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नर्मिाण कराए बिना ही निकाल ली 235 शौचालयों की धनराशि
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निर्माण कराए बिना ही निकाल ली 235 शौचालयों की धनराशि
ग्राम पंचायत अधिकारी का वेतन रोक मांगा गया स्पष्टीकरण
स्वच्छ भारत अभियान में पांच ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
रानीगंज कैथौला। पांच ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही लाखों रुपये निकाल लिए गए। यह मामला जब अफसरों की जानकारी में आया तो उनके होश उड़ गए। संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी का वेतन रोकते हुए उससे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत लालगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत बासूपुर, बरीबोझ, रोहाड़ा, डगरारा व भोजपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश तिवारी की देखरेख में कुल 1432 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। शौचालय के निर्माण के लिए विभाग ने ग्राम पंचायतों के खातों में पूरी रकम भेज दी। लेकिन बासूपुर में 326 की जगह 277 शौचालय ही बनवाए गए। इसी तरह बरीबोझ में 110 की जगह 85, रोहाड़ा में 307 की जगह 247, डगरारा में 360 की जगह 305 व भोजपुर में 329 की जगह 283 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया। इस तरह पांच ग्राम पंचायतों में कुल 235 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही करीब 28 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसकी जानकारी होने पर अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। अफसरों के निर्देश पर लालगंज ब्लाक के एडीओ पंचाचत बाबूलाल पांडेय ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश तिवारी का जून माह का वेतन रोकते हए स्पष्टीकरण तलब किया है। स्पष्टीकरण नहीं देने पर ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। जो भी हो एडीओ पंचायत बाबूलाल पांडेय के पत्र से साफ हो गया है कि गांव में सैकड़ों शौचालयों को निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। लेकिन खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए। इसके लिए विभाग सीधे तौर पर ग्राम पंचायत अधिकारी को जिम्मेदार मान कर चल रहा है।
वर्जन---
शौचालयों के निर्माण के बिना ही रुपये निकाले जाने की जानकारी पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद घपला या सरकारी धनराशि का बंदरबांट की पुष्टि हुई तो आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ
इनसेट--
घपला साबित हुआ तो बनेगा अफसरों के गले की फांस
रानीगंज कैथौला। पांच गांवों में 235 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही पैसा निकाला गया है। एक शौचालय के लिए अगर 12 हजार रुपये विभाग की ओर से भेजे गए हैं तो 235 शौचालयों के लिए करीब 28 लाख रुपये निकाले जाने का अनुमान है। मामले में लीपापोती नहीं की गई तो साफ है कि सारी धनराशि हड़पने की तैयारी थी। यह भी तय है कि इतना बड़ा घपला अफसरों के मिलीभगत के बिना ग्राम पंचायत अधिकारी अकेले नहीं कर सकता। प्रधानों की भूमिका पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है। मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो रुपये के बंदरबांट में ब्लाक के बड़े अफसरों का भी नाम जुड़ सकता है। मामले का खुलासा होने से हडक़ंप मचा हुआ है। एडीओ ने चौबीस जून को ही ग्राम पंचायत अधिकारी के नाम नोटिस जारी किया था। पहले तो इसे छिपाकर सबकु छ दुरुस्त करने की तैयारी थी, लेनिक अचानक किसी ने एडीओ के पत्र को सोशल मीडिया पर शौचालयों के निर्माण में बड़ा घपला बताकर वायरल कर दिया। जिसके बाद से ब्लाक प्रशासन ने चुप्पी साध ली है।
इनसेट--
घोटाला छिपाने के लिए शुरू कराया गया निर्माण
रानीगंज कैथौला। लालगंज विकास खंड के बासूपुर, बरीबोझ, रोहाड़ा, डगरारा व भोजपुर में शौचालय निर्माण के बिना ही लाखों रुपये निकालने का मामला मीडिया में आते ही अफसर अपनी साख बचाने में जुट गए। गांवों में युद्धस्तर पर रात-दिन शौचालयों का निर्माण कार्य कराए जाने की सूचना भी मिल रही है। प्रयास यह है कि स्पष्टीकरण व जांच की प्रक्रिया को लटकाए रखते हुए आननफानन में शौचालयों का निर्माण किसी तरह पूरा करा लिया जाए। यह सब ब्लाक के अफसरों की जानकारी में भी है, लेकिन लीपापोती के चक्क र में सब चुप्पी साधे हुए हैं।
