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राष्ट्रीय लोक अदालत में 4038 मामलों का निस्तारण
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:35 PM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 4038 मामलों का निस्तारण
रायबरेली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। दीवानी कचहरी परिसर और विभिन्न तहसीलों में आयोजित लोक अदालत में 4038 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें फौजदारी के सबसे अधिक 2464 मामले निपटे। प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज केके शर्मा के निर्देेशन में लोक अदालत लगाई गई।
लोक अदालत में जिला जज ने मोटर दुुर्घटना प्रतिकर के छह मामले समेत 11 मामलों का निस्तारण किया। इसी तरह एडीजे तरुण सक्सेना ने एक, महेंद्र कुमार आर्या ने पांच, रामकृपाल ने तीन, राकेश कुमार त्रिपाठी ने 12, विजेश कुमार ने तीन, चित्रा शर्मा ने एक, इफराक अहमद ने तीन मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान प्राधिकरण सचिव अभिषेक उपाध्याय मौजूद रहे।
इसी तरह कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अशोक कुमार ने 46, सीजेएम प्रतिभा नारायण ने 1167, सिविल जज सीनियर डिवीजन अपर्णा त्रिपाठी ने सात, एसीजेएम लवी यादव ने 296, पीयूष तिवारी ने 221, मेराज अहमद ने 138, पारितोष श्रेष्ठ ने 194 मामलों का निपटारा किया। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह, सुमन तिवारी, सुरेश दुबे, अलकृंता शक्ति त्रिपाठी, जया प्रियदर्शिनी, आनंद मिश्रा, अंजू कांबोज, सुचेता चौरसिया ने भी कई मामलों का निपटारा किया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों ने ऋण से जुड़े 934 मामलों का निस्तारण करते हुए तीन करोड़ से ज्यादा धनराशि वसूल की।
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रायबरेली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। दीवानी कचहरी परिसर और विभिन्न तहसीलों में आयोजित लोक अदालत में 4038 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें फौजदारी के सबसे अधिक 2464 मामले निपटे। प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज केके शर्मा के निर्देेशन में लोक अदालत लगाई गई।
लोक अदालत में जिला जज ने मोटर दुुर्घटना प्रतिकर के छह मामले समेत 11 मामलों का निस्तारण किया। इसी तरह एडीजे तरुण सक्सेना ने एक, महेंद्र कुमार आर्या ने पांच, रामकृपाल ने तीन, राकेश कुमार त्रिपाठी ने 12, विजेश कुमार ने तीन, चित्रा शर्मा ने एक, इफराक अहमद ने तीन मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान प्राधिकरण सचिव अभिषेक उपाध्याय मौजूद रहे।
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इसी तरह कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अशोक कुमार ने 46, सीजेएम प्रतिभा नारायण ने 1167, सिविल जज सीनियर डिवीजन अपर्णा त्रिपाठी ने सात, एसीजेएम लवी यादव ने 296, पीयूष तिवारी ने 221, मेराज अहमद ने 138, पारितोष श्रेष्ठ ने 194 मामलों का निपटारा किया। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह, सुमन तिवारी, सुरेश दुबे, अलकृंता शक्ति त्रिपाठी, जया प्रियदर्शिनी, आनंद मिश्रा, अंजू कांबोज, सुचेता चौरसिया ने भी कई मामलों का निपटारा किया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों ने ऋण से जुड़े 934 मामलों का निस्तारण करते हुए तीन करोड़ से ज्यादा धनराशि वसूल की।
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