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टीईटी : परीक्षा शुरू होने के बाद आधे घंटे बाद हुई रद्द होने की जानकारी
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टीईटी परीक्षा निरस्त होने के बाद परीक्षा केन्द्र के बाहर मोबाइल से प्रश्नों को मिलाती परीक्षार्
- फोटो : PRATAPGARH
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द होने की जानकारी परीक्षा केंद्रों पर आधे घंटे बाद हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सूचना देकर परीक्षा बीच में ही रोकने का आदेश दिया। इससे परीक्षा केंद्रों पर अफरातफरी मच गई। परीक्षा शुरू हुए तीस मिनट का समय बीत गया था। आननफानन में ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र जमा कराए गए। प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी पर परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई
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जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को 43 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा दो पालियों में होनी थी। दोनों पालियों में कुल 36 हजार 353 परीक्षार्थियों को सम्मिलित होना था। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक होनी थी। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक होनी थी।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के निर्देश के अनुसार जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों को 45 मिनट पूर्व जांच के बाद केंद्रों पर जाने की अनुमति दी थी। सुबह की पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के दौरान केंद्रों पर परीक्षार्थियों का प्रवेश 45 मिनट पूर्व शुरू हो गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की जांच के बाद उन्हें केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया।
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सभी केंद्रों पर सुबह 9.45 बजे ओएमआर शीट वितरित कर दी गई। दस बजे प्रश्नपत्र भी वितरित कर दिए गए। परीक्षा शुरू होने के बाद ही सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने लगा। हालांकि इसे लोग फर्जी पेपर बताकर टाल रहे थे। करीब 10.30 बजे जिला प्रशासन को पेपर लीक होने की जानकारी हुई। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने सभी केंद्रों पर मौजूद स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा रोकने का निर्देश दिया। केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों ने परीक्षा को आधे घंटे बाद रोक दिया और सभी परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट जमा करा ली। इसके बाद सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के बाहर कर दिया गया।
केंद्रों पर मचा रहा हड़कंप
परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र दे दिए गए। परीक्षार्थी प्रश्नपत्र हल करने में व्यस्त हो गए। आधे घंटे बाद अचानक पेपर लीक होने की जानकारी मिलने पर केंद्रों पर हड़कंप मच गया। ड्यूटी कर रहे कक्ष निरीक्षकों के साथ ही अभ्यर्थी भी अवाक रह गए। हालांकि कुछ देर तक केंद्रों पर परीक्षा निरस्त होने की जानकारी को परीक्षार्थी गलत मान रहे थे। लेकिन अधिकारियों के पहुंचने के बाद उन्हें परीक्षा निरस्त होने की जानकारी हुई।
प्रश्नपत्र देने को तैयार नहीं थे परीक्षार्थी
शिक्षक पात्रता परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू हो गई। आधे घंटे के बाद परीक्षा रोककर कक्ष निरीक्षकों ने परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट जमा करने के लिए कहा। एमडीपीजी, पीबीपीजी, पीजी कॉलेज पट्टी सहित कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने कक्ष निरीक्षकों को प्रश्नपत्र देने से मना कर दिया। हालांकि इसकी जानकारी होने के बाद केंद्र पर मौजूद पुलिसकर्मियों की सख्ती के बाद परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र जमा कराए गए।
दूसरी पाली के परीक्षार्थी भी पहुंचे थे केंद्रों पर
दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक होनी थी। कई परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र दूर बनाए गए थे। ऐसे में सही समय पर दूसरी पाली में आयोजित होने वाली उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए परीक्षार्थी अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। पहली पाली की परीक्षा निरस्त होने के बाद भी वे परीक्षा के इंतजार में दोपहर 2 बजे तक केंद्रों पर मौजूद रहे। हालांकि केंद्रों पर मौजूद स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट ने परीक्षा निरस्त होने की जानकारी दी। जिस पर परीक्षार्थी निराश होकर लौट गए।
शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे परीक्षार्थियों को लगा झटका
69000 शिक्षक भर्ती की परीक्षा संपन्न होने के बाद बीएड और डीएलएड परीक्षार्थियों को लगभग पांच माह से आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार है। टीईटी परीक्षा के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी होना था। परीक्षार्थी भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त हो जाने से उन्हें तगड़ा झटका लगा है। अब उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि यूपीटीईटी परीक्षा कब होगी। यूपीटीईटी के बाद चुनाव आ जाने की वजह से शिक्षक भर्ती परीक्षा लटक जाने का डर सता रहा है।
