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तीन साल पहले मृत बताई गई किशोरी अलीगढ़ से बरामद
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नगर कोतवाली के बनबीरकाछ से तीन साल पहले गायब और मृत बताई जा रही किशोरी चार साल बाद अलीगढ़ से बरामद हुई है। चार साल से विवेचना करने वाले विवेचक मुकदमे से पिंड छुड़ाते रहे, मगर नए विवेचक ने मुकदमे की परत दर परत पड़ताल शुरू की तो मृत बताई जा रही किशोरी अलीगढ़ से बरामद हो गई। उसकी ढाई साल की बेटी भी है।
नगर कोतवाली के बनवीरकाछ की रहने वाली एक किशोरी वर्ष 2016 में घर से गायब हो गई। परिजनों ने खोजबीन के बाद पड़ोसी युवक नीरज उसके पिता श्रीप्रकाश व मां शिवकुमारी के खिलाफ बहलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया।
पुलिस ने भी बिना गहनता से छानबीन किए तीनों को जेल भेज दिया। तीनों के जेल से छूटने के बाद किशोरी वर्ष 2018 में घर लौटी। कुछ दिनों तक घर पर रहने के बाद वह फिर गायब हो गई। इसके बाद परिवार के लोग फिर नीरज समेत उसके परिवार के सदस्यों पर अगवा करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिली तो परिजन उसकी हत्या करने की आशंका जताते हुए विवेचक पर आरोपियों को गिरफ्तार करने का दबाव बनाने लगे। हालांकि पुलिस ने किशोरी को मृत मानने से इनकार कर दिया।
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इस मुकदमे की विवेचना जिसे मिली, वह फाइल को किनारे कर देता। हर कोई अपना पिंड छुड़ाता रहा। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि नए विवेचक को इस मुकदमे की गहनता से जांच का टारगेट दिया गया था। गहराई से छानबीन के बाद गायब किशोरी अलीगढ़ के अतरौली थाना क्षेत्र से बरामद हो गई। वह अपने रिश्तेदार के घर दिल्ली जाती रहती थी। वहीं से उसे मोनू प्रधान नाम का युवक मिल गया।
जिसने उसकी शादी अलीगढ़ के रहने वाले शेर सिंह राणा से करा दी थी। इसके बदले उसने रुपये भी लिए थे। उसका न्यायालय में बयान दर्ज कराया जाएगा। आरोपियों को दोबारा जेल नहीं भेजा गया, बल्कि मामले की गहराई से छानबीन ही की जाती रही।
प्रेमजाल के सब्जबाग में फंसी 80 से अधिक लड़कियों की मोनू प्रधान करा चुका है शादी
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रेमजाल में फंसने के बाद बर्बादी की कगार पर पहुंचने वाली लड़कियों को अलीगढ़ का रहने वाले मोनू प्रधान सब्जबाग दिखाता है। गुमराह हो चुकीं लड़कियों का शोषण करने के बाद उनकी शादी भी करा देता है। अब तक 80 से अधिक लोगों की शादी करा चुका है। इसके एवज में लड़का व लड़की दोनों से रुपये लेता है।
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नगर कोतवाली के बनवीरकाछ की रहने वाली एक किशोरी वर्ष 2016 में घर से गायब हो गई। परिजनों ने खोजबीन के बाद पड़ोसी युवक नीरज उसके पिता श्रीप्रकाश व मां शिवकुमारी के खिलाफ बहलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया।
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पुलिस ने भी बिना गहनता से छानबीन किए तीनों को जेल भेज दिया। तीनों के जेल से छूटने के बाद किशोरी वर्ष 2018 में घर लौटी। कुछ दिनों तक घर पर रहने के बाद वह फिर गायब हो गई। इसके बाद परिवार के लोग फिर नीरज समेत उसके परिवार के सदस्यों पर अगवा करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिली तो परिजन उसकी हत्या करने की आशंका जताते हुए विवेचक पर आरोपियों को गिरफ्तार करने का दबाव बनाने लगे। हालांकि पुलिस ने किशोरी को मृत मानने से इनकार कर दिया।
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इस मुकदमे की विवेचना जिसे मिली, वह फाइल को किनारे कर देता। हर कोई अपना पिंड छुड़ाता रहा। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि नए विवेचक को इस मुकदमे की गहनता से जांच का टारगेट दिया गया था। गहराई से छानबीन के बाद गायब किशोरी अलीगढ़ के अतरौली थाना क्षेत्र से बरामद हो गई। वह अपने रिश्तेदार के घर दिल्ली जाती रहती थी। वहीं से उसे मोनू प्रधान नाम का युवक मिल गया।
जिसने उसकी शादी अलीगढ़ के रहने वाले शेर सिंह राणा से करा दी थी। इसके बदले उसने रुपये भी लिए थे। उसका न्यायालय में बयान दर्ज कराया जाएगा। आरोपियों को दोबारा जेल नहीं भेजा गया, बल्कि मामले की गहराई से छानबीन ही की जाती रही।
प्रेमजाल के सब्जबाग में फंसी 80 से अधिक लड़कियों की मोनू प्रधान करा चुका है शादी
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रेमजाल में फंसने के बाद बर्बादी की कगार पर पहुंचने वाली लड़कियों को अलीगढ़ का रहने वाले मोनू प्रधान सब्जबाग दिखाता है। गुमराह हो चुकीं लड़कियों का शोषण करने के बाद उनकी शादी भी करा देता है। अब तक 80 से अधिक लोगों की शादी करा चुका है। इसके एवज में लड़का व लड़की दोनों से रुपये लेता है।