फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Target accomplished, now new ration card will not be made

लक्ष्य के मुताबिक चयन पूरा, अब नहीं बनेगा नया राशनकार्ड

Wed, 14 Jul 2021 10:42 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Wed, 14 Jul 2021 10:42 PM IST
सार

जिले में 5,84,562 परिवारों के 24,56,532 सदस्यों को राशन वितरित किया जा रहा है। शासन ने जरूरतमंद लोगों का राशनकार्ड बनाने का निर्देश दिया है, मगर लक्ष्य के मुताबिक लाभार्थियों का चयन पहले ही हो चुका है।

विज्ञापन
Target accomplished, now new ration card will not be made
राशन कार्ड - फोटो : file photo

विस्तार

जिले में 5,84,562 परिवारों के 24,56,532 सदस्यों को राशन वितरित किया जा रहा है। शासन ने जरूरतमंद लोगों का राशनकार्ड बनाने का निर्देश दिया है, मगर लक्ष्य के मुताबिक लाभार्थियों का चयन पहले ही हो चुका है। ऐसे में अब नया राशनकार्ड बनवाने के लिए विभाग के चक्कर लगाने वालों को निराश होना पड़ेगा।
विज्ञापन


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद शासन ने आदेश जारी कर कहा था कि जो लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे हैं और जिन्हें राशन नहीं मिल रहा है, उन्हें नया राशनकार्ड जारी कर दिया जाए। मगर यह राशनकार्ड जिले को मिले लक्ष्य के मुताबिक ही बनने थे। जिले में 24,56,532 सदस्यों के लिए प्रतिमाह राशन आता है। इसमें पात्र गृहस्थी और अंत्योदय के लाभार्थी दोनों शामिल हैं। शासन का नया आदेश उन लोगों के लिए मुसीबत बन गया है, जो अभी तक राशनकार्ड बनवाने के लिए ब्लॉक और जिला आपूर्ति विभाग के चक्कर लगा रहे थे।
विज्ञापन


विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य के मुताबिक पहले ही राशनकार्ड बने हुए हैं। इससे नए राशनकार्ड बनाना संभव नहीं है। उधर, ग्रामीण इलाकों में आलम यह है कि ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रधान अपने चहेतों का राशनकार्ड बनवाने के लिए सारे जतन कर रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों के इनकार से उन्हें झटका लग रहा है। फिलहाल, शासन का नया आदेश आने के बाद ग्रामीण इलाकों में अभी नए राशनकार्ड नहीं बने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपात्रों को छांटने के बाद ही होगा नए लोगों का चुनाव
पात्र गृहस्थी और अंत्योदय के लाभार्थियों की जांच कराकर अपात्रों को बाहर करने के बाद ही नए कार्ड बन सकते हैं। जांच की जिम्मेदारी बीडीओ को सौंपी जाती है, मगर वह जांच के नाम पर कागजी कोरम पूरा कर रिपोर्ट भेज देते हैं। इससे पात्र लोग योजना से वंचित हो रहे हैं।

बीडीओ की रिपोर्ट पर ही बनते हैं नए राशनकार्ड
ग्रामीण इलाकों में पात्र-अपात्र का निर्धारण खंड विकास अधिकारी करते हैं। नए राशन कार्ड बनाने और अपात्रों के राशनकार्ड निरस्त करने की रिपोर्ट बीडीओ ही जिला आपूर्ति विभाग को देते हैं। ऐसे में बीडीओ ने जिसे एक बार पात्र बनाकर रिपोर्ट भेज दी, फिर उसे अपात्र नहीं करते हैं। इसी चक्कर में पात्र और अपात्र की जांच का मामला फंस जाता है।


जिले में जो अति गरीब हैं और योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्हें नया राशनकार्ड बनाने के लिए आदेश आया हुआ है। मगर जिले में लक्ष्य के मुताबिक राशनकार्ड बने हुए हैं। इसलिए नए राशनकार्ड बनाने में समस्या खड़ी हो रही है। एसके पांडेय, एआरओ, जिला आपूर्ति विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed