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Pratapgarh News: पूरे भोरई व डंडवा की पांच हजार आबादी के शहरी बनने की जगी आग
Sun, 04 Aug 2024 03:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sun, 04 Aug 2024 03:52 AM IST
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रंजीतपुर चिलबिला के पूरे भोरई व डंडवा की पांच हजार की आबादी में भी शहर का हिस्सा बनने की आस जगी है। डीएम की ओर से प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में कहा गया है कि इस बस्ती के लोगों को शामिल कराने के बाद ही नगर पालिका चेयरमैन पद का उपचुनाव कराया जाए।
सदर विकासखंड के रंजीतपुर चिलबिला के पूरे भोरई व डंडवा की करीब पांच हजार आबादी को सीमा विस्तार में शामिल नहीं किया गया। जिसके चलते यहां के लोग न तो गांव के रहे और न ही शहरी बन सके। उन्हें जन्म, मृत्यु समेत अन्य दस्तावेज के लिए भटकना पड़ रहा था। नगर पालिका चुनाव की मतदाता सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं हो सका। इसे लेकर कई बार धरना प्रदर्शन होता रहा। लोगों ने लोक सभा चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया लेकिन प्रशासन ने सभी को समझा बुझाकर मतदान कराया। यहां के लोगों की समस्या को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय की ओर से नगर पालिका से रिपोर्ट तलब की गई है।
वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी संजीव रंजन ने प्रमुख सचिव नगरीय विकास को भेजे पत्र में कहा है कि पूरे भोरई व डंडवा के लोगों की समस्या को देखते हुए उन्हें नगर पालिका में शामिल किया जाए। जब तक वहां की आबादी शहर का हिस्सा न बने तब तक चेयरमैन पद पर संभावित उपचुनाव स्थगित रखा जाए। यहां रहने वाले लोेगों की समस्या को दूर कराने के लिए सपा नेता व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता यशवर्धन सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय में मामले को लेकर आठ अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
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सदर विकासखंड के रंजीतपुर चिलबिला के पूरे भोरई व डंडवा की करीब पांच हजार आबादी को सीमा विस्तार में शामिल नहीं किया गया। जिसके चलते यहां के लोग न तो गांव के रहे और न ही शहरी बन सके। उन्हें जन्म, मृत्यु समेत अन्य दस्तावेज के लिए भटकना पड़ रहा था। नगर पालिका चुनाव की मतदाता सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं हो सका। इसे लेकर कई बार धरना प्रदर्शन होता रहा। लोगों ने लोक सभा चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया लेकिन प्रशासन ने सभी को समझा बुझाकर मतदान कराया। यहां के लोगों की समस्या को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय की ओर से नगर पालिका से रिपोर्ट तलब की गई है।
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वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी संजीव रंजन ने प्रमुख सचिव नगरीय विकास को भेजे पत्र में कहा है कि पूरे भोरई व डंडवा के लोगों की समस्या को देखते हुए उन्हें नगर पालिका में शामिल किया जाए। जब तक वहां की आबादी शहर का हिस्सा न बने तब तक चेयरमैन पद पर संभावित उपचुनाव स्थगित रखा जाए। यहां रहने वाले लोेगों की समस्या को दूर कराने के लिए सपा नेता व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता यशवर्धन सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय में मामले को लेकर आठ अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
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