up assembly election 2022 : कभी बेहद करीबी रहे गुलशन यादव राजाभैया के खिलाफ ठोकेंगे ताल, सपा ने 15 साल बाद कुंडा में उतारा प्रत्याशी
राजाभैया से ही सीखा सियासत का ककहरा, अब अखिलेश यादव ने उतारा मैदान में। राजाभैया के सहयोग से 2011 में गुलशन बने थे कुंडा के चेयरमैन। पुष्पेंद्र सिंह को गोली मारने के आरोपों के बाद राजाभैया खेमे से बनती गई दूरी। राजाभैया की सिफारिश पर छोटे भाई छविनाथ सबसे पहले युवजन सभा के बने थे जिला उपाध्यक्ष, फिर कई सालों तक रहे सपा के जिला उपाध्यक्ष।
विस्तार
कुंडा के विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के कभी बेहद करीबियों में गिने जाने वाले कुंडा नगर पंचायत के पूर्व चेयरपर्सन गुलशन यादव अब उनके खिलाफ ही ताल ठोंक रहे हैं।
सपा प्रत्याशी गुलशन यादव ने राजनीति का ककहरा भी राजाभैया से ही सीखा था। उनके सहयोग से ही वह नगर पंचायत कुंडा के अध्यक्ष चुने गए थे। वर्ष 2014 में हुई एक घटना के बाद राजाभैया के खेमे से गुलशन की दूरी बढ़ती चली गई। यह दूरी अब राजनैतिक लड़ाई तक पहुंच गई है।
सूबे में बसपा की सरकार के दौरान कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया और उनके पिता उदय प्रताप सिंह पर पोटा लगा था। इस मामले में गवाह रहे राजेंद्र यादव निवासी बानेमऊ की वर्ष 2003 में कुंडा के प्रेमनगर चौराहे के करीब हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में राजेंद्र के परिवार के लोगों ने गुलशन यादव, उनके छोटे भाई छविनाथ यादव के साथ ही राजाभैया, अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
2005 में चुने गए थे ग्राम प्रधान
इस घटना के बाद से ही गुलशन व छविनाथ यादव राजाभैया के करीबियों में शुमार हो गए। इसके बाद उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2005 में गुलशन यादव मऊदारा से प्रधान चुने गए। राजाभैया की सिफारिश पर ही छविनाथ यादव को समाजवादी युवजन सभा का जिला उपाध्यक्ष बनाया गया।
बाद में छविनाथ को मुख्य कार्यकारिणी में जिला उपाध्यक्ष बना दिया गया। कुंडा विकासखंड के मऊदारा के रहने वाले गुलशन यादव के छोटे भाई छविनाथ यादव वर्तमान में सपा के जिलाध्यक्ष हैं। वह एक मामले में इन दिनों जेल में बंद हैं। वर्ष 2011 में गुलशन यादव राजाभैया के समर्थन से कुंडा नगर पंचायत के चेयरमैन बन गए।
सीओ जियाउल हक की हत्या में भी आया था नाम
वर्ष 2013 में हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर में प्रधान नन्हें यादव, उसके भाई सुरेश यादव और तत्कालीन कुंडा सीओ जियाउल हक की हत्या हो गई थी। इस मामले में सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजाभैया, गुलशन यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और बाद में सभी को क्लीनचिट दे दी गई।
वर्ष 2014 में बिजली की मरम्मत को लेकर नगर पंचायत के कर्मचारियों के साथ मारपीट के बाद घटनास्थल पर पहुंचे गुलशन यादव का राजाभैया के करीबी पुष्पेंद्र सिंह से विवाद हो गया। इस दौरान पुष्पेंद्र को गोली लग गई। इस मामले में गुलशन समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया। इसके बाद से ही गुलशन की राजाभैया के खेमे से धीरे-धीरे दूरी बनती चली गई।
इस मामले में गुलशन को जेल जाना पड़ा। हालांकि उसके परिवार का सियासत में दखल बढ़ता रहा। वर्ष 2015 में छविनाथ यादव की पत्नी करेंटी से और उनकी मां मऊदारा गांव से प्रधान चुुुनी गईं। गुलशन की पत्नी सीमा यादव वर्ष 2017 के नगर पंचायत चुनाव में कुंडा की चेयरपर्सन चुनी गईं।
छोटे भाई छविनाथ को सपा ने बनाया जिलाध्यक्ष
करीब चार साल तक जेल में रहने के बाद गुलशन यादव जमानत पर छूटे, मगर राजा भैया खेमे से दूरी कायम रही। राजाभैया व सपा के बीच तल्खियां बढ़ने के बाद छविनाथ व गुलशन भी राजाभैया से दूरी बनाने लगे। इस बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव ने छविनाथ को पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाकर उनका कद बढ़ा दिया।
कुछ दिनों पहले दलित उत्पीड़न के मामले में छविनाथ को पुलिस ने जेल भेजा था। वह अभी भी जेल में हैं। इधर, सपा ने गुलशन को राजाभैया के खिलाफ मैदान में उतार दिया है। अब वह राजाभैया को कितनी टक्कर दे पाएंगे, ये तो दस मार्च को ही पता चलेगा।
राजाभैया के समर्थकों से गुलशन का होता रहता था विवाद
बसपा सरकार में राजेंद्र यादव की हत्या के मामले में जेल गए गुलशन यादव जमानत से छूटने के बाद राजाभैया के इर्द-गिर्द ही रहने लगे। हालांकि इस दौरान भी अक्सर गुलशन का किसी न किसी से विवाद होता रहता था। कई बार एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को बीचबचाव करने के लिए आगे आना पड़ता था।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी रहती थी जंग
राजाभैया की सपा से अनबन के बाद गुलशन व छविनाथ सपा के खेमे में चले गए। इस दौरान भी छविनाथ यादव राजाभैया के संपर्क में रहते थे। राजाभैया समर्थकों व छविनाथ और गुलशन के बीच सोशल मीडिया पर जंग होती रहती थी। बातचीत के आडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाते रहे।