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फिजाओं में घुली बर्फ, सुन्न पड़ गए हाथ-पैर
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बुधवार को सुबह पड़े घने कोहरे में लाइट जलाकर गुजरे वाहन। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी से ठंड अब चरम पर पहुंच गई है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों से उठीं पछुआ हवाएं शरीर में कांटे की तरह चुभ रहीं हैं। गलन से हाथ-पैर सुन्न पड़ जा रह हैं। बुधवार को हवाओं के कारण दिनभर गलन से लोगों का बुरा हाल रहा। आलम यह रहा कि थोड़ी देर के लिए खिली धूप भी बेअसर रही। दिनभर लोग कांपते रहे। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। रात आठ बजे के बाद शहर में सन्नाटा छा गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड का कहर अभी और तेज हो सकता है।
बारिश के बाद अब ठंड का कहर शुरू हो गया है। बुधवार को सुबह लोगों की आंखें खुलीं तो दरवाजे तक घना कोहरा छाया था। बफीर्ली हवाएं शरीर बेेधने पर आमादा थीं। सुबह शहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा। सुबह 10 बजे तक बाजारों में चहल-पहल नहीं थी। दुकानदार दुकान खोलकर अलाव के पास बैठे हुए थे। दोपहर में धूप खिली, लेकिन हवाओं के आगे पूरी तरह बेअसर रही। पछुआ हवाएं शरीर में चुभ रही थीं।
धूप में बैठने के बाद भी सर्द हवाएं गर्म कपड़ों में लिपटने के लिए बाध्य करती रहीं। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद मौसम पूरी तरह से बदल गया है। शाम होते ही गलन बढ़ गई। ठंड के चलते ऐसा लग रहा था मानों हाथ-पैर सुन्न हो गए हों। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। चौक घंटाघर, पंजाबी मार्केट, बाबागंज, श्रीरामतिराहा, अंबेडकर चौराहा आदि जगहों पर रात आठ बजे के बाद सन्नाटा पसर गया।
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रोडवज स्टैड, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल में लोग कांपते नजर आए। अलाव जलाकर लोग ठंड से बचने का प्रयास कर रहे थे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि ठंड अभी और बढ़ेगी। पछुवा हवाओं के चलने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। अधिकतम तापमान 7.8 व न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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बारिश के बाद अब ठंड का कहर शुरू हो गया है। बुधवार को सुबह लोगों की आंखें खुलीं तो दरवाजे तक घना कोहरा छाया था। बफीर्ली हवाएं शरीर बेेधने पर आमादा थीं। सुबह शहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा। सुबह 10 बजे तक बाजारों में चहल-पहल नहीं थी। दुकानदार दुकान खोलकर अलाव के पास बैठे हुए थे। दोपहर में धूप खिली, लेकिन हवाओं के आगे पूरी तरह बेअसर रही। पछुआ हवाएं शरीर में चुभ रही थीं।
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धूप में बैठने के बाद भी सर्द हवाएं गर्म कपड़ों में लिपटने के लिए बाध्य करती रहीं। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद मौसम पूरी तरह से बदल गया है। शाम होते ही गलन बढ़ गई। ठंड के चलते ऐसा लग रहा था मानों हाथ-पैर सुन्न हो गए हों। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। चौक घंटाघर, पंजाबी मार्केट, बाबागंज, श्रीरामतिराहा, अंबेडकर चौराहा आदि जगहों पर रात आठ बजे के बाद सन्नाटा पसर गया।
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रोडवज स्टैड, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल में लोग कांपते नजर आए। अलाव जलाकर लोग ठंड से बचने का प्रयास कर रहे थे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि ठंड अभी और बढ़ेगी। पछुवा हवाओं के चलने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। अधिकतम तापमान 7.8 व न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।