शिक्षक भर्ती परीक्षा में पहले हाईस्कूल, इंटर, स्नातक व बीएड और डीएलएड में प्राप्त अंकों के आधार पर गुणांक तैयार किया जाता था। उसके साथ शिक्षक भर्ती परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मिले गुणांक को मेरिट में जोड़ा जाता था। लेकिन सरकार ने इस बार फैसला लिया है कि यूपीटीईटी व सीटीईटी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर बनने वाले गुणांक को इस बार मेरिट में जोड़ा जाएगा। इसलिए इस बार यूपीटीईटी की परीक्षा में वह भी परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे जिन्होंने यूपीटीईटी परीक्षा पहले से पास कर रखी थी। वह अधिक अंक प्राप्त करने के लिए परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। परीक्षा निरस्त होने से ऐसे परीक्षार्थियों को तगड़ा झटका लगा है।
यूपीटीईटी की परीक्षा की तैयारी करीब दो माह से कर रही थी। शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त होने से अब नए सिरे तैयारी करनी पड़ेगी। इससे समय का नुकसान होगा। सरकार को परीक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरस्त रखनी चाहिए थी।
अंजली सिंह
इस बार यूपीटीईटी और सीटीईटी में प्राप्त अंकों के आधार पर शिक्षक भर्ती परीक्षा में गुणांक तैयार किया जाएगा। पूरी तैयारी के साथ परीक्षा के लिए केंद्र पर पहुंचे थे। जिससे अधिक नंबर प्राप्त हो सके। परीक्षा निरस्त होने से निराशा हाथ लगी है।
दीप्ति शुक्ला
यूपीटीईटी की परीक्षा देने के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी करनी थी। शिक्षक भर्ती का विज्ञापन भी शिक्षक पात्रता परीक्षा के बाद जारी होना था। लेकिन परीक्षा निरस्त हो जाने से शिक्षक भर्ती की तैयारी नहीं हो पाएगी।
अमन
परीक्षा केंद्र घर से काफी दूर होने के कारण सुबह ही निकलना पड़ा। परीक्षा केंद्र परीक्षा देते समय पेपर लीक होने की जानकारी परेशान हो गए। आननफानन में परिजनों को केंद्र पर वापस बुलाना पड़ा। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
साक्षी मिश्रा
शिक्षक पात्रता परीक्षा का दूसरा पेपर (उच्च प्राथमिक स्तर) देने के लिए केंद्र पर पहुंचना पड़ा। पेपर व्हाट्सएप पर वायरल होने की जानकारी के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई। जिससे निराश लौटना पड़ा।
नीतेश
इनसेट--
प्रयागराज में रहकर यूपीटीईटी परीक्षा की तैयारी की थी। परीक्षा की तैयारी पूर्ण हो गई थी। पेपर निरस्त हो जाने से अब दोबारा घर छोड़कर फिर से प्रयागराज में रहकर शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी करनी होगी।
सचिन
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर परीक्षा निररस्त कर दी गई। दोनों पालियों की परीक्षा स्थगित हो गई। अग्रिम तिथि की सूचना मिलने पर सभी को जानकारी दी जाएगी।
डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद
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जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को 43 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा दो पालियों में होनी थी। दोनों पालियों में कुल 36 हजार 353 परीक्षार्थियों को सम्मिलित होना था। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक होनी थी। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक होनी थी।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के निर्देश के अनुसार जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों को 45 मिनट पूर्व जांच के बाद केंद्रों पर जाने की अनुमति दी थी। सुबह की पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के दौरान केंद्रों पर परीक्षार्थियों का प्रवेश 45 मिनट पूर्व शुरू हो गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की जांच के बाद उन्हें केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया।
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सभी केंद्रों पर सुबह 9.45 बजे ओएमआर शीट वितरित कर दी गई। दस बजे प्रश्नपत्र भी वितरित कर दिए गए। परीक्षा शुरू होने के बाद ही सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने लगा। हालांकि इसे लोग फर्जी पेपर बताकर टाल रहे थे। करीब 10.30 बजे जिला प्रशासन को पेपर लीक होने की जानकारी हुई। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने सभी केंद्रों पर मौजूद स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा रोकने का निर्देश दिया। केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों ने परीक्षा को आधे घंटे बाद रोक दिया और सभी परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट जमा करा ली। इसके बाद सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के बाहर कर दिया गया।
केंद्रों पर मचा रहा हड़कंप
परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र दे दिए गए। परीक्षार्थी प्रश्नपत्र हल करने में व्यस्त हो गए। आधे घंटे बाद अचानक पेपर लीक होने की जानकारी मिलने पर केंद्रों पर हड़कंप मच गया। ड्यूटी कर रहे कक्ष निरीक्षकों के साथ ही अभ्यर्थी भी अवाक रह गए। हालांकि कुछ देर तक केंद्रों पर परीक्षा निरस्त होने की जानकारी को परीक्षार्थी गलत मान रहे थे। लेकिन अधिकारियों के पहुंचने के बाद उन्हें परीक्षा निरस्त होने की जानकारी हुई।
