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Pratapgarh News: सरकारी बिक्री केंद्रों पर गेहूं का बीज खत्म, संकट में किसान

Tue, 22 Nov 2022 11:48 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 11:48 PM IST
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Wheat seeds run out at government sales centers, farmers in trouble
किसान कल्याण केन्द्र सदर कटरा रोड का खाली पड़ा गोदाम। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
जिले के सरकारी बिक्री केंद्रों पर गेहूं का बीज खत्म हो गया है। डीएपी के बाद अब गेहूं के बीज का भी संकट खड़ा हो गया है। जिले के 17 ब्लाकों के बिक्री केंद्रों और केंद्रीय बीज भंडार गृह में गेहूं का बीज नहीं होने से किसानों को निराश होना पड़ रहा है। सदर ब्लाक के गोदाम में तीन दिन से गेहूं का बीज नहीं होने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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गेहूं की बोआई करने की तैयारी करने वाले किसानों को एक बड़ा झटका लगा है। डीएपी की उपलब्धता को लेकर परेशान किसानों को अब सरकारी बिक्री केंद्रों पर गेहूं का बीज खोजे नहीं मिल रहा हैं। कृषि विभाग के मुताबिक जिले के 1,47,334 हेक्टेअर में गेहूं की खेती होनी है। 17 ब्लाक मुख्यालयों पर बीज बिक्री केंद्र खोले गए हैं।
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इन केंद्रों से 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को बीज मिलता है, मगर तीन दिन से जिले में बीज के लिए संकट खड़ा हो गया है। कृषि विभाग की मानें तो जिले में 4700 क्विंटल गेहूं का बीज आया हुआ था, मगर यह खत्म हो गया है। कर्मचारियों को बीज लेने के लिए फैजाबाद भेजा गया है।
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सरकारी बिक्री केंद्रों पर गेहूं का बीज नहीं होने से किसानों में गहरी नाराजगी है। आश्चर्य की बात यह है कि प्राइवेट दुकानों पर गेहूं का बीज डंप है, मगर सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। मंगलवार को सदर ब्लाक के किसान कल्याण केंद्र का अमर उजाला ने निरीक्षण कर गेहूं के बीज की हकीकत देखी। गोदाम में एक भी बोरी गेहूं का बीज नहीं था। गोदाम के एक कोने में पांच बोरी चने का बीज रखा हुआ था। केंद्र प्रभारी राजेंद्र उपाध्याय भी अनुपस्थित मिले।
इन प्रजातियों के आए थे गेहूं के बीज
स्थानीय किसानों की पसंद के मुताबिक कृषि विभाग ने गेहूं का बीज मंगाया था। जिसमें एचडी 5967, एचडी 3086, पीबीडब्ल्यू 343, करनवंदना और करन नरेंद्र प्रजाति का बीज आया था। 3820 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकने वाले गेहूं का बीज पर 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। मगर बीज खरीदते समय किसानों को बीज का पूरा दाम देना पड़ता है, हालांकि बाद में 50 प्रतिशत अनुदान की रकम सीधे खाते में आ जाती है।
87 साधन सहकारी समितियों पर नहीं पहुंची खाद
किसान गेहूं की बुवाई कैसे करें, जिले में 87 साधन सहकारी समितियां ऐसी हैं, जहां अभी डीएपी नहीं पहुंची है। 1700 मीट्रिक टन डीएपी आई हुई थी। यह 85 समितियों पर भेजी गई है। अब दूसरी बार खाद आने पर 87 समितियों पर डीएपी भेजी जाएगी।

ऐसा 15 वर्षों के बाद हुआ है कि 4700 क्विंटल गेहूं का बीज भी कम पड़ गया है, कर्मचारियों को बीज लेने के लिए भेजा गया है, बुधवार को शाम तक बीज आते ही सभी बिक्री केंद्रों पर भेजा जाएगा। जो डीएपी आई थी, उसे 85 साधन सहकारी समितियों पर भेज दिया गया है, दो दिन में डीएपी की नई रैक आने पर 87 समितियों पर भेजी जाएगी। डा. अश्विनी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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