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ग्राम पंचायत अधिकारी का वेतन रोक मांगा गया स्पष्टीकरण
स्वच्छ भारत अभियान में पांच ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
रानीगंज कैथौला। पांच ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही लाखों रुपये निकाल लिए गए। यह मामला जब अफसरों की जानकारी में आया तो उनके होश उड़ गए। संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी का वेतन रोकते हुए उससे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत लालगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत बासूपुर, बरीबोझ, रोहाड़ा, डगरारा व भोजपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश तिवारी की देखरेख में कुल 1432 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। शौचालय के निर्माण के लिए विभाग ने ग्राम पंचायतों के खातों में पूरी रकम भेज दी। लेकिन बासूपुर में 326 की जगह 277 शौचालय ही बनवाए गए। इसी तरह बरीबोझ में 110 की जगह 85, रोहाड़ा में 307 की जगह 247, डगरारा में 360 की जगह 305 व भोजपुर में 329 की जगह 283 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया। इस तरह पांच ग्राम पंचायतों में कुल 235 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही करीब 28 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसकी जानकारी होने पर अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। अफसरों के निर्देश पर लालगंज ब्लाक के एडीओ पंचाचत बाबूलाल पांडेय ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश तिवारी का जून माह का वेतन रोकते हए स्पष्टीकरण तलब किया है। स्पष्टीकरण नहीं देने पर ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। जो भी हो एडीओ पंचायत बाबूलाल पांडेय के पत्र से साफ हो गया है कि गांव में सैकड़ों शौचालयों को निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। लेकिन खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए। इसके लिए विभाग सीधे तौर पर ग्राम पंचायत अधिकारी को जिम्मेदार मान कर चल रहा है।
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शौचालयों के निर्माण के बिना ही रुपये निकाले जाने की जानकारी पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद घपला या सरकारी धनराशि का बंदरबांट की पुष्टि हुई तो आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ
इनसेट--
घपला साबित हुआ तो बनेगा अफसरों के गले की फांस
रानीगंज कैथौला। पांच गांवों में 235 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही पैसा निकाला गया है। एक शौचालय के लिए अगर 12 हजार रुपये विभाग की ओर से भेजे गए हैं तो 235 शौचालयों के लिए करीब 28 लाख रुपये निकाले जाने का अनुमान है। मामले में लीपापोती नहीं की गई तो साफ है कि सारी धनराशि हड़पने की तैयारी थी। यह भी तय है कि इतना बड़ा घपला अफसरों के मिलीभगत के बिना ग्राम पंचायत अधिकारी अकेले नहीं कर सकता। प्रधानों की भूमिका पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है। मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो रुपये के बंदरबांट में ब्लाक के बड़े अफसरों का भी नाम जुड़ सकता है। मामले का खुलासा होने से हडक़ंप मचा हुआ है। एडीओ ने चौबीस जून को ही ग्राम पंचायत अधिकारी के नाम नोटिस जारी किया था। पहले तो इसे छिपाकर सबकु छ दुरुस्त करने की तैयारी थी, लेनिक अचानक किसी ने एडीओ के पत्र को सोशल मीडिया पर शौचालयों के निर्माण में बड़ा घपला बताकर वायरल कर दिया। जिसके बाद से ब्लाक प्रशासन ने चुप्पी साध ली है।
इनसेट--
घोटाला छिपाने के लिए शुरू कराया गया निर्माण
रानीगंज कैथौला। लालगंज विकास खंड के बासूपुर, बरीबोझ, रोहाड़ा, डगरारा व भोजपुर में शौचालय निर्माण के बिना ही लाखों रुपये निकालने का मामला मीडिया में आते ही अफसर अपनी साख बचाने में जुट गए। गांवों में युद्धस्तर पर रात-दिन शौचालयों का निर्माण कार्य कराए जाने की सूचना भी मिल रही है। प्रयास यह है कि स्पष्टीकरण व जांच की प्रक्रिया को लटकाए रखते हुए आननफानन में शौचालयों का निर्माण किसी तरह पूरा करा लिया जाए। यह सब ब्लाक के अफसरों की जानकारी में भी है, लेकिन लीपापोती के चक्क र में सब चुप्पी साधे हुए हैं।