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खाकी की सुरक्षा में सेंध, कालिका मंदिर से मूर्ति चोरी
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सरेनी (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में सोमवार रात मुरारमऊ गांव स्थित कालिका मंदिर से करीब 300 वर्ष पुरानी कालीजी की मूर्ति चोरी हो गई।
सुबह जब मूर्ति चोरी हो जाने का पता चला तो आक्रोशित भक्त मंदिर के पास आमरण अनशन पर बैठ गए। मंदिर के पुजारी का कहना है कि चोरी हुई मूर्ति अष्टधातु की थी।
उसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। उधर, पुलिस का दावा है कि चोरी मूर्ति पत्थर की थी। जांच के दौरान मूर्ति के कुछ अवशेष बरामद कर लिए गए हैं। साथ ही कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
सरेनी के मुरारमऊ गांव में कालिका मंदिर है। मंदिर की देखरेख पुजारी राजेंद्र शर्मा करते हैं। मंगलवार सुबह पुजारी मंदिर पहुंचे तो मंदिर से कालीजी की मूर्ति नदारद थी।
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यह देख दंग रह गए। जानकारी होते ही वहां मजमा लग गया। सूचना पर एसओ राकेश सिंह और सीओ लालगंज लक्ष्मीकांत गौतम भी पहुंच गए। पुजारी का कहना है कि अष्टधातु की मूर्ति चोरी हुई है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास है।
इधर, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों की अगुवाई में भक्त मंदिर के पास आमरण अनशन पर बैठ गए। सबका कहना था कि पहले पुलिस चोरी गई अष्टधातु की मूर्ति बरामद करें, इसके बाद ही अनशन तोड़ा जाएगा।
शिव कुमार, गंगाधर लोधी, राकेश यादव, सुशील वाजपेयी, अजय द्विवेदी आदि ने प्रदर्शन किया और घटना पर नाराजगी जताई। सीओ ने घटना की जांच की और पुजारी समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।
उधर, देर शाम पुलिस ने मंदिर से कुछ दूरी पर मूर्ति के कुछ अवशेष बरामद कर लिए। पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर घटना के बारे में पड़ताल कर रही है।
आए थे अष्टधातु की मूर्ति चुराने, पर ले गए पत्थर की
एसओ सरेनी राकेश सिंह का कहना है कि चोर मंदिर में रखी अष्टधातु मूर्ति चुराने आए थे, लेकिन जानकारी के अभाव में पत्थर की मूर्ति चुरा ले गए। जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे।
मंदिर से जो मूर्ति चोरी की गई है, वह पत्थर की थी। घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक झोले में मूर्ति के कुछ अवशेष भी बरामद कर लिए गए हैं। घटना में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है।
लक्ष्मीकांत गौतम, सीओ, लालगंज
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सुबह जब मूर्ति चोरी हो जाने का पता चला तो आक्रोशित भक्त मंदिर के पास आमरण अनशन पर बैठ गए। मंदिर के पुजारी का कहना है कि चोरी हुई मूर्ति अष्टधातु की थी।
उसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। उधर, पुलिस का दावा है कि चोरी मूर्ति पत्थर की थी। जांच के दौरान मूर्ति के कुछ अवशेष बरामद कर लिए गए हैं। साथ ही कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
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सरेनी के मुरारमऊ गांव में कालिका मंदिर है। मंदिर की देखरेख पुजारी राजेंद्र शर्मा करते हैं। मंगलवार सुबह पुजारी मंदिर पहुंचे तो मंदिर से कालीजी की मूर्ति नदारद थी।
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यह देख दंग रह गए। जानकारी होते ही वहां मजमा लग गया। सूचना पर एसओ राकेश सिंह और सीओ लालगंज लक्ष्मीकांत गौतम भी पहुंच गए। पुजारी का कहना है कि अष्टधातु की मूर्ति चोरी हुई है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास है।
इधर, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों की अगुवाई में भक्त मंदिर के पास आमरण अनशन पर बैठ गए। सबका कहना था कि पहले पुलिस चोरी गई अष्टधातु की मूर्ति बरामद करें, इसके बाद ही अनशन तोड़ा जाएगा।
शिव कुमार, गंगाधर लोधी, राकेश यादव, सुशील वाजपेयी, अजय द्विवेदी आदि ने प्रदर्शन किया और घटना पर नाराजगी जताई। सीओ ने घटना की जांच की और पुजारी समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।
उधर, देर शाम पुलिस ने मंदिर से कुछ दूरी पर मूर्ति के कुछ अवशेष बरामद कर लिए। पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर घटना के बारे में पड़ताल कर रही है।
आए थे अष्टधातु की मूर्ति चुराने, पर ले गए पत्थर की
एसओ सरेनी राकेश सिंह का कहना है कि चोर मंदिर में रखी अष्टधातु मूर्ति चुराने आए थे, लेकिन जानकारी के अभाव में पत्थर की मूर्ति चुरा ले गए। जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे।
मंदिर से जो मूर्ति चोरी की गई है, वह पत्थर की थी। घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक झोले में मूर्ति के कुछ अवशेष भी बरामद कर लिए गए हैं। घटना में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है।
लक्ष्मीकांत गौतम, सीओ, लालगंज