Pratapgarh : बारिश से जलभराव, खेतों में अरहर, ज्वार की फसलों को हुआ नुकसान
बारिश होने से गर्मी से थोड़ा बहुत निजात मिली। मगर, शहर से लेकर ग्रामीणांचल की सड़क पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शहर के पीडब्ल्यूडी से जिलाधिकारी आवास, स्टेशन रोड, सिप्तैन रोड, पड़ाव सहित कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
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बीते तीन दिनों से हो रही बारिश आसमान से आफत बनकर बरसी। शहर से लेकर ग्रामीणांचलों की सड़कों और गलियों में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं हवा के साथ तेज बारिश से धान, ज्वार और अरहर की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। फसल खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अब तक जहां कभी धीमी तो कभी तेज बारिश हो रही थी। मगर, शनिवार को झमाझम बारिश के बाद रविवार की सुबह तेज हवा चलने के साथ करीब 54 मिमी बरसात हुई।
बारिश होने से गर्मी से थोड़ा बहुत निजात मिली। मगर, शहर से लेकर ग्रामीणांचल की सड़क पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शहर के पीडब्ल्यूडी से जिलाधिकारी आवास, स्टेशन रोड, सिप्तैन रोड, पड़ाव सहित कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। कमोबेश यही स्थिति स्थिति ग्रामीण इलाकों में भी है। वहीं बारिश की वजह से अरहर, ज्वार, बाजरा और धान की फसल को नुकसान हुआ है।
रविवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में लहलाती फसले जमीन पर बिछ गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से ग्रामीणों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि फसलों को विशेष नुकसान नहीं हुआ है। यदि फिर से तेज हवा के साथ बारिश लगातार हुई तो नुकसान होने की संभावना है। वहीं मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि आगामी दिनों में पश्चिमी हवा चलने के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।
बारिश का पानी रोकने पर शिकायत
जगेशरगंज। अंतू थाना क्षेत्र के जोगीपुर के रामलाल गुप्ता का आरोप है कि रविवार की सुबह बारिश से पड़ोसी के घर का पानी से उनके घर में जलभराव हो गया है। जल निकासी का रास्ता पड़ोसी ने मिट्टी लगाकर बंद कर दिया है। जिससे पानी उनके घर के अंदर तक पहुंच गया है। पीड़ित पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
सई नदी का बढ़ने लगा जलस्तर
लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश से सई नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले तीन दिनों से हुई बारिश के कारण बेल्हा देवी घाट के नीचे की तीन सीढि़यां डूब गई है। वहीं सई नदी के किनारे बने मकानों के समीप भी पानी पहुंचना शुरू हो गया है। लगातार बढ़ रहे सई के जलस्तर सेस नदी के किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है।