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Pratapgarh News: परंपरागत पाठ्यक्रम से दूरी बना रहे छात्र
Fri, 28 Jun 2024 04:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 28 Jun 2024 04:04 AM IST
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इंटर पास करने वाले विद्यार्थी कॅरियर को लेकर अधिक चिंतित है। यही कारण है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में परंपरागत पाठ्यक्रम से अधिक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले रहे हैं। एक जुलाई से कक्षाएं शुरू होनी हैं, लेकिन अधिकांश कॉलेज में परंपरागत पाठ्यक्रम की 40 से 50 फीसदी सीटें ही भरी हैं।
जिले में चार राजकीय, सात अनुदानित सहित कुल 169 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें बीए, बीएससी और बीकॉम की 65,260 करीब सीटें हैं। जबकि बीलिब, बीएससी एजी, बीबीए और बीसीए की करीब 22,250 सीटें हैं। वर्ष 2024-25 में यूपी बोर्ड से परीक्षा करने वाले इंटर के छात्रों की संख्या 42 हजार है। सीबीएसई बोर्ड से उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या भी करीब दो हजार है। इस बार इंटर पास करने वाले अधिकांश छात्रों का परंपरागत पाठ्यक्रम से मोहभंग हो गया है। जिले की बीए, बीएससी और बीकॉम की करीब 30 हजार सीटों पर ही दाखिले हुए हैं। जबकि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की 40 हजार सीटें भर चुकी हैं। अच्छी नौकरी पाने की चाह में इंटर पास छात्र व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर रूख कर रहे हैं। निजी और अनुदानित कॉलेजों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में अधिक आवेदन किए जा रहे हैं। कारण है कि अधिकांश कॉलेजों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार मेले के माध्यम से छात्र-छात्राओं का प्लेसमेंट हो जाता है। आचार्य सदाशिव शिक्षा संस्थान के प्राचार्य डॉ. मृत्युंजय प्रसाद ने बताया कि यह सही है कि रोजगार को लेकर युवा चिंतित हैं। इस कारण व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर युवा रूख कर रहे हैं। हालांकि बीए और बीएससी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन कमजोर भी नहीं कही जा सकती है। पिछले दो साल के मुकाबले इस बार व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अधिक और परंपरागत पाठ्यक्रमों में कम दाखिले हुए हैं।
इनसेट
पिछले पांच वर्ष में दाखिले की स्थिति
वर्ष व्यावसायिक परंपरागत
2019 12,250 32,652
2020 11,223 43,256
2021 8,025 32,564
2022 1,023 27,656
2023 38,252 30,021
2024 40,123 32,253
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जिले में चार राजकीय, सात अनुदानित सहित कुल 169 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें बीए, बीएससी और बीकॉम की 65,260 करीब सीटें हैं। जबकि बीलिब, बीएससी एजी, बीबीए और बीसीए की करीब 22,250 सीटें हैं। वर्ष 2024-25 में यूपी बोर्ड से परीक्षा करने वाले इंटर के छात्रों की संख्या 42 हजार है। सीबीएसई बोर्ड से उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या भी करीब दो हजार है। इस बार इंटर पास करने वाले अधिकांश छात्रों का परंपरागत पाठ्यक्रम से मोहभंग हो गया है। जिले की बीए, बीएससी और बीकॉम की करीब 30 हजार सीटों पर ही दाखिले हुए हैं। जबकि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की 40 हजार सीटें भर चुकी हैं। अच्छी नौकरी पाने की चाह में इंटर पास छात्र व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर रूख कर रहे हैं। निजी और अनुदानित कॉलेजों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में अधिक आवेदन किए जा रहे हैं। कारण है कि अधिकांश कॉलेजों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार मेले के माध्यम से छात्र-छात्राओं का प्लेसमेंट हो जाता है। आचार्य सदाशिव शिक्षा संस्थान के प्राचार्य डॉ. मृत्युंजय प्रसाद ने बताया कि यह सही है कि रोजगार को लेकर युवा चिंतित हैं। इस कारण व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर युवा रूख कर रहे हैं। हालांकि बीए और बीएससी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन कमजोर भी नहीं कही जा सकती है। पिछले दो साल के मुकाबले इस बार व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अधिक और परंपरागत पाठ्यक्रमों में कम दाखिले हुए हैं।
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इनसेट
पिछले पांच वर्ष में दाखिले की स्थिति
वर्ष व्यावसायिक परंपरागत
2019 12,250 32,652
2020 11,223 43,256
2021 8,025 32,564
2022 1,023 27,656
2023 38,252 30,021
2024 40,123 32,253