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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष का कारावास
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:48 AM IST
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हत्यारे पति को 10 वर्ष का कारावास
रायबरेली। कोर्ट ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जलाकर मार डालने वाले पति को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में ससुर को बरी कर दिया। यह फैसला एफटीसी तृतीय के अपर सत्र न्यायाधीश इफराक अहमद ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) नरेंद्र कुमार व राजेंद्र प्रताप के मुताबिक रिपोर्ट अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के राजापुर मजरे उमरा डीह निवासी जगन्नाथ सिंह ने 6 अक्तूबर 2012 को लिखाई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी ने अपनी बेटी आरती का विवाह लालगंज कोतवाली क्षेत्र के झावर हरदो पट्टी निवासी धीरेंद्र सिंह के साथ की थी। शादी के बाद से दामाद धीरेंद्र सिंह व समधी देशराज सिंह दहेज में एक लाख रुपये, सोने की चेन और अंगूठी की मांग करते थे। 5 अक्तूबर 2012 को बेटी को जलाकर मार दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति धीरेंद्र सिंह को सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में ससुर देशराज सिंह को बरी कर दिया।
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रायबरेली। कोर्ट ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जलाकर मार डालने वाले पति को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में ससुर को बरी कर दिया। यह फैसला एफटीसी तृतीय के अपर सत्र न्यायाधीश इफराक अहमद ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) नरेंद्र कुमार व राजेंद्र प्रताप के मुताबिक रिपोर्ट अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के राजापुर मजरे उमरा डीह निवासी जगन्नाथ सिंह ने 6 अक्तूबर 2012 को लिखाई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी ने अपनी बेटी आरती का विवाह लालगंज कोतवाली क्षेत्र के झावर हरदो पट्टी निवासी धीरेंद्र सिंह के साथ की थी। शादी के बाद से दामाद धीरेंद्र सिंह व समधी देशराज सिंह दहेज में एक लाख रुपये, सोने की चेन और अंगूठी की मांग करते थे। 5 अक्तूबर 2012 को बेटी को जलाकर मार दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति धीरेंद्र सिंह को सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में ससुर देशराज सिंह को बरी कर दिया।
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