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अल्लाह की रजा को दी कुर्बानी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 26 Sep 2015 01:39 AM IST
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प्रतापगढ़। बकरीद का पर्व शुक्रवार को जिले में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह निर्धारित समय पर अकीदतमंद ईदगाहों और मसजिदों में पहुंचे। एक साथ सभी ने नमाज अदाकर अल्लाह से मुल्क व कौम के हिफाजत की दुआ मांगी। नमाज बाद जानवरों की कुर्बानी दी गई। एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद भी दी। इस बीच कुछ नेता ईदगाह व जामा मस्जिद पहुंचे और गले मिलकर अकीदतमंदों को बधाई देकर भाईचारे का संदेश दिया।
बकरीद का पर्व हजरत इब्राहीम अलै. की ओर से अपने कलेजे के टुकड़े हजऱत इस्माइल रजि. की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। बकरीद का पर्व तीन दिन तक मनाने का सिलसिला चलता है। मुस्लिम समुदाय के लोग बकरा, भेड़, भैंसा और ऊंट की कुर्बानी देते हैं। हैसियत के मुताबिक अल्लाह की राह में जानवरों की कुर्बानी के लिए लोग काफी दिनों से तैयारी कर रहे थे। वैसे तो गांव के लोग अपने घरों में बकरों को पालते हैं। मान्यता है कि खुदा को ऐसे जानवरों की कुर्बानी पसंद है, जिसे लोग बहुत चाहते हों। बकरीद की नमाज अदा करने के लिए शुक्रवार की सुबह लोग नहा धोकर पाक कपड़ों में ईदगाहों और मसजिदों में पहुंचे। जहां एक साथ सभी ने नमाज अदा की।
मसजिदों में तमाम बच्चों ने भी नमाज अदा की। बाहर मेले जैसा माहौल रहा। दुकानें भी खूब लगी हुई थीं। नमाज बाद बच्चे खरीदारी में जुट गए तो बड़े बुजुर्ग एक दूसरे से गले मिल कर बकरीद की मुबारकबाद देने लगे। यह क्रम काफी देर तक चलता रहा।
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इस बीच भुलियापुर ईदगाह में पहुंचे सांसद हरिवंश सिंह, सदर विधायक नागेन्द्र सिंह यादव उर्फ मुन्ना, एमएलसी प्रतिनिधि अनिल कुमार सिंह लाल साहब ने भी मुस्लिम समुदाय के लोगों से गले मिलकर बधाई दी। कई जगह नमाज बाद मसजिदों के बाहर आए मुस्लिम भाइयों को हिन्दू भाइयों ने गले लगा कर शिद्दत के साथ मुबारकबाद दी। इस बीच अकीदतमंदों को मौलाना ने खुदा के हुक्म को पूरा करने का इल्म दिया। बताया कि दुनियावी जिंदगी के अलावा दीनी जिंदगी गुजार कर खुदा के हुक्म को पूरा किया जा सकता है।
सभी को नमाज का पाबंद होना चाहिए। नमाज होने तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, एसपी सुनील कुमार सक्सेना, एएसपी अखिलेश्वर पांडेय, एसडीएम सदर जेपी मिश्र, तहसीलदार सदर चंद्रेश सिंह, सीओ सिटी मनीष मिश्र, नगर कोतवाल अनिल कुमार समेत अन्य अधिकारी भी भुलियापुर में डटे रहे। इसके पूर्व जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मातहतों से मिश्रित आबादी वाले गांवों की जानकारी लेते रहे।
बकरीद के मौके पर शहर के अबुल कलाम मस्जिद में नमाज सवा छह बजे होनी थी। नमाज में भारी संख्या में लोग पहुंच गए। इमाम मौलाना ताजदार अहमद ने बकरीद की नमाज अदा कराई। नमाज बाद जब लोगों का रेला बाहर निकला तो हाईवे पर जाम लग गया। भंगवाचुंगी के पुलिसकर्मियों के बस में यातायात व्यवस्था नहीं रही। तभी उधर से गुजर रहे सीओ सिटी मनीष मिश्र की नजर पड़ी। वे रुके और कोतवाली पुलिस के साथ ही यातायात पुलिस को खरीखोटी सुनाने लगे। खुद सड़क पर खड़े होकर वाहनों को रोका। इसके बाद नमाजियों के लिए रास्ता खाली हो सका।
अधिकारियों के आदेश के बाद भी मातहतों की मनमानी जारी है। शहर में बकरीद पर्व पर साफ सफाई का निर्देश सफाई कर्मचारियों को दिया गया था। इसके बाद भी सफाई कर्मचारी अपने समय पर ही सफाई करने निकले। अबुल कलाम समेत दूसरी मस्जिदों में नमाज हो गई। तब सफाई का काम शुरू हो सका।
