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Raebareli News: 100 गांवों की बिजली गुल, पानी को तरसे
Sun, 27 Jul 2025 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:17 AM IST
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गोराबाजार में शाम फॉल्ट ठीक करता कर्मचारी।
रायबरेली। जिले में बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। शुक्रवार रात बारिश के कारण कहीं तार टूटने तो कहीं फॉल्ट आने से बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। 100 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। शनिवार शाम तक इन गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। उन्हें पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
शुक्रवार शाम छह बजे बारिश शुरू हुई। शहर के गोराबाजार, प्रगतिपुरम, आईटीआई, तेलियाकोट उपकेंद्र से जुड़े 10 मोहल्लों की बिजली रात आठ से रात 10 बजे तक गुल रही। लोगों ने अफसरों को फोन किए। इसके बाद फॉल्ट ठीक करके कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति बहाल की। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण अंचलों में रही।
जगतपुर उपकेंद्र से निकले थुलरई फीडर का तार बाईपास के पास टूट गया। इससे छह बजे से रात 11 बजे तक बिजली गुल रही। लालगंज क्षेत्र के बेहटा उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली 12 बजे बहाल हो पाई। पोरई विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन पर कई जगह पेड़ गिर गए। इससे पूरी रात बिजली गुल रही। शनिवार की सुबह नौ बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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महराजगंज, बछरावां, शिवगढ़, ऊंचाहार और गदागंज उपकेंद्र से जुड़े गांव भी शाम छह बजे से रात 10 बजे तक अंधेरे में रहे। सबसे खराब हालात विद्युत उपकेंद्र कठगर की रही। इस उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों की बिजली अब तक बहाल नहीं हो पाई। कहीं पर पेड़ की डालियां तारों पर गिर गई, तो कहीं पर तार टूट गए।
पावर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि बारिश और हवा चलने से समस्या आई थी। सभी जगह बिजली बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जेई नहीं उठाते फोन, अक्सर गुल रहती बिजली
खागीपुर सड़वा के रहने वाले उपभोक्ता प्रमोद कुमार, राजापुर गांव निवासी राजाराम, रामू यादव ने बताया कि कठगर फीडर की लाइन अक्सर बंद रहती है। पेड़ की डालों के बीच निकले तार मामूली हवा में टूट जाते हैं। लोगों का कहना है कि शायद ही कोई ऐसा दिन हो, जिस दिन फॉल्ट न आए। पेड़ की डालों की छटाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है।
सैदनपुर गांव के रहने वाले करुणाशंकर ने बताया कि अभियंता व उपकेंद्र के कर्मचारी फोन नहीं उठाते हैं। इससे यह पता नहीं चल पाता है कि बिजली आएगी या नहीं। जर्जर और ढीले ताराें को कसवाया नहीं जा रहा है। बिजली नहीं आने से पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। बल्दी सिंह का पुरवा गांव निवासी रामकेस ने बताया कि शुक्रवार शाम चार बजे से बिजली गुल है।
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शुक्रवार शाम छह बजे बारिश शुरू हुई। शहर के गोराबाजार, प्रगतिपुरम, आईटीआई, तेलियाकोट उपकेंद्र से जुड़े 10 मोहल्लों की बिजली रात आठ से रात 10 बजे तक गुल रही। लोगों ने अफसरों को फोन किए। इसके बाद फॉल्ट ठीक करके कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति बहाल की। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण अंचलों में रही।
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जगतपुर उपकेंद्र से निकले थुलरई फीडर का तार बाईपास के पास टूट गया। इससे छह बजे से रात 11 बजे तक बिजली गुल रही। लालगंज क्षेत्र के बेहटा उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली 12 बजे बहाल हो पाई। पोरई विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन पर कई जगह पेड़ गिर गए। इससे पूरी रात बिजली गुल रही। शनिवार की सुबह नौ बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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महराजगंज, बछरावां, शिवगढ़, ऊंचाहार और गदागंज उपकेंद्र से जुड़े गांव भी शाम छह बजे से रात 10 बजे तक अंधेरे में रहे। सबसे खराब हालात विद्युत उपकेंद्र कठगर की रही। इस उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों की बिजली अब तक बहाल नहीं हो पाई। कहीं पर पेड़ की डालियां तारों पर गिर गई, तो कहीं पर तार टूट गए।
पावर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि बारिश और हवा चलने से समस्या आई थी। सभी जगह बिजली बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जेई नहीं उठाते फोन, अक्सर गुल रहती बिजली
खागीपुर सड़वा के रहने वाले उपभोक्ता प्रमोद कुमार, राजापुर गांव निवासी राजाराम, रामू यादव ने बताया कि कठगर फीडर की लाइन अक्सर बंद रहती है। पेड़ की डालों के बीच निकले तार मामूली हवा में टूट जाते हैं। लोगों का कहना है कि शायद ही कोई ऐसा दिन हो, जिस दिन फॉल्ट न आए। पेड़ की डालों की छटाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है।
सैदनपुर गांव के रहने वाले करुणाशंकर ने बताया कि अभियंता व उपकेंद्र के कर्मचारी फोन नहीं उठाते हैं। इससे यह पता नहीं चल पाता है कि बिजली आएगी या नहीं। जर्जर और ढीले ताराें को कसवाया नहीं जा रहा है। बिजली नहीं आने से पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। बल्दी सिंह का पुरवा गांव निवासी रामकेस ने बताया कि शुक्रवार शाम चार बजे से बिजली गुल है।