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टाइम लाइन में 10 दिन शेष, साकार नहीं हो सकी सौभाग्य योजना
Fri, 21 Dec 2018 11:45 PM IST
विनोद सिंह
pratapgarh
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Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 21 Dec 2018 11:45 PM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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जिलेभर को बिजली से रोशन करने के लिए शुरू की गई सौभाग्य योजना की टाइम लाइन में अब महज 10 दिन ही शेष हैं, लेकिन यह साकार नहीं हो सकी है। जनपद में अभी भी डेढ़ लाख से अधिक घर कनेक्शन से वंचित हैं, जबकि छोटे पुरवों में विद्युतीकरण का काम भी बाकी है। कहीं पोल गिरे हैं तो कहीं तार खींचकर छोड़ दिए गए हैं। ठेकेदारों के साथ विभागीय अफसरों ने भी मनमानी की है।
जिले में बिजली से वंचित मजरों को रोशन करने को केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर 2017 में सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। विभागीय अधिकारियों ने जिलेभर के वंचित मजरों एवं पुरवों को चिह्नित करने का काम शुरू किया। छोटे-बड़े पुरवे व मजरों की संख्या मिलाकर कुल छह हजार रही। विद्युत विभाग की टीम ने जगह-जगह चौपाल लगाकर लोगों को नि:शुल्क कनेक्शन वितरण करने की प्रक्रिया शुरू की।
विद्युतीकरण के लिए जिले में 389 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। कार्यदायी संस्था ने विद्युतीकरण को लेकर जगह-जगह पोल व तार गिराने का कार्य शुरू किया। शुरुआती दौर में तो कार्य में तेजी दिखी, मगर बीच में विद्युतीकरण के कार्य में ढिलाई बरती जाने लगी। यही वजह रही कि निर्धारित समय पर सौभाग्य योजना का कार्य शुरू नहीं हो सका। 31 दिसंबर तक योजना की टाइम लाइन पूरी हो रही है, मगर जिले में सौभाग्य योजना साकार नहीं हो सकी। उधर, विभाग का दावा है कि अधिकांश छोटे-बड़े पुरवों को बिजली से संतृप्त कर दिया गया है।
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1250 बड़े मजरों में विद्युतकरण की तैयारी है। इसके बाद जहां भी छोटे-छोटे पुरवे बचे होंगे, वहां कार्य चलता रहेगा व नई लाइनें बनाई जाती रहेंगी। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जिले में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बड़े मजरों को संतृप्त कर लिया गया है। छोटे पुरवों में भी काम पूरा कर लिया जाएगा।
योजना के तहत ढाई लाख से अधिक कनेक्शन बांटे गए। हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार अभी भी डेढ लाख घरों को कनेक्शन वितरित कि या जाना है।
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जिले में बिजली से वंचित मजरों को रोशन करने को केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर 2017 में सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। विभागीय अधिकारियों ने जिलेभर के वंचित मजरों एवं पुरवों को चिह्नित करने का काम शुरू किया। छोटे-बड़े पुरवे व मजरों की संख्या मिलाकर कुल छह हजार रही। विद्युत विभाग की टीम ने जगह-जगह चौपाल लगाकर लोगों को नि:शुल्क कनेक्शन वितरण करने की प्रक्रिया शुरू की।
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विद्युतीकरण के लिए जिले में 389 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। कार्यदायी संस्था ने विद्युतीकरण को लेकर जगह-जगह पोल व तार गिराने का कार्य शुरू किया। शुरुआती दौर में तो कार्य में तेजी दिखी, मगर बीच में विद्युतीकरण के कार्य में ढिलाई बरती जाने लगी। यही वजह रही कि निर्धारित समय पर सौभाग्य योजना का कार्य शुरू नहीं हो सका। 31 दिसंबर तक योजना की टाइम लाइन पूरी हो रही है, मगर जिले में सौभाग्य योजना साकार नहीं हो सकी। उधर, विभाग का दावा है कि अधिकांश छोटे-बड़े पुरवों को बिजली से संतृप्त कर दिया गया है।
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1250 बड़े मजरों में विद्युतकरण की तैयारी है। इसके बाद जहां भी छोटे-छोटे पुरवे बचे होंगे, वहां कार्य चलता रहेगा व नई लाइनें बनाई जाती रहेंगी। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जिले में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बड़े मजरों को संतृप्त कर लिया गया है। छोटे पुरवों में भी काम पूरा कर लिया जाएगा।
योजना के तहत ढाई लाख से अधिक कनेक्शन बांटे गए। हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार अभी भी डेढ लाख घरों को कनेक्शन वितरित कि या जाना है।