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रानीगंज सीएचसी के तीन डॉक्टर बीमार, मरीजों ने काटा हंगामा
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सामुदायिक सवास्थ्य केंद्र में तैनात तीन महिला डॉक्टर को एक साथ डायरिया हो गया। बुधवार को एक भी डॉक्टर अस्पताल नहीं आई। इलाज कराने के लिए आई गर्भवती महिलाएं परेशान हो गई। उनके साथ आए तीमारदारों के हंगामे की खबर पर सीएमओ ने एसीएमओ को सीएचसी जांच करने व मरीजों के इलाज का प्रबंध करने के लिए भेजा।
रानीगंज सीएचसी में महिलाओं के इलाज के लिए डॉक्टर पुनीता पांडेय, वर्षा श्रीवास्तव और अंजली की तैनाती हुइ्र है। मरीजों का आरोप है कि तैनाती के बाद भी महिला चिकित्सक कम ही अस्पताल आती हैं। जिस दिन आती है उस दिन एक साथ हसताक्षर भी कर देती हैं। बुधवार सुबह आठ बजे से दोपहर बारह बजे के बीच में करीब डेढ़ सौ गर्भवती महिलाएं जांच और इलाज कराने के लिए सीएचसी पहुंची। मगर महिला ओपीडी में ताला लगा हुआ था।
जिससे महिलाएं व उनके साथ आए तीमारदार परेशान होकर हंगामा करने लगे। बताते हैं कि हंगामा खत्म कराने के लिए सीएचसी अधीक्षक ने एक सीएचओ को डॉक्टर बनाकर ओपीडी चैंबर में बैठा दिया। इस बीच प्रमोद नाम के युवक ने फोन कर इसकी शिकायत सीएमओ से की। जिसके बाद मामले की जांच करने के लिए सीएमओ ने कार्यालय से एसीएमओ को भेजा। मौके पर पहुंचे एसीएमओ अधीक्षक के चैंबर में बैठकर बातचीत कर चलते बने।
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एसीएमओ ने बताया कि तीनों महिला चिकित्सकों को एक साथ डायरिया हो गया है। जिसके चलते मरीजों को कुछ दिक्कतें हुई है। हालांकि अन्य चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इलाज कराने आई सुमन, रामकली, अंजू, विमला, राजकुमारी, ऊषा देवी, शिवानी, अंजली ने बताया कि वे तीसरी बार अस्पताल में इलाज कराने आई। मगर तीनों बार महिला डॉक्टर नहीं मिली।
चिकित्सकों को डायरिया हो गया है। उल्टी दस्त से वे परेशान हैं। इस लिए अस्पताल नहीं आए हैं। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं हो रही है। अन्य चिकित्सक ओपीडी में आने वाले मरीजों का इलाज ही कर रहे हैं। हंगामा करने वाले लोग जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। रजनीश प्रियदर्शी, अधीक्षक सीएचसी रानीगंज।
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रानीगंज सीएचसी में महिलाओं के इलाज के लिए डॉक्टर पुनीता पांडेय, वर्षा श्रीवास्तव और अंजली की तैनाती हुइ्र है। मरीजों का आरोप है कि तैनाती के बाद भी महिला चिकित्सक कम ही अस्पताल आती हैं। जिस दिन आती है उस दिन एक साथ हसताक्षर भी कर देती हैं। बुधवार सुबह आठ बजे से दोपहर बारह बजे के बीच में करीब डेढ़ सौ गर्भवती महिलाएं जांच और इलाज कराने के लिए सीएचसी पहुंची। मगर महिला ओपीडी में ताला लगा हुआ था।
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जिससे महिलाएं व उनके साथ आए तीमारदार परेशान होकर हंगामा करने लगे। बताते हैं कि हंगामा खत्म कराने के लिए सीएचसी अधीक्षक ने एक सीएचओ को डॉक्टर बनाकर ओपीडी चैंबर में बैठा दिया। इस बीच प्रमोद नाम के युवक ने फोन कर इसकी शिकायत सीएमओ से की। जिसके बाद मामले की जांच करने के लिए सीएमओ ने कार्यालय से एसीएमओ को भेजा। मौके पर पहुंचे एसीएमओ अधीक्षक के चैंबर में बैठकर बातचीत कर चलते बने।
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एसीएमओ ने बताया कि तीनों महिला चिकित्सकों को एक साथ डायरिया हो गया है। जिसके चलते मरीजों को कुछ दिक्कतें हुई है। हालांकि अन्य चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इलाज कराने आई सुमन, रामकली, अंजू, विमला, राजकुमारी, ऊषा देवी, शिवानी, अंजली ने बताया कि वे तीसरी बार अस्पताल में इलाज कराने आई। मगर तीनों बार महिला डॉक्टर नहीं मिली।
चिकित्सकों को डायरिया हो गया है। उल्टी दस्त से वे परेशान हैं। इस लिए अस्पताल नहीं आए हैं। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं हो रही है। अन्य चिकित्सक ओपीडी में आने वाले मरीजों का इलाज ही कर रहे हैं। हंगामा करने वाले लोग जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। रजनीश प्रियदर्शी, अधीक्षक सीएचसी रानीगंज।