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प्रतापगढ़ : दहेज हत्या के मामले में तीन दोषियों को दस - दस वर्ष का कारावास,अर्थदंड
Fri, 29 Oct 2021 04:58 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 04:58 PM IST
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Pratapgarh News : court
- फोटो : प्रतापगढ़
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जिला सत्र न्यायाधीश संजय शंकर पांडेय ने दहेज हत्या के मामले में मोहम्मद इसराइल उर्फ ननकऊ, सरबरी बेगम और वाहिद अली निवासी संडिला रानीगंज को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 14-14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
वादी मुकदमा चिराग अली निवासी छाता थाना मऊआइमा प्रयागराज के अनुसार, उसने अपनी भतीजी साइना बानो की शादी 15 नवंबर 2014 को जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के संडिला निवासी वाहिद अली के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन सामान और 50 हजार नकदी की मांग को लेकर साइना को प्रताड़ित करने लगे। एक मई 2015 को उन्हें फोन से सूचना दी गई कि साइना ने फांसी लगा ली है।
चिराग अली ने मामले में ससुर इसराइल, सास सरबरी बेगम, ननद शाहजहां, देवर खलील एवं पति वाहिद अली के खिलाफ साइना की हत्या कर शव फांसी पर लटकाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। जिला सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के बाद सजा सुनाई। शाहजहां को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। जबकि देवर खलील के विरुद्ध कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया। राज्य की ओर से पैरवी डीजीसी योगेश शर्मा तथा एडीजीसी विक्रम सिंह ने की।
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वादी मुकदमा चिराग अली निवासी छाता थाना मऊआइमा प्रयागराज के अनुसार, उसने अपनी भतीजी साइना बानो की शादी 15 नवंबर 2014 को जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के संडिला निवासी वाहिद अली के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन सामान और 50 हजार नकदी की मांग को लेकर साइना को प्रताड़ित करने लगे। एक मई 2015 को उन्हें फोन से सूचना दी गई कि साइना ने फांसी लगा ली है।
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चिराग अली ने मामले में ससुर इसराइल, सास सरबरी बेगम, ननद शाहजहां, देवर खलील एवं पति वाहिद अली के खिलाफ साइना की हत्या कर शव फांसी पर लटकाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। जिला सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के बाद सजा सुनाई। शाहजहां को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। जबकि देवर खलील के विरुद्ध कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया। राज्य की ओर से पैरवी डीजीसी योगेश शर्मा तथा एडीजीसी विक्रम सिंह ने की।
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