प्रतापगढ़ : बेटी पैदा होने पर तोड़ दिया पत्नी का पैर, पैर में प्लास्टर चढ़वाकर एसपी के दफ्तर पहुंची महिला
बेटी के जन्म पर ससुराल के लोगों ने खुशी मनाई थी। करीब एक वर्ष पहले दूसरी बेटी का जन्म हुआ। तब से ससुरालियों की नजर बदल गई। उन्होंने बेटा पैदा होने की उम्मीद लगा रखी थी। उसे ताने मारे गए, मासूम बेटी को जली कटी बातें कहीं गईं।
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साहब, दूसरी बेटी पैदा होने के बाद पति तथा ससुराल वालों ने बहुत सताया। वे बेटा पैदा न होने पर नाराज थे। प्रताड़ित करते हुए पैर तोड़ दिया। हद से अधिक उत्पीड़न बर्दाश्त से बाहर हो गया। मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अब आप ही इंसाफ करें।
यह आरोप शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंची ससुरालियों से पीड़ित महिला ने लगाया। रायबरेली जनपद के सलवन थाना क्षेत्र के छेदी का पुरवा की रहने वाली रेनू ने अपनी बेटी की शादी सात वर्ष पहले लालगंज कोतवाली के पूरे सेवक राय कटरा निवासी हरीलाल सरोज से की थी।
पीड़िता के मुताबिक पहली बेटी के जन्म पर ससुराल के लोगों ने खुशी मनाई थी। करीब एक वर्ष पहले दूसरी बेटी का जन्म हुआ। तब से ससुरालियों की नजर बदल गई। उन्होंने बेटा पैदा होने की उम्मीद लगा रखी थी। उसे ताने मारे गए, मासूम बेटी को जली कटी बातें कहीं गईं। 10 जून की शाम पति हरीलाल ने उसकी पिटाई के बाद लोहे की राॅड से प्रहार कर उसका पैर तोड़ दिया था।
शिकायत पर लालगंज पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की। ऑपरेशन के दौरान पैर में राॅड डालने की वजह से चलने फिरने में असमर्थ पीड़िता का दर्द जानने के लिए पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने कार्यालय से बाहर आकर उसकी पीड़ा सुनी। बाद में उन्होंने लालगंज कोतवाल को कार्रवाई का निर्देश दिया।