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इस बार लगाए जाएंगे औषधीय पौधे
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हरियाली अभियान में इस बार छायादार व फलदार पौधे ही नहीं रोपित किए जाएंगे, बल्कि कोरोना काल में वन विभाग ने औषधीय पौधों को भी रोपित करने का निर्णय लिया है। हरियाली अभियान में नीम, बेल, कुंजी, सहिजन, आंवला, बालमखीरा सहित पौधों को भी शामिल किया है। जुलाई माह में पौधरोपण का कार्य शुरू होगा।
जिले में हरियाली अभियान के तहत इस बार 32 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। वन विभाग की ओर से इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। विभाग का कहना है कि इस बार जिले की नर्सरी से तैयार पौधों को रोपित किया जाएगा। लॉकडाउन के चलते पौधोें की नर्सरी तैयार करने में थोड़ी रुकावट जरूरी आई, मगर ढील देने के बाद अब कार्य प्रगति पर है। हरियाली अभियान के तहत हर साल पौधे रोपित होते हैं। आमतौर अभियान के तहत छायादार व फलदार पौधे ही रोपित किए जाते हैं। मसलन आम, अमरूद, जामुन, पीपल, पाकड़, बरगद आदि।
मगर कोरोना काल में हरियाली अभियान खास है। वन विभाग के अफसरों ने छायादार व फलदार पौधों के साथ ही औषधीय पौधों को भी रोपित करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य के 20 प्रतिशत औषधीय पौधों को भी रोपित करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें बालमखीरा, कुंजी, बेल, सहिजन, आंवला सहित स्वास्थ्यवर्धक औषधीय पौधों को शामिल किया गया है। डीएफओ बीआर अहिरवार ने बताया कि छायादार, फलदार पौधों के साथ ही हरियाली अभियान के तहत इस बार औषधीय पौधों को भी रोपित किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
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हरियाली अभियान के तहत पिछले वर्ष 40 लाख पौधों को रोपित किया गया था। जिसमें छायादार व फलदार पौधे शामिल किए गए थे, मगर इस बार पौधारोपण का लक्ष्य घट गया है। इस बार 32 लाख पौधे ही रोपित किए जाएंगे। डीएफओ बीरआर अहिरवार ने बताया कि पौधारोपण अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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जिले में हरियाली अभियान के तहत इस बार 32 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। वन विभाग की ओर से इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। विभाग का कहना है कि इस बार जिले की नर्सरी से तैयार पौधों को रोपित किया जाएगा। लॉकडाउन के चलते पौधोें की नर्सरी तैयार करने में थोड़ी रुकावट जरूरी आई, मगर ढील देने के बाद अब कार्य प्रगति पर है। हरियाली अभियान के तहत हर साल पौधे रोपित होते हैं। आमतौर अभियान के तहत छायादार व फलदार पौधे ही रोपित किए जाते हैं। मसलन आम, अमरूद, जामुन, पीपल, पाकड़, बरगद आदि।
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मगर कोरोना काल में हरियाली अभियान खास है। वन विभाग के अफसरों ने छायादार व फलदार पौधों के साथ ही औषधीय पौधों को भी रोपित करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य के 20 प्रतिशत औषधीय पौधों को भी रोपित करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें बालमखीरा, कुंजी, बेल, सहिजन, आंवला सहित स्वास्थ्यवर्धक औषधीय पौधों को शामिल किया गया है। डीएफओ बीआर अहिरवार ने बताया कि छायादार, फलदार पौधों के साथ ही हरियाली अभियान के तहत इस बार औषधीय पौधों को भी रोपित किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
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हरियाली अभियान के तहत पिछले वर्ष 40 लाख पौधों को रोपित किया गया था। जिसमें छायादार व फलदार पौधे शामिल किए गए थे, मगर इस बार पौधारोपण का लक्ष्य घट गया है। इस बार 32 लाख पौधे ही रोपित किए जाएंगे। डीएफओ बीरआर अहिरवार ने बताया कि पौधारोपण अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है।