोफोर्स घोटाले की जांच में 250 करोड़ रुपये खर्च होने के बारे में सीबीआई ने ही दिल्ली हाईकोर्ट को बताया था।
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इसी कारण से ये बात हाईकोर्ट के आदेश में आई जो सफेद झूठ थी। इस प्रकार की खबरों से देश की गरीब जनता को बार-बार झटका लगता है कि उनकी मेहनत की कमाई को इस प्रकार व्यर्थ में फूंकागया है, जबकि उन्हें जांच एजेंसी ने आरटीआई के तहत पूछे जाने पर ये बताया था कि बोफोर्स कांड की पूरी जांच में मात्र चार करोड़ 77 लाख रुपये ही खर्च हुए थे और इस खर्च का ब्योरेवार वर्णन भी दिया गया था।
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रायबरेली। बोफोर्स मामले में याचिकाकर्ता अजय अग्रवाल ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर किया है। इसमें कहा है कि, हिंदुजा भाइयों ने उच्चतम न्यायालय के साथ धोखाधड़ी की थी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को इस केस की सुनवाई होनी है।
हिंदुजा भाइयों पर आरोप हैं कि उन्होंने 1986 में बोफोर्स तोप खरीद मामले में बड़ी रकम रिश्वत के रूप में ली थी, मगर ये तीनों भाई इन आरोपों का खंडन करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बोफोर्स घोटाले के मुकदमे में हिंदुजा बंधुओं को अन्य आरोपियों से अलग कर दिया गया था। हिंदुजा बंधुओं द्वारा मुकदमे का निपटारा जल्दी करने की याचिका पर अदालत ने ये फैसला दिया था।
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बता दें कि, साल 1986 में 1437 करोड़ रुपये के बोफोर्स तोप घोटाले में भारतीय अधिकारियों को 64 करोड़ रुपये घूस देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका दाखिल की गई है। इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। इसके अलावा हलफनामे में ये भी कहा गया है कि बोफोर्स तोप सौदे में घोटाले की जांच में केवल चार करोड़ 77 लाख रुपये खर्च हुए हैं न कि 250 करोड़ रुपये। अजय अग्रवाल ने संबंधित आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने को लेकर सीबीआई पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि बोफोर्स घोटाले की जांच में 250 करोड़ रुपये खर्च होने के बारे में सीबीआई ने ही दिल्ली हाईकोर्ट को बताया था।
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इसी कारण से ये बात हाईकोर्ट के आदेश में आई जो सफेद झूठ थी। इस प्रकार की खबरों से देश की गरीब जनता को बार-बार झटका लगता है कि उनकी मेहनत की कमाई को इस प्रकार व्यर्थ में फूंकागया है, जबकि उन्हें जांच एजेंसी ने आरटीआई के तहत पूछे जाने पर ये बताया था कि बोफोर्स कांड की पूरी जांच में मात्र चार करोड़ 77 लाख रुपये ही खर्च हुए थे और इस खर्च का ब्योरेवार वर्णन भी दिया गया था।