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अफसरों और कर्मचारियों ने दिया धरना
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:47 AM IST
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अफसरों और कर्मचारियों ने दिया धरना
रायबरेली। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफीसर्स और वर्कर्स आर्गनाइजेशन ने शनिवार को सिविल लाइन इलाके में स्थित प्रधान कार्यालय में विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिले के साथ इलाहाबाद, कानपुर, फैजाबाद, बरेली समेत अन्य जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भागेदारी की। इस दौरान नोटबंदी के समय में किए गए ओवरटाइम में अब तक भुगतान न किए जाने का मामला उठाया गया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफीसर्स आर्गनाइजेशन के महामंत्री सुशील नारायण चक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक वर्कर्स आर्गनाइजेशन के महामंत्री फतेहबहादुर सिंह ने कहा कि समस्याओं को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात काम करके ओवरटाइम किया, लेकिन इसका भुगतान आज तक नहीं किया गया। अधिकारियाें और कर्मचारियों के नियम विरुद्ध तबादले किए जा रहे हैं। दैनिक वेतनभोगी और स्वीपरों का नियमतीकरण नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारी नेता आरएन मेहरोत्रा, एमपी अग्निहोत्री ने कहा कि प्रबंधन अधिकारियों और कर्मचारियों का शोषण कर रहा है। यदि सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। आरके तिवारी, श्रीविलाश मिश्रा, ललित सिंह, डीपी शुक्ला ने कहा कि बैंक प्रबंधन बैंक की बेहतरी के बजाय कुछ स्वार्थी नेताओं की इच्छापूर्ति में लगा हुआ है। बैंक बराबर बेहतर व्यवसाय कर रही, लेकिन प्रबंध मनमाने तरीके से तबादले कर रहा है।
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रायबरेली। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफीसर्स और वर्कर्स आर्गनाइजेशन ने शनिवार को सिविल लाइन इलाके में स्थित प्रधान कार्यालय में विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिले के साथ इलाहाबाद, कानपुर, फैजाबाद, बरेली समेत अन्य जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भागेदारी की। इस दौरान नोटबंदी के समय में किए गए ओवरटाइम में अब तक भुगतान न किए जाने का मामला उठाया गया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफीसर्स आर्गनाइजेशन के महामंत्री सुशील नारायण चक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक वर्कर्स आर्गनाइजेशन के महामंत्री फतेहबहादुर सिंह ने कहा कि समस्याओं को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात काम करके ओवरटाइम किया, लेकिन इसका भुगतान आज तक नहीं किया गया। अधिकारियाें और कर्मचारियों के नियम विरुद्ध तबादले किए जा रहे हैं। दैनिक वेतनभोगी और स्वीपरों का नियमतीकरण नहीं किया जा रहा है।
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कर्मचारी नेता आरएन मेहरोत्रा, एमपी अग्निहोत्री ने कहा कि प्रबंधन अधिकारियों और कर्मचारियों का शोषण कर रहा है। यदि सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। आरके तिवारी, श्रीविलाश मिश्रा, ललित सिंह, डीपी शुक्ला ने कहा कि बैंक प्रबंधन बैंक की बेहतरी के बजाय कुछ स्वार्थी नेताओं की इच्छापूर्ति में लगा हुआ है। बैंक बराबर बेहतर व्यवसाय कर रही, लेकिन प्रबंध मनमाने तरीके से तबादले कर रहा है।
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