{"_id":"5e8243278ebc3e76a71ee7fd","slug":"the-administration-quarantined-144-people-from-outside-pratapgarh-news-ald2722304107","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाहर से आए 144 लोगों को प्रशासन ने किया क्वारंटाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाहर से आए 144 लोगों को प्रशासन ने किया क्वारंटाइन
विज्ञापन
the administration quarantined 144 people from outside
- फोटो : PRATAPGARH
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और मुंबई से आने वाले 144 लोगों को प्रशासन ने क्वारंटाइन कर दिया है। सभी को संत अंथोनी इंटर कालेज में रखा गया है। इनमें महिलाओं और पुरुषों के साथ बच्चे भी हैं। इनके स्वास्थ्य की जांच के लिए चिकित्सक भी तैनात किए गए हैं। तहसील प्रशासन को भोजन-पानी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार को सुबह सभी को ब्रेड-चाय और दोपहर में भोजन दिया गया।
समय दोपहर 12.15 बजे
संत अंथोनी कालेज का गेट बंद था। छोटा गेट खुलते ही पुलिस मिल गई। आने का कारण जानने के बाद भीतर जाने दिया। अंदर भी फोर्स के बीच तहसीलदार सदर मनीष कुमार व कानूनगो राहुल सिंह जिला अस्पताल के चिकित्सक मनोज खत्री के साथ मौजूद थे। तहसील प्रशासन के कुछ कर्मचारी क्वारंटाइन किए गए लोगों का विवरण तैयार करने में जुटे थे।
कक्ष संख्या एक- समय दोपहर 12.30
बच्चे परेशान, महिलाओं की आंखों से निकल रहे थे आंसू
क्वारंटाइन केंद्र कक्ष संख्या एक में जौनपुर के बनवीरपुर रहने वाले देवीशंकर अपनी पत्नी बबली देवी, बेटे देव, बेटी दीसा समेत 14 रिश्तेदारों के साथ रुके हुए हैं। वह बार-बार बाहर निकलकर भोजन के बारे में पूछ रहे थे। उनका भांजा आकाश दरवाजे पर खड़ा था, लेकिन पुलिसकर्मियों के भय से बाहर नहीं निकल रहा था। बच्चे परेशान थे तो महिलाओं की आंखों से आंसू निकल रहे थे। देवीशंकर व संतोष कुमार जिम्मेदारों के ऊपर भड़क रहे थे। उन्हें घर जाने की जल्दी थी। कहा इतनी परेशानी तो दिल्ली से यहां तक आने में नहीं हुई। उनकी पूरी जांच हो चुकी है। कोई लक्षण नहीं मिले। फिर भी उन्हें नहीं जाने दिया जा रहा।
विज्ञापन
कक्ष संख्या दो--- समय दोपहर 12.40
दिल्ली पुलिस बोली, घर जाओ सीएम योगी ने कर दी है व्यवस्था
रानीगंज के संडौरा से शमीम भी क्वारंटाइन किए गए हैं। उनके साथ करीब 30 और लोग भी हैं। सभी को सोने के लिए गद्दा भी प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया गया है। पानी के लिए परिसर में नगर पालिका का टैंकर व मोबाइल शौचालय है। शमीम दिल्ली के पहाड़गंज में रहकर मजदूरी करते थे। 100 किमी पैदल चलने के बाद उन्हें बस मिली थी। सोचा था कि घर पहुंच जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब 25 किमी जाने के लिए भी उन्हें 14 दिन तक इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में रहने के दौरान समस्या आई तो पुलिसवालों ने इलाके में घोषणा कर दी कि बार्डर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी को घर भेजने की व्यवस्था कर दी है।
कक्ष संख्या 3 समय दोपहर 1.55
प्रशासन हमी को मानेगा दोषी, घर पर कमरा भी है तैयार
नोएडा में पढ़ाई करने वाले अजीत प्रताप सिंह का घर पूरे खरगराय विश्वनाथगंज में है। 26 मार्च को निकले थे। रविवार को किसी तरह बस से डिपो पहुंचे। वहां मौजूद अफसरों ने उन्हें भी क्वारंटाइन कर दिया। अजीत का कहना था कि यहां कोई इंतजाम भी नहीं है। मॉस्क तक नहीं मिल रहे। मच्छर भी रातभर काटे हैं। साबुन भी नहीं है। वे लोग बाहर जा नहीं सकते। जेब में रुपये हैं और वह घर के करीब पहुंच गए हैं। फिर भी प्रशासन ने उन लोगों को जैसे बंदी बना रखा है। रामगढ़ बभनमई के रहने वाले नीतेश कुमार मिश्र भी खासे परेशान दिखे।
