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सत्यापन कार्य में लापरवाही बरती तो कार्रवाई-डीएम
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:32 PM IST
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सत्यापन कार्य में लापरवाही बरती तो कार्रवाई
रायबरेली। बचत भवन में मंगलवार को फसली ऋण मोचन योजना के संबंध में बैठक की गई। डीएम अभय सिंह ने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना के तहत शासन से प्राप्त कृषक सूची का सत्यापन राजस्व विभाग एवं बैंक शाखाओं की ओर से किया जा रहा है। सत्यापन अत्यंत सघनता एवं गंभीरता से किया जाए। सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का लाभ पात्र कृषकों को ही मिले। तहसील के कर्मचारियों एवं लेखपालों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सत्यापन के दौरान कोई गलत डाटा आया या अपात्र को लाभ मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी तहसीलदार डाटा को सत्यापित करेंगे। डीएम ने बताया कि सत्यापन के दौरान अभी तक जो आंकड़े आए हैं, उसमें 1854 कृषक ऐसे हैं, जिनका ऋण 3 लाख से ऊपर है। 6703 किसानों ने एक ही आधार पर दो बार केसीसी पर ऋण लिया है।
उन्होंने बताया कि 9861 किसानों के कागजात भूलेख और बैंक एकाउंट से मेल नहीं खाते हैं। 5451 किसान दूसरे जिलों से भी ऋण ले रखा है। 7726 मामलों में गाटा व आधार संख्या एक ही है। 16074 किसानों का खाता आधार से लिंक नही है। उन्होंने बताया कि 3973 किसानों का गाटा प्राप्त नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने सूची में सम्मिलित सभी किसानों का बारीकी से सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सत्यापन में कोई बिंदु छूटने न पाए। शासन द्वारा निर्धारित मानकों पर सत्यापन किया जाएगा तथा पात्र किसानों को ही योजना का नाम दिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार प्रजापति, अपर जिलाधिकारी प्रशासन तिलकधारी मौजूद रहे।
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रायबरेली। बचत भवन में मंगलवार को फसली ऋण मोचन योजना के संबंध में बैठक की गई। डीएम अभय सिंह ने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना के तहत शासन से प्राप्त कृषक सूची का सत्यापन राजस्व विभाग एवं बैंक शाखाओं की ओर से किया जा रहा है। सत्यापन अत्यंत सघनता एवं गंभीरता से किया जाए। सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का लाभ पात्र कृषकों को ही मिले। तहसील के कर्मचारियों एवं लेखपालों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सत्यापन के दौरान कोई गलत डाटा आया या अपात्र को लाभ मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी तहसीलदार डाटा को सत्यापित करेंगे। डीएम ने बताया कि सत्यापन के दौरान अभी तक जो आंकड़े आए हैं, उसमें 1854 कृषक ऐसे हैं, जिनका ऋण 3 लाख से ऊपर है। 6703 किसानों ने एक ही आधार पर दो बार केसीसी पर ऋण लिया है।
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उन्होंने बताया कि 9861 किसानों के कागजात भूलेख और बैंक एकाउंट से मेल नहीं खाते हैं। 5451 किसान दूसरे जिलों से भी ऋण ले रखा है। 7726 मामलों में गाटा व आधार संख्या एक ही है। 16074 किसानों का खाता आधार से लिंक नही है। उन्होंने बताया कि 3973 किसानों का गाटा प्राप्त नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने सूची में सम्मिलित सभी किसानों का बारीकी से सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सत्यापन में कोई बिंदु छूटने न पाए। शासन द्वारा निर्धारित मानकों पर सत्यापन किया जाएगा तथा पात्र किसानों को ही योजना का नाम दिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार प्रजापति, अपर जिलाधिकारी प्रशासन तिलकधारी मौजूद रहे।
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