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बोर्ड परीक्षा के लिए कागज पर हुआ केंद्रों का सत्यापन, अब खुल रही पोल
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यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाए जाने की मंशा से कालेजों ने केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया के दौरान मानक पर खरा उतरने के लिए झूठी सूचनाएं दे दीं। विभाग की तरफ से विद्यालयों के सत्यापन के लिए टीमें भी लगाई गईं, लेकिन तहसीलवार गठित टीमों ने सत्यापन के नाम पर महज कोरम पूरा किया।
अब बोर्ड की जांच में इसकी पोल खुल रही है। जिले के 41 कालेजों को डिबार कर दिया गया है। जबकि अभी कई मानक पर खरे नहीं हैं। इससे सत्यापन टीम की कलई खुल गई है।
जिले के 39 राजकीय, 78 सहायता प्राप्त व 600 के पार वित्तविहीन इंटर कालेज हैं। नए शिक्षासत्र की शुरुआत से ही कालेजों में बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। कालेजों की आधारभूत सूचनाओं के लिए सूचना प्रपत्र भरने का निर्देश दिया गया। इसमें केंद्र बनाए जाने के लिए मानक भी दिए गए थे। सुविधाओं के अलग- अलग कालम भी बनाए गए थे। जिसमें प्रधानाचार्यों को कालेजों में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र करना था। मगर इस प्रक्रिया के दौरान कालेज प्रशासन ने जमकर मनमानी की।
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परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए कालेजों द्वारा आधारभूत सूचनाओं के लिए प्रपत्र में दिए गए सारे कालम भर दिए गए। कहीं सुविधाएं नहीं थीं तो कई ऐसे भी केंद्र रहे जो परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल व अनियमितता भी संलिप्त रहे। विभाग द्वारा कालेजों की आधारभूत सुविधों के स्थलीय जांच के लिए तहसीलवार टीमें गठित की गईं।
रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर के टीमों ने शुरू शुरू की, मगर महज कोरम पूरा किया गया। टीम ने स्थलीय जांच में सबकुछ ओके होने की रिपोर्ट भेज दी। अब बोर्ड की जांच में डिबार सूची आने के बाद इसकी पोल खुल गई है। 41 कालेज डिबार हुए हैं। जिन्हें केंद्र सूची से बाहर कर दिया गया है। इससे अफसर की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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अब बोर्ड की जांच में इसकी पोल खुल रही है। जिले के 41 कालेजों को डिबार कर दिया गया है। जबकि अभी कई मानक पर खरे नहीं हैं। इससे सत्यापन टीम की कलई खुल गई है।
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जिले के 39 राजकीय, 78 सहायता प्राप्त व 600 के पार वित्तविहीन इंटर कालेज हैं। नए शिक्षासत्र की शुरुआत से ही कालेजों में बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। कालेजों की आधारभूत सूचनाओं के लिए सूचना प्रपत्र भरने का निर्देश दिया गया। इसमें केंद्र बनाए जाने के लिए मानक भी दिए गए थे। सुविधाओं के अलग- अलग कालम भी बनाए गए थे। जिसमें प्रधानाचार्यों को कालेजों में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र करना था। मगर इस प्रक्रिया के दौरान कालेज प्रशासन ने जमकर मनमानी की।
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परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए कालेजों द्वारा आधारभूत सूचनाओं के लिए प्रपत्र में दिए गए सारे कालम भर दिए गए। कहीं सुविधाएं नहीं थीं तो कई ऐसे भी केंद्र रहे जो परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल व अनियमितता भी संलिप्त रहे। विभाग द्वारा कालेजों की आधारभूत सुविधों के स्थलीय जांच के लिए तहसीलवार टीमें गठित की गईं।
रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर के टीमों ने शुरू शुरू की, मगर महज कोरम पूरा किया गया। टीम ने स्थलीय जांच में सबकुछ ओके होने की रिपोर्ट भेज दी। अब बोर्ड की जांच में डिबार सूची आने के बाद इसकी पोल खुल गई है। 41 कालेज डिबार हुए हैं। जिन्हें केंद्र सूची से बाहर कर दिया गया है। इससे अफसर की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।