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आजाद हिंद फौज के सिपाही सुरेंद्र ने छोड़ी दुनिया
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 03 Feb 2015 11:30 PM IST
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देश को आजादी दिलाने के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आजाद हिंद सेना में शामिल ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने मंगलवार को दुनिया को अलविदा कर दिया। प्रशासनिक अमले ने गार्ड आनर देकर अंतिम विदाई दी। लोग श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी यादें एक दूसरे से साझा करते रहे।
सदर विकास खंड के औवार निवासी ठाकुर सुरेंद्र सिंह देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे। 92 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुरेंद्र सिंह की तबियत खराब होने पर परिजन इलाहाबाद इलाज के लिए ले गए थे। मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की खबर मिलते ही आसपास के लोग उनके आवास पर एकत्र होने लगे।
परिजन शव लेकर घर लौटे तो रानीगंज के उपजिलाधिकारी बृजेंद्र द्विवेदी, सीओ सिटी एमपी सलोनिया, शहर कोतवाल बलिराम मिश्र पहुंचे और राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आफ आनर के साथ अंतिम सलामी दी। इसके बाद श्रद्धासुमन अर्पित किया। शासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली धनराशि का चेक उनके बेटे इंद्रजीत सिंह को दिया। बतादें कि 1940 के द्वितीय विश्वयुद्ध के समय सुरेंद्र सिंह महज 18 वर्ष की उम्र में अंग्रेजी सेना में शामिल हो गए। कुछ समय बाद जब वह जर्मनी पहुंचे तो सौ सिपाहियों के साथ आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए। देश को आजाद कराने के लिए वह संषर्घ करते रहे।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार को इलाहाबाद के रसूलाबाद घाट पर होगा। यह जानकारी उनके पुत्र इंद्रजीत सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि सुबह उनके पार्थिव शरीर को इलाहाबाद ले जाया जाएगा। उनके निधन से आसपास के गांवों में शोक की लहर है।
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सदर विकास खंड के औवार निवासी ठाकुर सुरेंद्र सिंह देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे। 92 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुरेंद्र सिंह की तबियत खराब होने पर परिजन इलाहाबाद इलाज के लिए ले गए थे। मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की खबर मिलते ही आसपास के लोग उनके आवास पर एकत्र होने लगे।
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परिजन शव लेकर घर लौटे तो रानीगंज के उपजिलाधिकारी बृजेंद्र द्विवेदी, सीओ सिटी एमपी सलोनिया, शहर कोतवाल बलिराम मिश्र पहुंचे और राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आफ आनर के साथ अंतिम सलामी दी। इसके बाद श्रद्धासुमन अर्पित किया। शासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली धनराशि का चेक उनके बेटे इंद्रजीत सिंह को दिया। बतादें कि 1940 के द्वितीय विश्वयुद्ध के समय सुरेंद्र सिंह महज 18 वर्ष की उम्र में अंग्रेजी सेना में शामिल हो गए। कुछ समय बाद जब वह जर्मनी पहुंचे तो सौ सिपाहियों के साथ आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए। देश को आजाद कराने के लिए वह संषर्घ करते रहे।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार को इलाहाबाद के रसूलाबाद घाट पर होगा। यह जानकारी उनके पुत्र इंद्रजीत सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि सुबह उनके पार्थिव शरीर को इलाहाबाद ले जाया जाएगा। उनके निधन से आसपास के गांवों में शोक की लहर है।