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पीएचडी की प्रवेश परीक्षा कराकर भूल गया विश्वविद्यालय

Wed, 15 Jun 2022 11:18 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 11:18 PM IST
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University forgot after conducting PhD entrance exam
प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय पीएचडी की प्रवेश परीक्षा कराने के बाद भूल गया। एक वर्ष बाद भी परीक्षा परिणाम नहीं जारी किया जा सका। प्रवेश के लिए किसी प्रकार की गाइडलाइन जारी नहीं की गई। ऐसे में परीक्षा देने वाले सैकड़ों अभ्यर्थी परेशान हैं।
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राज्य विश्वविद्यालय द्वारा मार्च 2021 में 11 विषयों में शोध के लिए आवेदन मांगे गए थे। जून माह में विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा कराई गई। विश्वविद्यालय ने अभी तक परीक्षा परिणाम नहीं जारी किया। जिससे प्रवेश की प्रक्रिया नहीं शुरू की जा सकी। छात्र-छात्राएं एक साल से दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि कई बार परिणाम के बारे में विश्वविद्यालय से जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन, कुछ स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है।
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उनका कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक पुराने छात्रों का प्रवेश नहीं लिया गया है लेकिन, नए दाखिले की प्रक्रिया की घोषणा कर दी गई है। ऐसे में नए छात्रों को लाभ होगा लेकिन, प्रवेश परीक्षा देने वाले पुराने छात्र दाखिले की प्रक्रिया से वंचित हो जाएंगे। परीक्षा देने वाले प्रदीप सिंह, अभिषेक केसरवानी, दीपिका गुप्ता ने मांग की है कि पहले पुराने छात्रों का दाखिला लिया जाए। उसके बाद नए दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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शोध सेंटर न होने से रुकी प्रवेश प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा तो करा ली गई थी लेकिन, शोध सेंटर न होने की वजह से न परिणाम जारी हो सका और न दाखिले की प्रक्रिया शुरू हुई। खास बात यह थी कि विश्वविद्यालय ने शुरू में शोध कराने की अनुमति केवल विश्वविद्यालय के शिक्षकों को दी थी। विवि से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने शोध की अनुमति डिग्री कॉलेज के शिक्षकों को भी दिए जाने की मांग की थी। जिस पर विश्वविद्यालय ने नए सत्र 2022-23 से 11 संघटक कॉलेजों में शोध के लिए आदेश दिया है। इन कॉलेजों में शोध सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

पीएचडी प्रवेश परीक्षा देने वालों छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनका परिणाम जल्द जारी करने पर विचार किया जा रहा है। उसके बाद दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी। डॉ. अखिलेश सिंह, कुलपति, राज्य विवि
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