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10,548 बच्चे बौने व वजन भी काफी कम
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रायबरेली। जिले में पांच साल की उम्र तक के 10,548 बच्चे बौने और कम वजन के पाए गए हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से 2,46,587 बच्चों के वजन के साथ ही लंबाई भी नापी गई, जिसमें 1779 बच्चे अतिकुपोषित मिले, जबकि 8469 बच्चे कुपोषित पाए गए। कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के बाद अब उन्हें सेहतमंद बनाने का काम शुरू होगा। इसके लिए उपकेंद्रों पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की सेहत की जांच होगी।
शासन की मंशा पर जिले में अभियान चलाकर 2,46,587 का वजन किया गया। बच्चों की लंबाई भी नापी गई। जिले के 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह काम किया गया। जांच में शून्य से पांच वर्ष की उम्र के 2,36,339 स्वस्थ पाए गए। जिले में 1779 बच्चे अतिकुपोषित मिले। इनकी लंबाई कम होने के साथ ही वजन भी तय मानक से बहुत कम मिला। 8469 बच्चे ऐसे मिले जो कुपोषण की श्रेणी में हैं। इन बच्चों को जल्द ही स्वस्थ बनाया जा सकता है।
बच्चों की जांच करके कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के बाद अब बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग की मदद से बच्चों को सेहतमंद बनाने के प्रयास में जुट गया है। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीमें पहुंचकर इन बच्चों की सेहत की जांच करेंगी। हर महीने सेंटरों पर होने वाले कैंप में भी बच्चों की जांच की जाएगी। कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा, जबकि अति कुपोषित बच्चों के इलाज के बंदोबस्त किए जाएंगे। गंभीर रूप से बीमार मिलने वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती भी कराया जा सकता है।
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जांच में जिले में मिले कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चे
ब्लॉक का नाम कुपोषित बच्चे अति कुपोषित बच्चे
सरेनी 624 62
ऊंचाहार 1408 171
हरचंदपुर 183 124
सतांव 542 136
खीरों 554 138
डलमऊ 258 48
जगतपुर 567 119
राही 366 110
बछरावां 414 82
महराजगंज 482 77
लालगंज 415 72
शिवगढ़ 419 82
अमावां 560 76
रोहनियां 344 98
गौरा 193 85
सलोन 121 88
डीह 168 43
छतोह 562 96
शहरी क्षेत्र 480 72
कुल 8469 1779
जिले में 2,46,587 की जांच की गई। इसमें शून्य से पांच वर्ष की उम्र के 2,36,339 स्वस्थ पाए गए। 1779 बच्चे अतिकुपोषित और 8469 कुपोषित मिले हैं। चिह्नित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए इसी महीने से काम शुरू होगा। -शरद त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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शासन की मंशा पर जिले में अभियान चलाकर 2,46,587 का वजन किया गया। बच्चों की लंबाई भी नापी गई। जिले के 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह काम किया गया। जांच में शून्य से पांच वर्ष की उम्र के 2,36,339 स्वस्थ पाए गए। जिले में 1779 बच्चे अतिकुपोषित मिले। इनकी लंबाई कम होने के साथ ही वजन भी तय मानक से बहुत कम मिला। 8469 बच्चे ऐसे मिले जो कुपोषण की श्रेणी में हैं। इन बच्चों को जल्द ही स्वस्थ बनाया जा सकता है।
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बच्चों की जांच करके कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के बाद अब बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग की मदद से बच्चों को सेहतमंद बनाने के प्रयास में जुट गया है। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीमें पहुंचकर इन बच्चों की सेहत की जांच करेंगी। हर महीने सेंटरों पर होने वाले कैंप में भी बच्चों की जांच की जाएगी। कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा, जबकि अति कुपोषित बच्चों के इलाज के बंदोबस्त किए जाएंगे। गंभीर रूप से बीमार मिलने वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती भी कराया जा सकता है।
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जांच में जिले में मिले कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चे
ब्लॉक का नाम कुपोषित बच्चे अति कुपोषित बच्चे
सरेनी 624 62
ऊंचाहार 1408 171
हरचंदपुर 183 124
सतांव 542 136
खीरों 554 138
डलमऊ 258 48
जगतपुर 567 119
राही 366 110
बछरावां 414 82
महराजगंज 482 77
लालगंज 415 72
शिवगढ़ 419 82
अमावां 560 76
रोहनियां 344 98
गौरा 193 85
सलोन 121 88
डीह 168 43
छतोह 562 96
शहरी क्षेत्र 480 72
कुल 8469 1779
जिले में 2,46,587 की जांच की गई। इसमें शून्य से पांच वर्ष की उम्र के 2,36,339 स्वस्थ पाए गए। 1779 बच्चे अतिकुपोषित और 8469 कुपोषित मिले हैं। चिह्नित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए इसी महीने से काम शुरू होगा। -शरद त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी