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जलनिगम और पावर कॉर्पोरेशन की खींचतान में फंसी 111 करोड़ रुपये की योजना
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रायबरेली। जल निगम और पावर कॉर्पोरेशन की खींचतान में 111 करोड़ रुपये की सीवर लाइन एवं ट्रीटमेंट प्लांट की योजना अधर में लटक गई है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर शहर की ढाई लाख आबादी को सीवर की समस्या से राहत कैसे मिलेगी।
जल निगम की कार्यदायी संस्था और पावर कॉर्पोरेशन के विवाद का मामला खाकी तक पहुंच गया है। एक तरफ से दूसरे के खिलाफ जान से मारने की धमकी, जबकि दूसरी तरफ से केबल काटने की तहरीर दी गई है। तहरीर मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस प्रकरण की जांच करने में जुटी है।
अमृत योजना के तहत 111 करोड़ रुपये से शहर में सीवर लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। यह कार्य कराने की जिम्मेदारी जल निगम की कार्यदायी संस्था घारपूरे को दी गई है। इसका मकसद शहर में सीवर की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाना है। वहीं पावर कॉर्पोरेशन की तरफ से अंडरग्राउंड बिजली लाइन भी बिछाई जा रही है।
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सीवर लाइन बिछाने में की जा रही खुदाई से पावर कॉर्पोरेशन की ओर से बिछाई जाने वाली केबल कट रही हैं। इसको लेकर पावर कॉर्पोरशन और जल निगम की कार्यदायी संस्था के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। कार्यवाहक सदर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन की तरफ से एसडीओ सुनील कुमार कुशवाहा ने तहरीर दी है कि जलनिगम की कार्यदायी संस्था की ओर से सीवर लाइन के लिए हाइड्रा से खुदाई जा रही है, जिससे बिजली की केबल कट रही है।
नेहरू नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास करीब 100 मीटर केबल काट दी गई। इससे नुकसान उठाना पड़ रहा है। संस्था के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। दूसरी तरफ से जल निगम की कार्यदायी संस्था के साइट इंजीनियर चंद्रपाल सिंह ने तहरीर दी है कि पॉवर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने दफ्तर आकर जान से मारने की धमकी दी। दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर प्रकरण की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई होगी।
वर्जन
संस्था के कर्मचारियों से बात की गई है। जिस जगह केबल कटने की बात कही जा रही है, वहां पर डेढ़ महीने पहले काम पूरा हो गया है। अब कार्य गोरा बाजार की तरफ चल रहा है। ऐसे में केबल कटने का आरोप गलत तरीके से लगाया जा रहा है।
- जनार्दन सिंह, एक्सईएन, जल निगम
वर्जन
जल निगम की संस्था की ओर से कई जगह केबल काटी गई है। नियमता: खुदाई से पहले संबंधित विभाग से जानकारी लेनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं नहीं किया गया। जान से मारने की धमकी देने का गलत आरोप लगाया जा रहा है।
- ओम प्रकाश सिंह, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड प्रथम
वर्जन
दोनों पक्षों की तरफ से मामले की तहरीर मिली है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में मामला सही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील कुमार सिंह, एसपी
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जल निगम की कार्यदायी संस्था और पावर कॉर्पोरेशन के विवाद का मामला खाकी तक पहुंच गया है। एक तरफ से दूसरे के खिलाफ जान से मारने की धमकी, जबकि दूसरी तरफ से केबल काटने की तहरीर दी गई है। तहरीर मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस प्रकरण की जांच करने में जुटी है।
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अमृत योजना के तहत 111 करोड़ रुपये से शहर में सीवर लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। यह कार्य कराने की जिम्मेदारी जल निगम की कार्यदायी संस्था घारपूरे को दी गई है। इसका मकसद शहर में सीवर की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाना है। वहीं पावर कॉर्पोरेशन की तरफ से अंडरग्राउंड बिजली लाइन भी बिछाई जा रही है।
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सीवर लाइन बिछाने में की जा रही खुदाई से पावर कॉर्पोरेशन की ओर से बिछाई जाने वाली केबल कट रही हैं। इसको लेकर पावर कॉर्पोरशन और जल निगम की कार्यदायी संस्था के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। कार्यवाहक सदर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन की तरफ से एसडीओ सुनील कुमार कुशवाहा ने तहरीर दी है कि जलनिगम की कार्यदायी संस्था की ओर से सीवर लाइन के लिए हाइड्रा से खुदाई जा रही है, जिससे बिजली की केबल कट रही है।
नेहरू नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास करीब 100 मीटर केबल काट दी गई। इससे नुकसान उठाना पड़ रहा है। संस्था के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। दूसरी तरफ से जल निगम की कार्यदायी संस्था के साइट इंजीनियर चंद्रपाल सिंह ने तहरीर दी है कि पॉवर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने दफ्तर आकर जान से मारने की धमकी दी। दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर प्रकरण की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई होगी।
वर्जन
संस्था के कर्मचारियों से बात की गई है। जिस जगह केबल कटने की बात कही जा रही है, वहां पर डेढ़ महीने पहले काम पूरा हो गया है। अब कार्य गोरा बाजार की तरफ चल रहा है। ऐसे में केबल कटने का आरोप गलत तरीके से लगाया जा रहा है।
- जनार्दन सिंह, एक्सईएन, जल निगम
वर्जन
जल निगम की संस्था की ओर से कई जगह केबल काटी गई है। नियमता: खुदाई से पहले संबंधित विभाग से जानकारी लेनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं नहीं किया गया। जान से मारने की धमकी देने का गलत आरोप लगाया जा रहा है।
- ओम प्रकाश सिंह, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड प्रथम
वर्जन
दोनों पक्षों की तरफ से मामले की तहरीर मिली है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में मामला सही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील कुमार सिंह, एसपी