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जेल में बॉडी बनाने के चक्कर में गई जान
मुजफ्फरनगर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2013 11:51 AM IST
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उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला कारागार में कसरत ने एक बंदी की जान ले ली।
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बॉडी बनाने के चक्कर में बंदी ने गलत तरीके से वर्जिश की, इससे उसकी आंत
में ऐंठन आ गई। हालत बिगड़ने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया। जहां
उसकी मौत हो गई।
शामली जिले में कांधला क्षेत्र के ताहरपुर भभीसा गांव निवासी बंदी 24 वर्षीय अमित पुत्र बाबूराम ने 17 जुलाई की शाम पेट में दर्द होने की शिकायत की थी। जेल अस्पताल में रातभर उपचार किए जाने के बाद भी आराम नहीं मिला। अगले दिन पहले उसे जिला अस्पताल और फिर मेरठ रेफर कर दिया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि बड़ी आंत में ऐंठन आ गई है। 19 जुलाई को बंदी अमित का ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब भी जान नहीं बच सकी। उपचार के दौरान बंदी की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जेल चिकित्सक डॉ. चंद्रगुप्त ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘एसफाइसिया (आंत की ऐंठन)’ आया है।
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बंदी जेल में भी वर्जिश किया करता था। गलत तरीके से वर्जिश करने के कारण आंत में आई ऐंठन उसकी मौत का कारण बनी है। जेलर मिजाजी लाल के अनुसार बंदी के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
होली के हुडदंग में गया था जेल
अमित बीए द्वितीय का छात्र था। होली पर हुड़दंग के दौरान गांव के ही रितेश के साथ मारपीट और फायरिंग हुई थी। पुलिस ने क्रास केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था। रितेश की जमानत हो गई थी, जबकि अमित की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई विचाराधीन थी।
परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
परिजनों ने जेल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के चाचा हरपाल सिंह का कहना है कि अमित पहले से ही पहलवानी करता था, तब तो उसे कुछ नहीं हुआ। आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि कसरत से उसकी आंत में ऐंठन आ गई।
शामली जिले में कांधला क्षेत्र के ताहरपुर भभीसा गांव निवासी बंदी 24 वर्षीय अमित पुत्र बाबूराम ने 17 जुलाई की शाम पेट में दर्द होने की शिकायत की थी। जेल अस्पताल में रातभर उपचार किए जाने के बाद भी आराम नहीं मिला। अगले दिन पहले उसे जिला अस्पताल और फिर मेरठ रेफर कर दिया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि बड़ी आंत में ऐंठन आ गई है। 19 जुलाई को बंदी अमित का ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब भी जान नहीं बच सकी। उपचार के दौरान बंदी की मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जेल चिकित्सक डॉ. चंद्रगुप्त ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘एसफाइसिया (आंत की ऐंठन)’ आया है।
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बंदी जेल में भी वर्जिश किया करता था। गलत तरीके से वर्जिश करने के कारण आंत में आई ऐंठन उसकी मौत का कारण बनी है। जेलर मिजाजी लाल के अनुसार बंदी के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
होली के हुडदंग में गया था जेल
अमित बीए द्वितीय का छात्र था। होली पर हुड़दंग के दौरान गांव के ही रितेश के साथ मारपीट और फायरिंग हुई थी। पुलिस ने क्रास केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था। रितेश की जमानत हो गई थी, जबकि अमित की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई विचाराधीन थी।
परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
परिजनों ने जेल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के चाचा हरपाल सिंह का कहना है कि अमित पहले से ही पहलवानी करता था, तब तो उसे कुछ नहीं हुआ। आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि कसरत से उसकी आंत में ऐंठन आ गई।