प्रतापगढ़ : रूस-यूक्रेन की लड़ाई में उलझी मेडिकल छात्रों की पढ़ाई, एक साल बीता, नहीं आया बुलावा
करीब साल भर से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्घ के कारण मेडिकल छात्रों की पढ़ाई चौपट हो गई है। युद्घ के कारण यूक्रेन जाने की वह हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। हालांकि रूस, जार्जिया और उज्बेकिस्तान सहित कई देशों ने इन छात्रों को पढ़ाई करने के लिए अपने देश बुलाया है।
विस्तार
करीब साल भर से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्घ के कारण मेडिकल छात्रों की पढ़ाई चौपट हो गई है। युद्घ के कारण यूक्रेन जाने की वह हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। हालांकि रूस, जार्जिया और उज्बेकिस्तान सहित कई देशों ने इन छात्रों को पढ़ाई करने के लिए अपने देश बुलाया है। फिलहाल मेडिकल छात्र घर पर ही हैं।
जिले के पांच छात्र यूक्रेन में रहकर डाक्टरी की पढ़ाई कर रहे थे। यूक्रेन स्थित प्रशिक्षण संस्थान में दाखिला भी लिया था। करीब चार साल उन्होंने यूक्रेन में रहकर पढ़ाई भी की। परिजन भी बेटों को डॉक्टर बनता हुआ देखने का ख्वाब संजोए हुए थे, लेकिन 11 माह पहले रूस और यूक्रेन के बीच युद्घ शुरू हो गया। युद्घ के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को घर बुला लिया।
करीब साल भर से मेडिकल छात्र घर पर हैं, लेकिन यूक्रेन की ओर से उन्हें कोई बुलावा नहीं आया। वहीं रूस, जार्जिया और उज्बेकिस्तान सहित कई देशों ने छात्रों को पढ़ाई पूरी कराने का मौका दिया है। उन्हें देश आने की अनुमति भी दी है। खास बात यह है कि युद्घ के दौरान भी छात्रों ने यूक्रेन जाने का मन बनाया लेकिन अभिभावकों की मंजूरी न होने से उन्हें अपना टिकट कैंसिल करना पड़ा।
शहर के चिलबिला निवासी सुधांशु चंद्रा का कहना है कि वह 6 साल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए थे। चार साल की पढ़ाई पूरी होने के बाद रूस और यूक्रेन का युद्घ शुुरू हो जाने के कारण उन्हें घर वापसी करनी पड़ी। कुछ दिन पहले दोबारा यूक्रेन जाने की तैयारी की, लेकिन घरवालों की मंजूरी न मिलने के कारण टिकट कैंसिल कराना पड़ा। उन्होंने बताया कि रूस, जार्जिया, उज्बेकिस्तान सहित कई देशों की सरकार एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यहां के छात्रों को मौका दे रही हैं।