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चंद्रमा दर्शन से आज होगी छठ पूजा की शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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सर्व मनोकामना सिद्धि के लिए रखा जाने वाला डाला छठ का व्रत मंगलवार से शुरू हो जाएगा। इस दिन व्रती महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को सात बजे के बाद चंद्रमा का दर्शन कर उनको खीर-रोट का अर्घ्य देकर बाद में इसको प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगी।
वैसे तो नहाय-खाय के बाद से ही छठ पूजा की शुरुआत प्रतीकात्मक रूप से हो जाती है। हालांकि उसके एक दिन पहले का विशेष महत्व होता है। वास्तव में इस दिन से पूजा की शुरुआत होती है। सूर्य देवता का आशीर्वाद और परिवार की खुशहाली की कामना से महिलाएं इस व्रत को रखती हैं। उधर छठ पूजा की तैयारी को लेकर सोमवार को बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। दिवाली के बाद दुकानों पर लगभग सन्नाटा पसर गया था, मगर सोमवार को श्रृंगार और कपड़ों की दुकान पर महिलाओं की भीड़ उमडने से एक बार रौनक आ गई। जिले में पूर्वांचल के लोगों की अच्छी-खासी संख्या होने के कारण यहां भी जोर-शोर से छठ पूजन समारोह का आयोजन होता है।
सई नदी में सूर्य को अर्घ्य देने कल उमड़ेगी भीड़
छठ पूजा के लिये 26 अक्तूबर को निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं दोपहर में तीन बजे बेल्हा देवी घाट पर एकत्र होंगी। वहां से पूजा की सारी तैयारियां करके सभी लोग सई नदी के जल में उतरकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी। उसके बाद पूजन आदि करेंगी। फिर घर आकर कोशी पूजन होगा।
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पूर्वांचल की ट्रेनों में बढ़ी भीड़
पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनों में सोमवार को भारी भीड़ देखी गई। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर भी घर जाने के लिए लोग साधन का इंतजार करते रहे। जिले में नौकरी करने वाले अधिकांश लोग ऐसे हैं, जो दिवाली की छुट्टी में घर गए, मगर अभी तक लौट कर नहीं आए हैं।
साफ-सफाई का चला अभियान
सई तट पर फैली गंदगी की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होते ही ईओ नगरपालिका के नेतृत्व में सोमवार को सफाई अभियान चला। मंदिर के सेवकों ने भी इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वैसे तो नहाय-खाय के बाद से ही छठ पूजा की शुरुआत प्रतीकात्मक रूप से हो जाती है। हालांकि उसके एक दिन पहले का विशेष महत्व होता है। वास्तव में इस दिन से पूजा की शुरुआत होती है। सूर्य देवता का आशीर्वाद और परिवार की खुशहाली की कामना से महिलाएं इस व्रत को रखती हैं। उधर छठ पूजा की तैयारी को लेकर सोमवार को बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। दिवाली के बाद दुकानों पर लगभग सन्नाटा पसर गया था, मगर सोमवार को श्रृंगार और कपड़ों की दुकान पर महिलाओं की भीड़ उमडने से एक बार रौनक आ गई। जिले में पूर्वांचल के लोगों की अच्छी-खासी संख्या होने के कारण यहां भी जोर-शोर से छठ पूजन समारोह का आयोजन होता है।
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सई नदी में सूर्य को अर्घ्य देने कल उमड़ेगी भीड़
छठ पूजा के लिये 26 अक्तूबर को निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं दोपहर में तीन बजे बेल्हा देवी घाट पर एकत्र होंगी। वहां से पूजा की सारी तैयारियां करके सभी लोग सई नदी के जल में उतरकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी। उसके बाद पूजन आदि करेंगी। फिर घर आकर कोशी पूजन होगा।
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पूर्वांचल की ट्रेनों में बढ़ी भीड़
पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनों में सोमवार को भारी भीड़ देखी गई। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर भी घर जाने के लिए लोग साधन का इंतजार करते रहे। जिले में नौकरी करने वाले अधिकांश लोग ऐसे हैं, जो दिवाली की छुट्टी में घर गए, मगर अभी तक लौट कर नहीं आए हैं।
साफ-सफाई का चला अभियान
सई तट पर फैली गंदगी की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होते ही ईओ नगरपालिका के नेतृत्व में सोमवार को सफाई अभियान चला। मंदिर के सेवकों ने भी इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।