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आखिर कहां जाएगी मेधावियों की फौज
Mon, 02 Aug 2021 01:30 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 01:30 AM IST
सार
इंटर विज्ञान वर्ग में सफल हुए परीक्षार्थियों को इंजीनियरिंग व मेडिकल की पढ़ाई के लिए महानगरों की डगर पकड़नी पड़ेगी। जिले के कॉलेजों में विज्ञान वर्ग से स्नातक के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम देखकर खुशी का इजहार करते बच्चे। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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विस्तार
इंटर विज्ञान वर्ग में सफल हुए परीक्षार्थियों को इंजीनियरिंग व मेडिकल की पढ़ाई के लिए महानगरों की डगर पकड़नी पड़ेगी। जिले के कॉलेजों में विज्ञान वर्ग से स्नातक के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। जिले के महाविद्यालयों में विज्ञान वर्ग के उत्तीर्ण 28,123 हजार परीक्षार्थियों के सापेक्ष महज 12,160 सीटें हैं। ऐसे में सवाल है कि इतनी बड़ी संख्या में पास हुए मेधावियों की फौज कहां जाएगी।
यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा में विज्ञान व कला वर्ग मिलाकर कुल 5,1876 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। मार्च में परीक्षा की तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर की वजह से परीक्षा स्थगित कर दी गई। कोविड संक्रमण की वजह से हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थियों को अगली कक्षा के लिए प्रमोट कर दिया गया।
शनिवार को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सभी परीक्षार्थियों के चेहरे खिल उठे। इंटर विज्ञान वर्ग के परीक्षार्थियों में जहां परिणाम को लेकर खुशी थी, वहीं स्नातक विज्ञान वर्ग में प्रवेश लेकर तनाव भी साफ दिखा। दरअसल, जिले में कुल 159 महाविद्यालय हैं। जिनमें सात अनुदानित, चार राजकीय और 148 प्राइवेट महाविद्यालय हैं।
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इनमें 40 कॉलेजों में स्नातक विज्ञान वर्ग के लिए दाखिला लिया जाता है। इन कॉलेजों में सीटें बहुत सीमित हैं। जिले में कुल 12,160 सीटें ही स्नातक विज्ञान वर्ग की हैं। जबकि प्रमोट होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 28132 है। सीटें सीमित होने की वजह से परीक्षार्थियों को प्रयागराज, लखनऊ, बनारस सहित अन्य महानगरों की डगर थामनी पड़ेगी।
स्नातक में प्रवेश शुरू, सीटें फुल
परीक्षा के बजाय बच्चों को प्रमोट किए जाने का आदेश जारी होते ही महाविद्यालयों में स्नातक विज्ञान वर्ग का प्रवेश शुरू हो गया है। हाईस्कूल के अंकपत्र व आधारकार्ड के जरिये कॉलेजों ने प्रवेश लेना शुरू कर दिया। अधिकांश कॉलेजों में सीटें फुल हो चुकी हैं। इससे परीक्षार्थियों को प्रवेश के लिए परेशान होना पड़ेगा।
कला वर्ग में हैं पर्याप्त सीटें
जिले में 159 महाविद्यालयों में सिर्फ 40 महाविद्यालयों में स्नातक विज्ञान वर्ग की 12,160 सीटें है। 11 महाविद्यालयों में स्नातक कॉमर्स की पढ़ाई होती है। कुल सीटें 2660 है। जबकि कला वर्ग में जिले में सबसे अधिक 8,3111 सीटें हैं। ऐसे में कला वर्ग में प्रवेश के लिए बहुत दिक्कत नहीं होगी।
मनमानी फीस वसूलते हैं प्राइवेट कॉलेज
जिले में चार राजकीय व सात अनुदानित महाविद्यालय हैं। इन महाविद्यालयों में प्रवेश मिलने से बच्चों को फीस में सहूलियत मिलती है। प्राइवेट कॉलेजों में प्रवेश के नाम पर मोटी फीस वसूल की जाती है।
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यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा में विज्ञान व कला वर्ग मिलाकर कुल 5,1876 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। मार्च में परीक्षा की तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर की वजह से परीक्षा स्थगित कर दी गई। कोविड संक्रमण की वजह से हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थियों को अगली कक्षा के लिए प्रमोट कर दिया गया।
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शनिवार को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सभी परीक्षार्थियों के चेहरे खिल उठे। इंटर विज्ञान वर्ग के परीक्षार्थियों में जहां परिणाम को लेकर खुशी थी, वहीं स्नातक विज्ञान वर्ग में प्रवेश लेकर तनाव भी साफ दिखा। दरअसल, जिले में कुल 159 महाविद्यालय हैं। जिनमें सात अनुदानित, चार राजकीय और 148 प्राइवेट महाविद्यालय हैं।
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इनमें 40 कॉलेजों में स्नातक विज्ञान वर्ग के लिए दाखिला लिया जाता है। इन कॉलेजों में सीटें बहुत सीमित हैं। जिले में कुल 12,160 सीटें ही स्नातक विज्ञान वर्ग की हैं। जबकि प्रमोट होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 28132 है। सीटें सीमित होने की वजह से परीक्षार्थियों को प्रयागराज, लखनऊ, बनारस सहित अन्य महानगरों की डगर थामनी पड़ेगी।
स्नातक में प्रवेश शुरू, सीटें फुल
परीक्षा के बजाय बच्चों को प्रमोट किए जाने का आदेश जारी होते ही महाविद्यालयों में स्नातक विज्ञान वर्ग का प्रवेश शुरू हो गया है। हाईस्कूल के अंकपत्र व आधारकार्ड के जरिये कॉलेजों ने प्रवेश लेना शुरू कर दिया। अधिकांश कॉलेजों में सीटें फुल हो चुकी हैं। इससे परीक्षार्थियों को प्रवेश के लिए परेशान होना पड़ेगा।
कला वर्ग में हैं पर्याप्त सीटें
जिले में 159 महाविद्यालयों में सिर्फ 40 महाविद्यालयों में स्नातक विज्ञान वर्ग की 12,160 सीटें है। 11 महाविद्यालयों में स्नातक कॉमर्स की पढ़ाई होती है। कुल सीटें 2660 है। जबकि कला वर्ग में जिले में सबसे अधिक 8,3111 सीटें हैं। ऐसे में कला वर्ग में प्रवेश के लिए बहुत दिक्कत नहीं होगी।
मनमानी फीस वसूलते हैं प्राइवेट कॉलेज
जिले में चार राजकीय व सात अनुदानित महाविद्यालय हैं। इन महाविद्यालयों में प्रवेश मिलने से बच्चों को फीस में सहूलियत मिलती है। प्राइवेट कॉलेजों में प्रवेश के नाम पर मोटी फीस वसूल की जाती है।