भुलियापुर के अलावा ग्रामीण अंचलों के ईदगाह के बाहर मेला लगा हुआ था। मेले में बच्चों ने जमकर खरीदारी की। बड़े नमाज पढने चले गए तो बच्चों ने झूले का आनंद उठाया और कुल्फी, चाट, मिठाई समेत अन्य व्यंजनों को लुत्फ उठाया। खिलौने खरीदने के लिए बच्चे अपने वालिदैन पर दबाव बनाते रहे।
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बकरीद का पर्व हजरत इब्राहीम अलै. की ओर से अपने कलेजे के टुकड़े हजऱत इस्माइल रजि. की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। बकरीद का पर्व तीन दिन तक मनाने का सिलसिला चलता है। मुस्लिम समुदाय के लोग बकरा, भेड़, भैंसा और ऊंट की कुर्बानी देते हैं। हैसियत के मुताबिक अल्लाह की राह में जानवरों की कुर्बानी के लिए लोग काफी दिनों से तैयारी कर रहे थे। वैसे तो गांव के लोग अपने घरों में बकरों को पालते हैं। मान्यता है कि खुदा को ऐसे जानवरों की कुर्बानी पसंद है, जिसे लोग बहुत चाहते हों। बकरीद की नमाज अदा करने के लिए शुक्रवार की सुबह लोग नहा धोकर पाक कपड़ों में ईदगाहों और मसजिदों में पहुंचे। जहां एक साथ सभी ने नमाज अदा की।
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मसजिदों में तमाम बच्चों ने भी नमाज अदा की। बाहर मेले जैसा माहौल रहा। दुकानें भी खूब लगी हुई थीं। नमाज बाद बच्चे खरीदारी में जुट गए तो बड़े बुजुर्ग एक दूसरे से गले मिल कर बकरीद की मुबारकबाद देने लगे। यह क्रम काफी देर तक चलता रहा।
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इस बीच भुलियापुर ईदगाह में पहुंचे सांसद हरिवंश सिंह, सदर विधायक नागेन्द्र सिंह यादव उर्फ मुन्ना, एमएलसी प्रतिनिधि अनिल कुमार सिंह लाल साहब ने भी मुस्लिम समुदाय के लोगों से गले मिलकर बधाई दी। कई जगह नमाज बाद मसजिदों के बाहर आए मुस्लिम भाइयों को हिन्दू भाइयों ने गले लगा कर शिद्दत के साथ मुबारकबाद दी। इस बीच अकीदतमंदों को मौलाना ने खुदा के हुक्म को पूरा करने का इल्म दिया। बताया कि दुनियावी जिंदगी के अलावा दीनी जिंदगी गुजार कर खुदा के हुक्म को पूरा किया जा सकता है।
सभी को नमाज का पाबंद होना चाहिए। नमाज होने तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, एसपी सुनील कुमार सक्सेना, एएसपी अखिलेश्वर पांडेय, एसडीएम सदर जेपी मिश्र, तहसीलदार सदर चंद्रेश सिंह, सीओ सिटी मनीष मिश्र, नगर कोतवाल अनिल कुमार समेत अन्य अधिकारी भी भुलियापुर में डटे रहे। इसके पूर्व जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मातहतों से मिश्रित आबादी वाले गांवों की जानकारी लेते रहे।
बकरीद के मौके पर शहर के अबुल कलाम मस्जिद में नमाज सवा छह बजे होनी थी। नमाज में भारी संख्या में लोग पहुंच गए। इमाम मौलाना ताजदार अहमद ने बकरीद की नमाज अदा कराई। नमाज बाद जब लोगों का रेला बाहर निकला तो हाईवे पर जाम लग गया। भंगवाचुंगी के पुलिसकर्मियों के बस में यातायात व्यवस्था नहीं रही। तभी उधर से गुजर रहे सीओ सिटी मनीष मिश्र की नजर पड़ी। वे रुके और कोतवाली पुलिस के साथ ही यातायात पुलिस को खरीखोटी सुनाने लगे। खुद सड़क पर खड़े होकर वाहनों को रोका। इसके बाद नमाजियों के लिए रास्ता खाली हो सका।
अधिकारियों के आदेश के बाद भी मातहतों की मनमानी जारी है। शहर में बकरीद पर्व पर साफ सफाई का निर्देश सफाई कर्मचारियों को दिया गया था। इसके बाद भी सफाई कर्मचारी अपने समय पर ही सफाई करने निकले। अबुल कलाम समेत दूसरी मस्जिदों में नमाज हो गई। तब सफाई का काम शुरू हो सका।
भुलियापुर के अलावा ग्रामीण अंचलों के ईदगाह के बाहर मेला लगा हुआ था। मेले में बच्चों ने जमकर खरीदारी की। बड़े नमाज पढने चले गए तो बच्चों ने झूले का आनंद उठाया और कुल्फी, चाट, मिठाई समेत अन्य व्यंजनों को लुत्फ उठाया। खिलौने खरीदने के लिए बच्चे अपने वालिदैन पर दबाव बनाते रहे।