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Pratapgarh News: चिलबिला जंक्शन... एक्सप्रेस ट्रेन रुके तब तो बैठे यात्री
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चिलबिला जंक्शन।
चिलबिला जंक्शन का कायाकल्प होने के बाद भी यहां पद्मावत, सरयू और इंटरसिटी एक्सप्रेस का ठहराव नहीं हो रहा है। इससे पट्टी, कोहड़ौर, जगेशरगंज समेत करीब 400 गांवों के यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि एक्सप्रेस ट्रेन रुके तब तो बैठा जाए। वरना बेल्हा देवी धाम जंक्शन प्रतापगढ़ से तो ट्रेन पकड़नी ही है।
चिलबिला जंक्शन होकर 16 ट्रेनें गुजरती हैं। ठहराव महज छह ट्रेनों का ही होता है। दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस, प्रयागराज औ अयोध्या को जोड़ने वाली सरयू एक्सप्रेस, पंजाब को जाने वाली पंजाबमेल और लखनऊ-वाराणसी व रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव न होने से परेशानी होती है। लोगों को पांच किमी दूर बेल्हा देवी धाम जंक्शन प्रतापगढ़ से ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
चिलबिला, गोड़े, महुली, दिवानगंज, रखहा, बेलखरनाथ, पट्टी समेत करीब 400 गांवों के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
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वर्जन
चिलबिला में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से बेल्हा देवी धाम जंक्शन प्रतापगढ़ जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
हरिकेश बहादुर सिंह, सराय छिवलहा
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स्टेशन का विकास तो हो गया लेकिन ट्रेनें नहीं रुकतीं। रेलवे को परेशानी समझनी चाहिए। स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव होना चाहिए। प्रयागराज और लखनऊ जाने के लिए बेल्हा देवी धाम जंक्शन जाना पड़ता है।
छेदीलाल, चिलबिला।
वर्जन--
चिलबिला जंक्शन पर पद्मावत और सरयू एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव प्रस्तावित हैं। जैसे ही रेल मंत्रालय की ओर से अनुमति मिलती है, ट्रेनों का ठहराव शुरू कर दिया जाएगा। - समर्थ गुप्ता, सीनियर डीसीएम।
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चिलबिला जंक्शन होकर 16 ट्रेनें गुजरती हैं। ठहराव महज छह ट्रेनों का ही होता है। दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस, प्रयागराज औ अयोध्या को जोड़ने वाली सरयू एक्सप्रेस, पंजाब को जाने वाली पंजाबमेल और लखनऊ-वाराणसी व रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव न होने से परेशानी होती है। लोगों को पांच किमी दूर बेल्हा देवी धाम जंक्शन प्रतापगढ़ से ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
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चिलबिला, गोड़े, महुली, दिवानगंज, रखहा, बेलखरनाथ, पट्टी समेत करीब 400 गांवों के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
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चिलबिला में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से बेल्हा देवी धाम जंक्शन प्रतापगढ़ जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
हरिकेश बहादुर सिंह, सराय छिवलहा
स्टेशन का विकास तो हो गया लेकिन ट्रेनें नहीं रुकतीं। रेलवे को परेशानी समझनी चाहिए। स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव होना चाहिए। प्रयागराज और लखनऊ जाने के लिए बेल्हा देवी धाम जंक्शन जाना पड़ता है।
छेदीलाल, चिलबिला।
वर्जन
चिलबिला जंक्शन पर पद्मावत और सरयू एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव प्रस्तावित हैं। जैसे ही रेल मंत्रालय की ओर से अनुमति मिलती है, ट्रेनों का ठहराव शुरू कर दिया जाएगा। - समर्थ गुप्ता, सीनियर डीसीएम।

चिलबिला जंक्शन।

चिलबिला जंक्शन।