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डीह ब्लॉक क्षेत्र के पूरे मदे खां मजरे टेकारी में फैली बीमारी
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:32 PM IST
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डायरिया से बालिका की मौत, सात पीड़ित
डीह (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र के पूरे मदे खां मजरे टेकारी दांदू गांव में सोमवार रात डायरिया फैलने से एक बालिका की मौत हो गई। सात लोग बीमार हैं। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और बीमार लोगों का इलाज किया। बीमार लोगों में बच्चों की संख्या अधिक है। अफसरों की मानें तो दूषित पानी पीने और गंदगी होने की वजह से डायरिया फैला है।
पूरे मदे खां मजरे टेकारी गांव में रात में एक के बाद एक लोग डायरिया की चपेट में आ गए। गांव निवासी रुखसार की आठ वर्षीय बेटी अरबिना को उल्टी-दस्त होने पर परिवारीजन सीएचसी डीह ले गए। जहां से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई। इसके अलावा रुखसार की ही बेटी अरपिना (4), बेटा चांदबाबू (3) भी डायरिया से बीमार है। गांव के ही अकलीम की बेटी जारा (5), इश्तियाक (70), उसकी बेटी शफरुन (24), तबरुन (31) और लईक की बेटी इस्मा (4) उल्टी-दस्त से पीड़ित है। सूचना पर सीएचसी प्रभारी राजेश गौतम टीम के साथ गांव पहुंचे। बीमार लोगों का इलाज कर दवाएं दी। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि दूषित पानी पीने और गंदगी के चलते लोग डायरिया की चपेट में आए। एक बालिका की मौत हुई, जबकि अन्य की हालत में सुधार है। गांव पर नजर रखी जा रही है। वहीं बेटी अरबिना की मौत से परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। पिता रुखसार कहते हैं कि सब कुछ ठीकठाक था। अचानक बेटी को पेट में दर्द हुआ और फिर उल्टी-दस्त होने लगे। उसे जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
हैंडपंप उगल रहे दूषित पानी
पूरे मदे खां गांव में लगे तीन हैंडप्पंप खराब हैं। जो हैंडपंप चल रहे हैं, वे दूषित पानी उगल रहे हैं। गांव में हर तरफ गंदगी फैली है। दूषित पानी के सेवन और गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैला। बावजूद हैंडपंपों को ठीक कराने को लेकर ध्यान नहीं दिया गया। इससे लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि हैंडपंप ठीक होते और साफ-सफाई होती तो लोग डायरिया की चपेट में कर्तई न आते।
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डीह (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र के पूरे मदे खां मजरे टेकारी दांदू गांव में सोमवार रात डायरिया फैलने से एक बालिका की मौत हो गई। सात लोग बीमार हैं। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और बीमार लोगों का इलाज किया। बीमार लोगों में बच्चों की संख्या अधिक है। अफसरों की मानें तो दूषित पानी पीने और गंदगी होने की वजह से डायरिया फैला है।
पूरे मदे खां मजरे टेकारी गांव में रात में एक के बाद एक लोग डायरिया की चपेट में आ गए। गांव निवासी रुखसार की आठ वर्षीय बेटी अरबिना को उल्टी-दस्त होने पर परिवारीजन सीएचसी डीह ले गए। जहां से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई। इसके अलावा रुखसार की ही बेटी अरपिना (4), बेटा चांदबाबू (3) भी डायरिया से बीमार है। गांव के ही अकलीम की बेटी जारा (5), इश्तियाक (70), उसकी बेटी शफरुन (24), तबरुन (31) और लईक की बेटी इस्मा (4) उल्टी-दस्त से पीड़ित है। सूचना पर सीएचसी प्रभारी राजेश गौतम टीम के साथ गांव पहुंचे। बीमार लोगों का इलाज कर दवाएं दी। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि दूषित पानी पीने और गंदगी के चलते लोग डायरिया की चपेट में आए। एक बालिका की मौत हुई, जबकि अन्य की हालत में सुधार है। गांव पर नजर रखी जा रही है। वहीं बेटी अरबिना की मौत से परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। पिता रुखसार कहते हैं कि सब कुछ ठीकठाक था। अचानक बेटी को पेट में दर्द हुआ और फिर उल्टी-दस्त होने लगे। उसे जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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हैंडपंप उगल रहे दूषित पानी
पूरे मदे खां गांव में लगे तीन हैंडप्पंप खराब हैं। जो हैंडपंप चल रहे हैं, वे दूषित पानी उगल रहे हैं। गांव में हर तरफ गंदगी फैली है। दूषित पानी के सेवन और गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैला। बावजूद हैंडपंपों को ठीक कराने को लेकर ध्यान नहीं दिया गया। इससे लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि हैंडपंप ठीक होते और साफ-सफाई होती तो लोग डायरिया की चपेट में कर्तई न आते।
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