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गर्मी से डायरिया के बढ़े मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Mon, 04 May 2015 01:55 AM IST
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प्रतापगढ़। सूर्य देव के तेवर से अब लोग डायरिया से पीड़ित होने लगे हैं। रविवार को करीब 12 लोग इसकी चपेट में आ गए। इनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इनको भर्ती कराया गया है।
तेज धूप से गर्मी बढ़ गई है। इससे लोग डिहाइड्र्ेशन के शिकार हो रहे हैं।
उल्टी-दस्त से पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है। रविवार को जिला कारागार में बंद रूस्तम खान (28) डायरिया की चपेट में आ गया। इसे अफसरों ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया है। इमरजेंसी में मो. शमीम (4), अहमद हुसैनी (16), मो. शालू (23), मंशफ (22), मुन्नी लाल (60), शकुंतला देवी (70), लवकुश (20), विकास (25), दीपक कनौजिया (30), रोहित शर्मा (12), मधुसूदन सिंह (45), केतकी देवी (28) समेत करीब 12 लोग भर्ती हैं। डॉक्टरों ने बताया कि पहले की अपेक्षा सभी की तबीयत में सुधार हुआ है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी के डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि शरीर में पानी की कमी और अपच होने से डायरिया होता है। समय से इलाज न होने पर पानी के अभाव में रक्त का बनना बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में हार्ट काम नहीं करता। इससे लोगों की मौत भी हो सकती है। डायरिया आंत के साथ शरीर के अन्य नर्वस सिस्टम पर भी अटैक करता है। यही वजह है कि आदमी इसकी चपेट में आने के बाद बहुत जल्द सुस्त पड़ जाता है। डायरिया होने पर बगैर देर किए रोगी का इलाज कराएं। नीबू, नमक और चीनी का शरबत पीना लाभदायक होता है।
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डायरिया पीड़ितों के इलाज की अस्पताल में पूरी व्यवस्था है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक बेड और दवा का भरपूर इंतजाम है। गंभीर रोगियों के लिए इमरजेंसी कॉल पर डॉक्टर के पहुंचने की भी व्यवस्था है। दूर के रोगी 108 एंबुलेंस से अस्पताल आ सकते हैं।
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तेज धूप से गर्मी बढ़ गई है। इससे लोग डिहाइड्र्ेशन के शिकार हो रहे हैं।
उल्टी-दस्त से पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है। रविवार को जिला कारागार में बंद रूस्तम खान (28) डायरिया की चपेट में आ गया। इसे अफसरों ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया है। इमरजेंसी में मो. शमीम (4), अहमद हुसैनी (16), मो. शालू (23), मंशफ (22), मुन्नी लाल (60), शकुंतला देवी (70), लवकुश (20), विकास (25), दीपक कनौजिया (30), रोहित शर्मा (12), मधुसूदन सिंह (45), केतकी देवी (28) समेत करीब 12 लोग भर्ती हैं। डॉक्टरों ने बताया कि पहले की अपेक्षा सभी की तबीयत में सुधार हुआ है।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी के डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि शरीर में पानी की कमी और अपच होने से डायरिया होता है। समय से इलाज न होने पर पानी के अभाव में रक्त का बनना बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में हार्ट काम नहीं करता। इससे लोगों की मौत भी हो सकती है। डायरिया आंत के साथ शरीर के अन्य नर्वस सिस्टम पर भी अटैक करता है। यही वजह है कि आदमी इसकी चपेट में आने के बाद बहुत जल्द सुस्त पड़ जाता है। डायरिया होने पर बगैर देर किए रोगी का इलाज कराएं। नीबू, नमक और चीनी का शरबत पीना लाभदायक होता है।
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डायरिया पीड़ितों के इलाज की अस्पताल में पूरी व्यवस्था है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक बेड और दवा का भरपूर इंतजाम है। गंभीर रोगियों के लिए इमरजेंसी कॉल पर डॉक्टर के पहुंचने की भी व्यवस्था है। दूर के रोगी 108 एंबुलेंस से अस्पताल आ सकते हैं।