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वार्ड के वोटरों की संख्या नहीं जानतीं
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Fri, 27 Feb 2015 12:15 AM IST
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प्रतापगढ़/कटरामेदनीगंज। वार्ड दो (तकियाझाऊशाह) की दर्जा आठ पास पार्षद आशा देवी भी अपने अधिकार को लेकर गंभीर नहीं हैं। इन्हें वोटरों की संख्या की जानकारी भी नहीं है। बहुत कुरेदने पर वह वार्ड के एक दो मोहल्ले का नाम बता पाईं। इनसे पूछा गया कि कितने वोट से जीत हुई थी। इनका जवाब था कि ये सब उन्हें नहीं पता। बोलीं कि यह सब बात पति अनिल से पूछिए। वार्ड के कुछ लोगों से पार्षद के बारे में पूछा गया। बताया गया कि पार्षद तो आशा देवी हैं पर काम उनके पति ही देखते हैं। चुनाव के बाद वह वार्ड में कभी किसी से समस्या की बाबत पूछने नहीं आईं।
इसी तरह अमर उजाला की टीम नगर पंचायत के वार्ड नौ (साहेबगंज पश्चिमी) की पार्षद स्वालेहा बानो के घर पहुंची। टीम को देखते हुए ही वह माजरा समझ गईं। बगैर पूछे दावों की झड़ी लगा दी। इनका कहना था कि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करती हैं। बैठकों में वह जाती हैं, लेकिन बैठक जल्दी होती ही नहीं। जब आबादी और वोटरों की संख्या पूछा गया तो मदद की उम्मीद में वे पति तबारक की ओर देखने लगीं।
पार्षद के ठीक पीछे खड़े उनके पति तबारक सवाल पर असहज दिखी पार्षद पत्नी की ओर से बोले कि नगर पंचायत से कोई काम नहीं हुआ। कुछ काम डूडा यानी नगरीय विकास अभिकरण के जरिए कराया गया है। इन्होंने कहा कि भाई सच यही है कि महिला होने के नाते वे वार्ड का काम नहीं कर पातीं। इसलिए उनका काम वे खुद ही देखते हैं। जहां जरूरत पड़ती है उन्हें साथ ले कर वह चले जाते हैं।
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इसी तरह अमर उजाला की टीम नगर पंचायत के वार्ड नौ (साहेबगंज पश्चिमी) की पार्षद स्वालेहा बानो के घर पहुंची। टीम को देखते हुए ही वह माजरा समझ गईं। बगैर पूछे दावों की झड़ी लगा दी। इनका कहना था कि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करती हैं। बैठकों में वह जाती हैं, लेकिन बैठक जल्दी होती ही नहीं। जब आबादी और वोटरों की संख्या पूछा गया तो मदद की उम्मीद में वे पति तबारक की ओर देखने लगीं।
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पार्षद के ठीक पीछे खड़े उनके पति तबारक सवाल पर असहज दिखी पार्षद पत्नी की ओर से बोले कि नगर पंचायत से कोई काम नहीं हुआ। कुछ काम डूडा यानी नगरीय विकास अभिकरण के जरिए कराया गया है। इन्होंने कहा कि भाई सच यही है कि महिला होने के नाते वे वार्ड का काम नहीं कर पातीं। इसलिए उनका काम वे खुद ही देखते हैं। जहां जरूरत पड़ती है उन्हें साथ ले कर वह चले जाते हैं।
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