खाने में मिली चार कचौड़ी व सब्जी
क्वारंटाइन किए लोगों की खाने की व्यवस्था तहसील प्रशासन के हवाले हैं। सुबह ब्रेड व चाय मिली तो दोपहर करीब दो बजे सभी को लंच पैकेट वितरित कराया गया। रात में भी भोजन का इंतजाम हुआ था। लंच पैकेट में चार कचौड़ी व सब्जी थी। लंच पैकेट लेने के बाद सभी को कमरों में भेज दिया जाता था।
विज्ञापन
समय दोपहर 12.15 बजे
संत अंथोनी कालेज का गेट बंद था। छोटा गेट खुलते ही पुलिस मिल गई। आने का कारण जानने के बाद भीतर जाने दिया। अंदर भी फोर्स के बीच तहसीलदार सदर मनीष कुमार व कानूनगो राहुल सिंह जिला अस्पताल के चिकित्सक मनोज खत्री के साथ मौजूद थे। तहसील प्रशासन के कुछ कर्मचारी क्वारंटाइन किए गए लोगों का विवरण तैयार करने में जुटे थे।
विज्ञापन
कक्ष संख्या एक- समय दोपहर 12.30
बच्चे परेशान, महिलाओं की आंखों से निकल रहे थे आंसू
क्वारंटाइन केंद्र कक्ष संख्या एक में जौनपुर के बनवीरपुर रहने वाले देवीशंकर अपनी पत्नी बबली देवी, बेटे देव, बेटी दीसा समेत 14 रिश्तेदारों के साथ रुके हुए हैं। वह बार-बार बाहर निकलकर भोजन के बारे में पूछ रहे थे। उनका भांजा आकाश दरवाजे पर खड़ा था, लेकिन पुलिसकर्मियों के भय से बाहर नहीं निकल रहा था। बच्चे परेशान थे तो महिलाओं की आंखों से आंसू निकल रहे थे। देवीशंकर व संतोष कुमार जिम्मेदारों के ऊपर भड़क रहे थे। उन्हें घर जाने की जल्दी थी। कहा इतनी परेशानी तो दिल्ली से यहां तक आने में नहीं हुई। उनकी पूरी जांच हो चुकी है। कोई लक्षण नहीं मिले। फिर भी उन्हें नहीं जाने दिया जा रहा।
विज्ञापन
कक्ष संख्या दो--- समय दोपहर 12.40
दिल्ली पुलिस बोली, घर जाओ सीएम योगी ने कर दी है व्यवस्था
रानीगंज के संडौरा से शमीम भी क्वारंटाइन किए गए हैं। उनके साथ करीब 30 और लोग भी हैं। सभी को सोने के लिए गद्दा भी प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया गया है। पानी के लिए परिसर में नगर पालिका का टैंकर व मोबाइल शौचालय है। शमीम दिल्ली के पहाड़गंज में रहकर मजदूरी करते थे। 100 किमी पैदल चलने के बाद उन्हें बस मिली थी। सोचा था कि घर पहुंच जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब 25 किमी जाने के लिए भी उन्हें 14 दिन तक इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में रहने के दौरान समस्या आई तो पुलिसवालों ने इलाके में घोषणा कर दी कि बार्डर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी को घर भेजने की व्यवस्था कर दी है।
कक्ष संख्या 3 समय दोपहर 1.55
प्रशासन हमी को मानेगा दोषी, घर पर कमरा भी है तैयार
नोएडा में पढ़ाई करने वाले अजीत प्रताप सिंह का घर पूरे खरगराय विश्वनाथगंज में है। 26 मार्च को निकले थे। रविवार को किसी तरह बस से डिपो पहुंचे। वहां मौजूद अफसरों ने उन्हें भी क्वारंटाइन कर दिया। अजीत का कहना था कि यहां कोई इंतजाम भी नहीं है। मॉस्क तक नहीं मिल रहे। मच्छर भी रातभर काटे हैं। साबुन भी नहीं है। वे लोग बाहर जा नहीं सकते। जेब में रुपये हैं और वह घर के करीब पहुंच गए हैं। फिर भी प्रशासन ने उन लोगों को जैसे बंदी बना रखा है। रामगढ़ बभनमई के रहने वाले नीतेश कुमार मिश्र भी खासे परेशान दिखे।
खाने में मिली चार कचौड़ी व सब्जी
क्वारंटाइन किए लोगों की खाने की व्यवस्था तहसील प्रशासन के हवाले हैं। सुबह ब्रेड व चाय मिली तो दोपहर करीब दो बजे सभी को लंच पैकेट वितरित कराया गया। रात में भी भोजन का इंतजाम हुआ था। लंच पैकेट में चार कचौड़ी व सब्जी थी। लंच पैकेट लेने के बाद सभी को कमरों में भेज दिया जाता था।