जिया उल हक हत्याकांड : फैसले के बाद बलीपुर में हलचल हुई तेज, अलर्ट मोड में आई पुलिस
हथिगवां के बलीपुर में प्रधान नन्हे सिंह यादव की हत्या के बाद बवाल के बीच उसके भाई सुरेश की गोली लगने से मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने प्रधान के घर पीछे के रास्ते से पहुंचे सीओ जिया उल हक की बेरहमी से पिटाई करने के उपरांत गोली मारकर हत्या कर दी। 11 साल बाद शुक्रवार को सीओ की हत्या का फैसला आते ही बलीपुर में हलचल तेज हो गई।
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कुंडा सीओ रहे जिया उल हक हत्याकांड के दस आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के 11 साल बाद में बलीपुर में हलचल तेज हो गई है। मृतक प्रधान नन्हे सिंह के घर की महिलाओं ने चुप्पी साध रखी है। स्थानीय पुलिस भी इलाके के माहौल पर नजर रखे हुए है।
हथिगवां के बलीपुर में प्रधान नन्हे सिंह यादव की हत्या के बाद बवाल के बीच उसके भाई सुरेश की गोली लगने से मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने प्रधान के घर पीछे के रास्ते से पहुंचे सीओ जिया उल हक की बेरहमी से पिटाई करने के उपरांत गोली मारकर हत्या कर दी। 11 साल बाद शुक्रवार को सीओ की हत्या का फैसला आते ही बलीपुर में हलचल तेज हो गई।
सीओ की हत्या में प्रधान नन्हें सिंह के बेटे योगेंद्र उर्फ बबलू व भाई पवन, फूलचंद्र और गार्ड मंजीत को मुख्य आरोपी बनाया गया था। जमानत न मिलने के कारण पवन व फूलचंद्र जेल में ही हैं। दोषी करार देने की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों ने खामोशी धारण कर ली है। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं।
घर जाने की तैयारी छोड़ भागे थे बलीपुर
कुंडा सीओ रहे जिया उल हक 2 मार्च 2013 की शाम अफसरों से अवकाश स्वीकृत होने के बाद घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच घटना की जानकारी मिलने पर वह बलीपुर के लिए निकल पड़े।
सीओ को गोली मारने के आरोपी की हो चुकी है मौत, राजा भैया के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर के प्रधान रहे नन्हे सिंह के बेटे योगेंद्र यादव उर्फ बबलू यादव को सीबीआई ने मुख्य हत्यारोपी माना था। उसी पर गोली मारने का आरोप था। हालांकि नाबालिग होने के कारण 2016 में वह जेल से छूट गया था। रायबरेली जनपद के ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अरखा गांव के करीब ट्रक ने उसे रौंद दिया। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
सीओ हत्याकांड के मुख्य आरोपी की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके चाचा सुधीर ने कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह, एमएलसी अक्षय प्रताप समेत पांच लोगों पर साजिश करके हत्या करने का आरोप लगाते हुए रायबरेली के ऊंचाहार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि राजा भैया ने साजिश करके योगेन्द्र यादव को ट्रक से कुचलवाकर उसकी हत्या कराई है। बहरहाल, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद राजा भैया समेत अन्य को क्लीन चिट दे दी।