प्रश्नपत्र देने को तैयार नहीं थे परीक्षार्थी
शिक्षक पात्रता परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू हो गई। आधे घंटे के बाद परीक्षा रोककर कक्ष निरीक्षकों ने परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट जमा करने के लिए कहा। एमडीपीजी, पीबीपीजी, पीजी कॉलेज पट्टी सहित कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने कक्ष निरीक्षकों को प्रश्नपत्र देने से मना कर दिया। हालांकि इसकी जानकारी होने के बाद केंद्र पर मौजूद पुलिसकर्मियों की सख्ती के बाद परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र जमा कराए गए।
दूसरी पाली के परीक्षार्थी भी पहुंचे थे केंद्रों पर
दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक होनी थी। कई परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र दूर बनाए गए थे। ऐसे में सही समय पर दूसरी पाली में आयोजित होने वाली उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए परीक्षार्थी अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। पहली पाली की परीक्षा निरस्त होने के बाद भी वे परीक्षा के इंतजार में दोपहर 2 बजे तक केंद्रों पर मौजूद रहे। हालांकि केंद्रों पर मौजूद स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट ने परीक्षा निरस्त होने की जानकारी दी। जिस पर परीक्षार्थी निराश होकर लौट गए।
शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे परीक्षार्थियों को लगा झटका
69000 शिक्षक भर्ती की परीक्षा संपन्न होने के बाद बीएड और डीएलएड परीक्षार्थियों को लगभग पांच माह से आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार है। टीईटी परीक्षा के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी होना था। परीक्षार्थी भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त हो जाने से उन्हें तगड़ा झटका लगा है। अब उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि यूपीटीईटी परीक्षा कब होगी। यूपीटीईटी के बाद चुनाव आ जाने की वजह से शिक्षक भर्ती परीक्षा लटक जाने का डर सता रहा है।
शिक्षक भर्ती परीक्षा में पहले हाईस्कूल, इंटर, स्नातक व बीएड और डीएलएड में प्राप्त अंकों के आधार पर गुणांक तैयार किया जाता था। उसके साथ शिक्षक भर्ती परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मिले गुणांक को मेरिट में जोड़ा जाता था। लेकिन सरकार ने इस बार फैसला लिया है कि यूपीटीईटी व सीटीईटी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर बनने वाले गुणांक को इस बार मेरिट में जोड़ा जाएगा। इसलिए इस बार यूपीटीईटी की परीक्षा में वह भी परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे जिन्होंने यूपीटीईटी परीक्षा पहले से पास कर रखी थी। वह अधिक अंक प्राप्त करने के लिए परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। परीक्षा निरस्त होने से ऐसे परीक्षार्थियों को तगड़ा झटका लगा है।
यूपीटीईटी की परीक्षा की तैयारी करीब दो माह से कर रही थी। शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त होने से अब नए सिरे तैयारी करनी पड़ेगी। इससे समय का नुकसान होगा। सरकार को परीक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरस्त रखनी चाहिए थी।
अंजली सिंह
इस बार यूपीटीईटी और सीटीईटी में प्राप्त अंकों के आधार पर शिक्षक भर्ती परीक्षा में गुणांक तैयार किया जाएगा। पूरी तैयारी के साथ परीक्षा के लिए केंद्र पर पहुंचे थे। जिससे अधिक नंबर प्राप्त हो सके। परीक्षा निरस्त होने से निराशा हाथ लगी है।
दीप्ति शुक्ला
यूपीटीईटी की परीक्षा देने के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी करनी थी। शिक्षक भर्ती का विज्ञापन भी शिक्षक पात्रता परीक्षा के बाद जारी होना था। लेकिन परीक्षा निरस्त हो जाने से शिक्षक भर्ती की तैयारी नहीं हो पाएगी।
अमन
परीक्षा केंद्र घर से काफी दूर होने के कारण सुबह ही निकलना पड़ा। परीक्षा केंद्र परीक्षा देते समय पेपर लीक होने की जानकारी परेशान हो गए। आननफानन में परिजनों को केंद्र पर वापस बुलाना पड़ा। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
साक्षी मिश्रा
शिक्षक पात्रता परीक्षा का दूसरा पेपर (उच्च प्राथमिक स्तर) देने के लिए केंद्र पर पहुंचना पड़ा। पेपर व्हाट्सएप पर वायरल होने की जानकारी के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई। जिससे निराश लौटना पड़ा।
नीतेश
इनसेट--
प्रयागराज में रहकर यूपीटीईटी परीक्षा की तैयारी की थी। परीक्षा की तैयारी पूर्ण हो गई थी। पेपर निरस्त हो जाने से अब दोबारा घर छोड़कर फिर से प्रयागराज में रहकर शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी करनी होगी।
सचिन
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर परीक्षा निररस्त कर दी गई। दोनों पालियों की परीक्षा स्थगित हो गई। अग्रिम तिथि की सूचना मिलने पर सभी को जानकारी दी जाएगी।
डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद

केपी इंटर कालेज में टीईटी परीक्षा केन्द्र के बाहर लगी परीक्षार्थियों की कतार। संवाद- फोटो : PRATAPGARH