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खेल अकादमी तैयार करने में प्राइजमनी लगाऊंगी-सुधा सिंह
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:17 AM IST
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रायबरेली। एशियन गेम्स की सिल्वर मेडल विजेता सुधा सिंह का कहना है कि जिले में खेल अकादमी खड़ा करने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी।
इसके लिए सिर्फ शहर के इर्द-गिर्द छह एकड़ जमीन की जरूरत है। जमीन मिलते ही खेल अकादमी की शुरुआत हो जाएगी।
अपनी प्राइज मनी से इस सपने को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। अकादमी में हॉस्टल भी खुलेगा, जिससे दूर से आने वाले खिलाड़ियों को रहने की सुविधा मिल सके।
एशियन गेम्स 2018 में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने के बाद गुरुवार को घर लौटीं तो पूरा जिला उनके स्वागत में उमड़ पड़ा।
अभिनंदन समारोह में वह इतना अभिभूत हुईं कि उनकी आंखें भी कई बार छलकीं। खुद सुधा ने भी स्वीकारा कि यह पल उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल है, जिसे वह ताउम्र नहीं भूल पाएंगी।
मेरे जैसे एथलीट आगे बढ़ सकें, इसके लिए खेल अकादमी उनका सपना है। यह इस जनपद के लोगों के स्नेह और आशीर्वाद का नतीजा है कि वह 2002 से निरंतर सफलता हासिल कर रही हैं।
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हर दिन की तरह उनके लिए भी सब दिन एक जैसे नहीं होते। कुछ वक्त ऐसे भी आए कि उन्हें खुद भी भरोसा नहीं था, लेकिन जिले के लोगों ने उनका साथ दिया और ईश्वर से प्रार्थना की तो सफलता उनकी झोली में आई।
सुधा में कभी न मिटने वाली भूख : सुरेंद्र सिंंह
रायबरेली की उड़नपरी सुधा सिंह को तराशने, निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां दिलाने में उनकी मदद करने वाले कोच सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए अनुशासन, ललक और जज्बा जरूरी है।
अगर ये तीनों चीजें जिस किसी इंसान में आ जाती हैं तो वह खेलकूद, पढ़ाई, कला हो या फिर दूसरा कोई क्षेत्र, सफलता मिलना निश्चित हो जाता है। ये सभी बातें सुधा सिंह में हैं।
सुधा सिंह में कभी न मिटने वाली वह भूख भी है, जिसकी बदौलत वह हर बार सफलता अर्जित करती हैं और उपलब्धियां बटोरती हैं। ऐसी भूख हर किसी में होनी चाहिए, तभी सफलता के शिखर पर पहुंचा जा सकता है।
एशियन गेम्स में इस बार सुधा को भले ही सिल्वर मेडल मिला है, लेकिन यह मेडल उनके लिए किसी स्वर्ण से कम नहीं है। कोच सुरेंद्र सिंह उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पूर्व ओलंपियन हैं। उन्होंने 10 किलोमीटर पैदल चाल प्रतियोगिता में नेशनल रिकॉर्ड बनाया है।
अब ओलंपिक में मेडल पाने की जताई उम्मीदें
उत्तर प्रदेश शासन में खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रमुख सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने कहा है कि एथलेटिक्स में बहुत अच्छी स्थिति नहीं रही है, लेकिन इस बार एशियन गेम्स में एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनमें से सुधा सिंह की उपलब्धि बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूरे देश का नाम रोशन किया। अब सुधा सिंह से अपेक्षा है कि वह ओलंपिक में मेडल हासिल करेंगी।
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इसके लिए सिर्फ शहर के इर्द-गिर्द छह एकड़ जमीन की जरूरत है। जमीन मिलते ही खेल अकादमी की शुरुआत हो जाएगी।
अपनी प्राइज मनी से इस सपने को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। अकादमी में हॉस्टल भी खुलेगा, जिससे दूर से आने वाले खिलाड़ियों को रहने की सुविधा मिल सके।
एशियन गेम्स 2018 में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने के बाद गुरुवार को घर लौटीं तो पूरा जिला उनके स्वागत में उमड़ पड़ा।
अभिनंदन समारोह में वह इतना अभिभूत हुईं कि उनकी आंखें भी कई बार छलकीं। खुद सुधा ने भी स्वीकारा कि यह पल उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल है, जिसे वह ताउम्र नहीं भूल पाएंगी।
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मेरे जैसे एथलीट आगे बढ़ सकें, इसके लिए खेल अकादमी उनका सपना है। यह इस जनपद के लोगों के स्नेह और आशीर्वाद का नतीजा है कि वह 2002 से निरंतर सफलता हासिल कर रही हैं।
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हर दिन की तरह उनके लिए भी सब दिन एक जैसे नहीं होते। कुछ वक्त ऐसे भी आए कि उन्हें खुद भी भरोसा नहीं था, लेकिन जिले के लोगों ने उनका साथ दिया और ईश्वर से प्रार्थना की तो सफलता उनकी झोली में आई।
सुधा में कभी न मिटने वाली भूख : सुरेंद्र सिंंह
रायबरेली की उड़नपरी सुधा सिंह को तराशने, निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां दिलाने में उनकी मदद करने वाले कोच सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए अनुशासन, ललक और जज्बा जरूरी है।
अगर ये तीनों चीजें जिस किसी इंसान में आ जाती हैं तो वह खेलकूद, पढ़ाई, कला हो या फिर दूसरा कोई क्षेत्र, सफलता मिलना निश्चित हो जाता है। ये सभी बातें सुधा सिंह में हैं।
सुधा सिंह में कभी न मिटने वाली वह भूख भी है, जिसकी बदौलत वह हर बार सफलता अर्जित करती हैं और उपलब्धियां बटोरती हैं। ऐसी भूख हर किसी में होनी चाहिए, तभी सफलता के शिखर पर पहुंचा जा सकता है।
एशियन गेम्स में इस बार सुधा को भले ही सिल्वर मेडल मिला है, लेकिन यह मेडल उनके लिए किसी स्वर्ण से कम नहीं है। कोच सुरेंद्र सिंह उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पूर्व ओलंपियन हैं। उन्होंने 10 किलोमीटर पैदल चाल प्रतियोगिता में नेशनल रिकॉर्ड बनाया है।
अब ओलंपिक में मेडल पाने की जताई उम्मीदें
उत्तर प्रदेश शासन में खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रमुख सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने कहा है कि एथलेटिक्स में बहुत अच्छी स्थिति नहीं रही है, लेकिन इस बार एशियन गेम्स में एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनमें से सुधा सिंह की उपलब्धि बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूरे देश का नाम रोशन किया। अब सुधा सिंह से अपेक्षा है कि वह ओलंपिक में मेडल हासिल करेंगी।