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विधायक और एमएलसी को मिले सौ-सौ हैंडपंप
pratapgarh
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:55 PM IST
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खराब हैंडपंप
जिले के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को सौ-सौ हैंडपंप मिले हैं। जनवरी माह में लगने वाले इन हैंडपंपों की सूची जलनिगम ने विधायकों से मांगी है। विधायकों के कोटे में इन हैंडपंपों को लगाने की प्रक्रिया जनवरी माह में प्रारंभ होगी। विधायक कोटे का हैंडपंप आने से सालभर से बेगाने हुए जलनिगम कर्मियों के चेहरे खिल उठे हैं।
जिले के ग्रामीण इलाकों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए शासन ने विधायकों को सौ-सौ हैंडपंप का तोहफा दिया है। नए साल में लगने वाले इन हैंडपंपों की सूची जलनिगम ने विधायकों से मांगी है। गिरते जलस्तर को देखते हुए जलनिगम ने नए हैंडपंपों के लिए बोरिंग की गहराई 30 फीट और बढ़ा दी है। अब हैंडपंपों की बोरिंग 150 फीट से कम नहीं होगी।
गहरी बोरिंग होने से शुद्ध पानी मिलने के साथ ही गर्मी के दिनों में पानी छोडने का डर भी नहीं रहेगा। फिलहाल जलनिगम को 785 हैंडपंपों की जिम्मेदारी मिलने से विभागीय कर्मचारी बेहद खुश हैं। दरअसल, भ्रष्टाचार की जद में आने के बाद से जलनिगम के कर्मचारियों के पास कोई काम नहीं था। फिलहाल विधायकों का हैंडपंप आने से विभागीय कर्मचारियों को आगे भी जिम्मेदारी मिलने की आस जगी है।
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लगभग 12 साल बाद जिले के माननीय एग्रो पर मेहरबान हुए हैं। इस वर्ष जिले के अधिकांश माननीयों ने अपने हिस्से की अधिकांश धनराशि एग्रो को दी है। जबकि सड़क निर्माण की धनराशि लोक निर्माण विभाग को दी है।
हैंडपंपों के रीबोर की जिम्मेदारी जलनिगम से छीनकर ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है। अभी तक ग्राम पंचायतों को मरम्मत का अधिकार दिया गया था, मगर अब रीबोर कराने का भी अधिकार प्रदान करने से जलनिगम के पास कोई काम नहीं रह गया है।
विधायकों के सौ-सौ हैंडपंप लगाने के लिए शासन का पत्र आ गया है। जनप्रतिनिधियों से सूची मांगी गई है। अनुमोदन के बाद हैंडपंपों के लगाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
आरएस वर्मा, प्रभारी अधिशासी अभियंता, जलनिगम।
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जिले के ग्रामीण इलाकों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए शासन ने विधायकों को सौ-सौ हैंडपंप का तोहफा दिया है। नए साल में लगने वाले इन हैंडपंपों की सूची जलनिगम ने विधायकों से मांगी है। गिरते जलस्तर को देखते हुए जलनिगम ने नए हैंडपंपों के लिए बोरिंग की गहराई 30 फीट और बढ़ा दी है। अब हैंडपंपों की बोरिंग 150 फीट से कम नहीं होगी।
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गहरी बोरिंग होने से शुद्ध पानी मिलने के साथ ही गर्मी के दिनों में पानी छोडने का डर भी नहीं रहेगा। फिलहाल जलनिगम को 785 हैंडपंपों की जिम्मेदारी मिलने से विभागीय कर्मचारी बेहद खुश हैं। दरअसल, भ्रष्टाचार की जद में आने के बाद से जलनिगम के कर्मचारियों के पास कोई काम नहीं था। फिलहाल विधायकों का हैंडपंप आने से विभागीय कर्मचारियों को आगे भी जिम्मेदारी मिलने की आस जगी है।
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लगभग 12 साल बाद जिले के माननीय एग्रो पर मेहरबान हुए हैं। इस वर्ष जिले के अधिकांश माननीयों ने अपने हिस्से की अधिकांश धनराशि एग्रो को दी है। जबकि सड़क निर्माण की धनराशि लोक निर्माण विभाग को दी है।
हैंडपंपों के रीबोर की जिम्मेदारी जलनिगम से छीनकर ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है। अभी तक ग्राम पंचायतों को मरम्मत का अधिकार दिया गया था, मगर अब रीबोर कराने का भी अधिकार प्रदान करने से जलनिगम के पास कोई काम नहीं रह गया है।
विधायकों के सौ-सौ हैंडपंप लगाने के लिए शासन का पत्र आ गया है। जनप्रतिनिधियों से सूची मांगी गई है। अनुमोदन के बाद हैंडपंपों के लगाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
आरएस वर्मा, प्रभारी अधिशासी अभियंता, जलनिगम।