फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   wepeans

असलहा तो दूर अब कारतूस मिलनी भी मुश्किल

Sun, 04 Jan 2015 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 04 Jan 2015 11:32 PM IST
विज्ञापन
wepeans
शस्त्र लाइसेंस चाहने वालों के लिए खबर बुरी है। अब शस्त्र तो दूर कारतूस मिलनी भी आसान नहीं है। शस्त्र के लिए फायरिंग टेस्ट जबकि कारतूस के लिए खाली खोखे देने होंगे। हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने कारतूस के लिए अस्सी फीसदी खोखे जमा करना जरूरी कर दिया है। जिलाधिकारियों ने शासन और हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है।
विज्ञापन


विशेष सचिव गृह की ओर से जिलाधिकारियों को जारी आदेश में कहा गया है कि नया शस्त्र लाइसेंस चाहने वाले आवेदक का पुलिस अधीक्षक शस्त्र चलाने का टेस्ट लेंगे। उसमें सफल होने के बाद ही जिलाधिकारी आवेदक को शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर विचार करेंगे। यही नहीं शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण कराने वालों को भी यह टेस्ट देना पड़ेगा। नया शस्त्र लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण में अब ऐसा पहचान पत्र लगेगा जिसमें लाइसेंस धारक का फिंगरप्रिंट हो। इस तरह आधार कार्ड जरूरी हो गया है। अगर कोई शस्त्र धारक दूसरा असलहा चाहता है तो उसके आवेदन पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति विचार करेगी। समिति की सहमति पर ही दूसरा लाइसेंस जिलाधिकारी जारी करेंगे। इस समिति में मंडलायुक्त अध्यक्ष, संबंधित जिले के जिलाधिकारी, रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक और संबंधित जिले के पुलिस प्रमुख सदस्य होंगे। तीसरे लाइसेंस के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह प्रक्रिया एनपी बोर (अनिषिद्ध बोर) के शस्त्रों पर ही लागू होगी। मगर यदि लाइसेंस पीबी (निषिद्ध बोर) का होगा तो शासन को यह समिति रिपोर्ट भेजेगी। वहां गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति विचार के बाद भारत सरकार को संस्तुति भेजेगी। रायफल का लाइसेंस जारी करने में भी वही प्रक्रिया लागू होगी जो तीसरे लाइसेंस के लिए तैयार की गई है। इतना ही नहीं, लाइसेंस जारी होने के छह माह के भीतर शस्त्र क्रय करना अनिवार्य है, अन्यथा उसे निरस्त कर दिया जाएगा। नवीनीकरण के समय अगर किसी शस्त्रधारक की उम्र 65 साल या इससे अधिक होगी तो उसे सीएमओ की ओर से जारी स्वस्थता प्रमाण पत्र देना होगा। बगैर इसके लाइसेंस का नवीनीकरण संभव न होगा।
विज्ञापन


सेफ कस्टडी में भी शस्त्र रखने की प्रक्रिया अब आसान नहीं है। अब शस्त्र धारक को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की ओर से उसी तिथि में जारी 100 रुपये का एक चालान शस्त्र के साथ जमा करना होगा। इसका उद्देश्य सेफ कस्टडी में शस्त्र जमा कर आपराधिक साक्ष्य मिटाने जैसी घटनाओं को रोकना है। कुछ लोग शस्त्र की दुकानों पर अपराध करने के बाद बैक डेट में शस्त्र जमा कर यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि वारदात की तिथि पर उनका शस्त्र सेफ कस्टडी में जमा था।       
विज्ञापन
विज्ञापन


कारतूस के मामले में भी प्रक्रिया जटिल हो गई है। खरीदे गए कारतूस के खोखे शस्त्र विक्रेता के पास जमा करके ही नए कारतूस प्राप्त किए जा सकेंगे। हां, शासन ने इतनी छूट जरूर दे दी है कि अगर किसी वजह से शस्त्र धारक के खोखे गिर गए या जानकारी के अभाव में वे नष्ट कर चुके हैं तो उन्हें चाहे गए कारतूस का अस्सी प्रतिशत खोखा जरूर जमा करना होगा। शासनादेश में इसका बाकायदा उदाहरण भी दिया गया है। मसलन अगर किसी को 10 कारतूस चाहिए तो उसे इसके बदले 8 खोखे जमा करना अनिवार्य है। शस्त्र विक्रेता को यह खोखे पूरे विवरण के साथ जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा करना होगा। जिलाधिकारी इन खोखों का निस्तारण वित्तीय नियमों के तहत कर सकेंगे।  डीएम ने बताया कि शासन का आदेश प्राप्त हो गया है। उसमें 13 नवंबर 2014 को माननीय हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश का भी उल्लेख है। नए शस्त्र लाइसेंस, नवीनीकरण और कारतूस मामले में उक्त सभी आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
अमृत त्रिपाठी, जिलाधिकारी, प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed