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एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थी, मचा कोहराम
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मृत अजय सिंह। फाइल फोटो
- फोटो : PRATAPGARH
कोतवाली क्षेत्र के हरीपुर वरदैता गांव से मंगलवार की दोपहर पिता और पुत्र की अर्थी एक साथ निकली तो सभी का कलेजा दहल गया। लोगों की आंखों से आंसू गिरने लगे। घर में कोहराम मचा रहा। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने भी घर पहुंचकर संवेदना जताई।
कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर वरदैता गांव के रिटायर्ड हेड मास्टर राममूर्ति सिंह और उनके बेटे अजय सिंह की सोमवार की रात रानीगंज थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव में ट्रैक्टर से हुई टक्कर में मौत हो गई थी।
बीमार पिता का इलाज कराने के लिए बेटा अजय उन्हें प्रयागराज ले गया था। स्वस्थ होने पर उन्हें घर पहुंचाने के लिए आ रहा था। किसे पता था कि दोनों की सांसें एक साथ थम जाएंगी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। घर पर भीड़ जुट गई। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह भी शोक जताने पहुंचे।
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घर से जब पिता-पुत्र की अर्थी एक साथ उठी तो लोगों की आंखों से आंसू गिरने लगे। परिजनों की चीत्कार सुनकर हर किसी का कलेजा दहल गया। माहौल बेहद गमगीन हो गया। मृतक अजय सिंह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे।
उनके चार बड़े भाई दिनेश सिंह, अरविंद सिंह, अशोक सिंह और गिरीश प्रताप सिंह है। अजय प्रयागराज में राज नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में कैंटीन चलाते थे। पिता की तबीयत खराब होने की जानकारी पर दो दिन पहले उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज ले गए थे। उनका एक बेटा यश (7) और एक बेटी अनन्या (5) है। अजय की मौत से पत्नी कुमकुम उर्फ मोनी और मां उमरावती समेत परिजनों का बुरा हाल है।
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कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर वरदैता गांव के रिटायर्ड हेड मास्टर राममूर्ति सिंह और उनके बेटे अजय सिंह की सोमवार की रात रानीगंज थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव में ट्रैक्टर से हुई टक्कर में मौत हो गई थी।
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बीमार पिता का इलाज कराने के लिए बेटा अजय उन्हें प्रयागराज ले गया था। स्वस्थ होने पर उन्हें घर पहुंचाने के लिए आ रहा था। किसे पता था कि दोनों की सांसें एक साथ थम जाएंगी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। घर पर भीड़ जुट गई। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह भी शोक जताने पहुंचे।
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घर से जब पिता-पुत्र की अर्थी एक साथ उठी तो लोगों की आंखों से आंसू गिरने लगे। परिजनों की चीत्कार सुनकर हर किसी का कलेजा दहल गया। माहौल बेहद गमगीन हो गया। मृतक अजय सिंह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे।
उनके चार बड़े भाई दिनेश सिंह, अरविंद सिंह, अशोक सिंह और गिरीश प्रताप सिंह है। अजय प्रयागराज में राज नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में कैंटीन चलाते थे। पिता की तबीयत खराब होने की जानकारी पर दो दिन पहले उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज ले गए थे। उनका एक बेटा यश (7) और एक बेटी अनन्या (5) है। अजय की मौत से पत्नी कुमकुम उर्फ मोनी और मां उमरावती समेत परिजनों का बुरा हाल है।

मृत राम मूर्ति सिंह। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH