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अक्षय प्रताप के चुनाव लड़ने पर लगा ग्रहण, चुनाव आयोग से मांगा गया मार्गदर्शन
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प्रतापगढ़। विधान परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन करने वाले अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी की उम्मीदवारी पर कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद ग्रहण लग गया है। माना जा रहा है कि अब उनकी पत्नी मधुरिमा सिंह चुनाव लड़ेंगी। बुधवार को कोर्ट का फैसला आने के बाद चुनाव से जुड़े अफसरों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर राय मांगी है। बृहस्पतिवार को तीन बजे तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे।
एमएससी चुनाव के लिए नामांकन करने वाले निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह का पर्चा मंगलवार को वैध घोषित किया गया था, मगर बुधवार को एमपी-एलएलए कोर्ट से सात साल कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद उनके चुनाव लड़ने पर ग्रहण लग गया है। कोर्ट से जेल भेजे गए अक्षय प्रताप सिंह को हाईकोर्ट से राहत मिल सकती है, मगर जमानत मिलने की प्रक्रिया में समय लग सकता है। इधर, चुनाव से जुड़े अफसरों ने पूरे मामले से चुनाव आयोग को अवगत कराते हुए मार्गदर्शन मांगा है।
बृहस्पतिवार को एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को उम्मीदवारी वापस लेने का अंतिम दिन है। ऐसा माना जा रहा है कि अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी का पर्चा उनके प्रस्तावक वापस ले सकते हैं और उनकी पत्नी मधुरिमा सिंह चुनाव लड़ सकती हैं। एडीएम मुकेशचंद्र ने बताया कि नामांकन के समय अक्षय प्रताप का पर्चा वैध मिला है। आज जो फैसला आया है, उसके संबंध में चुनाव आयोग से मार्गदर्शन मांगा गया है। फिलहाल अब बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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एमएससी चुनाव के लिए नामांकन करने वाले निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह का पर्चा मंगलवार को वैध घोषित किया गया था, मगर बुधवार को एमपी-एलएलए कोर्ट से सात साल कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद उनके चुनाव लड़ने पर ग्रहण लग गया है। कोर्ट से जेल भेजे गए अक्षय प्रताप सिंह को हाईकोर्ट से राहत मिल सकती है, मगर जमानत मिलने की प्रक्रिया में समय लग सकता है। इधर, चुनाव से जुड़े अफसरों ने पूरे मामले से चुनाव आयोग को अवगत कराते हुए मार्गदर्शन मांगा है।
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बृहस्पतिवार को एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को उम्मीदवारी वापस लेने का अंतिम दिन है। ऐसा माना जा रहा है कि अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी का पर्चा उनके प्रस्तावक वापस ले सकते हैं और उनकी पत्नी मधुरिमा सिंह चुनाव लड़ सकती हैं। एडीएम मुकेशचंद्र ने बताया कि नामांकन के समय अक्षय प्रताप का पर्चा वैध मिला है। आज जो फैसला आया है, उसके संबंध में चुनाव आयोग से मार्गदर्शन मांगा गया है। फिलहाल अब बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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