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Pratapgarh News: भगवान की भक्ति में नहीं होना चाहिए दिखावे का भाव
Mon, 06 Nov 2023 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 06 Nov 2023 02:00 AM IST
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लालगंज के अर्जुनपुर में कथा सुनाते शांतनु जी महराज।
क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा सुनने के लिए राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी शामिल हुए। कथा को आगे बढ़ाते हुए आचार्य शांतनु ने बताया कि मानव रूपी जीवन बार-बार नहीं मिलता है, इसलिए इस कलयुग में दया, धर्म व भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए। भक्ति में दिखावे का भाव नहीं होना चाहिए।
आचार्य ने इसका महत्व समझाते हुए कहा कि भगवान की भक्ति में मनुष्य को अधिक से अधिक समय लगाना चाहिए। यही एक रास्ता है जिससे मनुष्य को सारे दुख व पाप से मुक्ति मिला करती है। उन्होंने ध्रुव चरित्र का वर्णन भी किया।
कथा में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भागवत भगवान का आशीर्वाद लेकर जनकल्याण की कामना की। मुख्य यजमान जगदीश बहादुर सिंह व शांति सिंह ने मंत्री का स्वागत किया। कथा का संयोजन पूर्व प्रमुख रमेश प्रताप सिंह ने किया। इस मौके पर नागेश प्रताप सिंह, दिनेश सिंह, उमेश प्रताप, प्रमोद, महेंद्र प्रताप सिंह, विनोद सिंह और सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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भक्तों पर समान रूप से बरसती है भगवान की कृपा
- काछा बोधराम में आचार्य विनोदानंद ने श्रद्धालुओं को सुनाई राजा परीक्षित की कथा
लीलापुर। क्षेत्र के काछा पूरे बोधराम में रविवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सुनने को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास आचार्य विनोदानंद जी महाराज ने सुकदेव भगवान का अंतिम उपदेश, परीक्षित मोक्ष व सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। आचार्य ने राजा परीक्षित के मोक्ष का मर्म समझाते हुए बताया कि भगवान ने जगत को यह संदेश दिया कि मृत्यु भी जीवन की हर प्रकिया की तरह एक शाश्वत सत्य है। उन्होंने कहा कि जीवन जीने की सही कला भगवान के प्रति नि:स्वार्थ श्रद्धा व आचरण में पारदर्शिता है।
मुख्य यजमान इंदु शुक्ला व रामचंद्र शुक्ल ने कथाव्यास का रोली चंदन से श्रीअभिषेक किया। इस मौके पर धर्मराज मिश्र, शैलेंद्र शुक्ल, करुणेश त्रिपाठी, गामा पाल, कैलाश गुप्ता, किरन, रानी, रामराज पांडेय, पुरुषोत्तम सोनी आदि मौजूद रहे। संवाद
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आचार्य ने इसका महत्व समझाते हुए कहा कि भगवान की भक्ति में मनुष्य को अधिक से अधिक समय लगाना चाहिए। यही एक रास्ता है जिससे मनुष्य को सारे दुख व पाप से मुक्ति मिला करती है। उन्होंने ध्रुव चरित्र का वर्णन भी किया।
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कथा में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भागवत भगवान का आशीर्वाद लेकर जनकल्याण की कामना की। मुख्य यजमान जगदीश बहादुर सिंह व शांति सिंह ने मंत्री का स्वागत किया। कथा का संयोजन पूर्व प्रमुख रमेश प्रताप सिंह ने किया। इस मौके पर नागेश प्रताप सिंह, दिनेश सिंह, उमेश प्रताप, प्रमोद, महेंद्र प्रताप सिंह, विनोद सिंह और सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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भक्तों पर समान रूप से बरसती है भगवान की कृपा
- काछा बोधराम में आचार्य विनोदानंद ने श्रद्धालुओं को सुनाई राजा परीक्षित की कथा
लीलापुर। क्षेत्र के काछा पूरे बोधराम में रविवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सुनने को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास आचार्य विनोदानंद जी महाराज ने सुकदेव भगवान का अंतिम उपदेश, परीक्षित मोक्ष व सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। आचार्य ने राजा परीक्षित के मोक्ष का मर्म समझाते हुए बताया कि भगवान ने जगत को यह संदेश दिया कि मृत्यु भी जीवन की हर प्रकिया की तरह एक शाश्वत सत्य है। उन्होंने कहा कि जीवन जीने की सही कला भगवान के प्रति नि:स्वार्थ श्रद्धा व आचरण में पारदर्शिता है।
मुख्य यजमान इंदु शुक्ला व रामचंद्र शुक्ल ने कथाव्यास का रोली चंदन से श्रीअभिषेक किया। इस मौके पर धर्मराज मिश्र, शैलेंद्र शुक्ल, करुणेश त्रिपाठी, गामा पाल, कैलाश गुप्ता, किरन, रानी, रामराज पांडेय, पुरुषोत्तम सोनी आदि मौजूद रहे। संवाद
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