{"_id":"5dcef5d18ebc3e54e22797ba","slug":"water-supply-pratapgarh-news-ald2602839192","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर-घर नल से जल पहुंचाने में खर्च होंगे 934.23 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर-घर नल से जल पहुंचाने में खर्च होंगे 934.23 करोड़
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प्रतापगढ़। जिले के प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने में 934.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वर्ष 2024 तक इस योजना को साकार करने के लिए 19.6 प्रतिशत आबादी को पूर्व में स्थापित पानी की टंकियों और 80.39 प्रतिशत आबादी को नई पानी की टंकियां स्थापित करके पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। हालांकि अभी इस योजना के तहत जिले को फूटी कौड़ी नहीं मिली है।
जिले के 17 विकास खंडों में हैंडपंपों के जवाब देने से गांव के लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 तक जिले के प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने की व्यापक रणनीति तैयार की है। योजना के तहत गांव-गांव पानी की टंकियां स्थापित करके पाइप लाइन से पानी पहुंचाना है। जिले की 80.39 प्रतिशत आबादी ऐसी है, जिसे पाइप लाइन से पानी नहीं मिल रहा है। 19.6 प्रतिशत आबादी ऐसी है, जिसे जलनिगम की स्थापित पानी की टंकियों से पूर्व में पीने को पानी मिल रहा था। मगर इन दिनों इनकी हालत बेहद जर्जर होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने जो योजना तैयार की है, उसके मुताबिक पूरे जिले में नल से जल पहुंचाने में 934.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल अभी तक जिले को फूटी कौड़ी नहीं मिली है। अगर केंद्र की यह योजना साकार होती है तो ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए काफी राहत मिलेगी।
प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, केंद्र सरकार से बजट मिलते ही मूर्त रूप दिया जाएगा। यह योजना बहुत ही कल्याणकारी है।
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सुदामा प्रसाद, जिला विकास अधिकारी
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जिले के 17 विकास खंडों में हैंडपंपों के जवाब देने से गांव के लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 तक जिले के प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने की व्यापक रणनीति तैयार की है। योजना के तहत गांव-गांव पानी की टंकियां स्थापित करके पाइप लाइन से पानी पहुंचाना है। जिले की 80.39 प्रतिशत आबादी ऐसी है, जिसे पाइप लाइन से पानी नहीं मिल रहा है। 19.6 प्रतिशत आबादी ऐसी है, जिसे जलनिगम की स्थापित पानी की टंकियों से पूर्व में पीने को पानी मिल रहा था। मगर इन दिनों इनकी हालत बेहद जर्जर होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने जो योजना तैयार की है, उसके मुताबिक पूरे जिले में नल से जल पहुंचाने में 934.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल अभी तक जिले को फूटी कौड़ी नहीं मिली है। अगर केंद्र की यह योजना साकार होती है तो ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए काफी राहत मिलेगी।
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प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, केंद्र सरकार से बजट मिलते ही मूर्त रूप दिया जाएगा। यह योजना बहुत ही कल्याणकारी है।
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सुदामा प्रसाद, जिला विकास अधिकारी