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नकल की हकीकत खंगालने पहुंची राज्य विवि की टीम
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:06 AM IST
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परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों से रुपये वसूलने का वीडियो वायरल होने के बाद हकीकत खंगालने के लिए राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद की टीम गुरुवार को सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय पहुंची। निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों ने सीसीटीवी फुटेज व रिकार्ड की जांच कर रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी है।
पं. राजपति महाविद्यालय परमीपट्टी का परीक्षा केंद्र सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय को बनाया गया था। 23 अप्रैल को बीएससी के परीक्षार्थियों की गणित प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान नकल के लिए रुपये वसूलने को लेकर एक वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें परीक्षार्थियों से एक हजार रुपये लेकर उन्हें दोबारा उत्तरपुस्तिका देने की बात कही जा रही है। वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की टीम गुरुवार को सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय पहुंची।
जिसमें डॉ. उपेंद्र सिंह व धीरेंद्र प्रताप सिंह शामिल थे। टीम ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन परीक्षा के समय का फुटेज सीसीटीवी में रिकार्ड ही नहीं था। उसके बाद अन्य अभिलेखों की जांच की गई। जांच के दौरान टीम के सदस्यों ने पाया कि परीक्षा राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की बीएससी तृतीय वर्ष गणित की थी। उत्तरपुस्तिका पर भी अवध विश्वविद्यालय का नाम अंकित था। जांच के बाद टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी।
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केंद्राध्यक्ष ने दी सफाई
सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय केंद्राध्यक्ष का कहना है कि नकल के लिए परीक्षार्थियों से पैसे नहीं लिए गए थे। परीक्षा के दौरान कई परीक्षार्थी सेलेबस से बाहर प्रश्न आने की बात कहते हुए विरोध करने लगे थे। समझाने के दौरान उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। माहौल शांत करने के लिए उनसे उत्तर पुस्तिकाएं ले ली गई थीं। तोड़ी गईं कुर्सियाें और मेज के लिए उनसे पैसे लिए गए थे। बाद में उन्हें उत्तरपुस्तिका दे दी गई थी।
अवध विवि को नहीं है जानकारी
राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने वायरल हुई वीडियो की जांच के लिए टीम परीक्षा केंद्र पर भेज दी लेकिन अवध विश्वविद्यालय को यह नहीं पता कि उसकी परीक्षा से संबंधित वीडियो वायरल हुआ है। न ही वहां से कोई टीम जांच के लिए परीक्षा केंद्र पहुंची।
वायरल वीडियो की जानकारी मिलने पर टीम गठित कर सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय भेजी गई। टीम के सदस्यों से मिली रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि यह परीक्षा अवध विश्वविद्यालय की थी।
प्रो. राजेंद्र प्रसाद, कुलपति, इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय।
सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय में जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज में रिकार्ड नहीं मिले। केंद्राध्यक्ष ने कुर्सियों और मेज तोड़ने के लिए परीक्षार्थियों से पैसे वसूलने की बात स्वीकारी। जांचे गए अभिलेख के आधार पर परीक्षा अवध विश्वविद्यालय की थी।
डॉ. उपेंद्र सिंह, सदस्य, विवि जांच टीम।
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पं. राजपति महाविद्यालय परमीपट्टी का परीक्षा केंद्र सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय को बनाया गया था। 23 अप्रैल को बीएससी के परीक्षार्थियों की गणित प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान नकल के लिए रुपये वसूलने को लेकर एक वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें परीक्षार्थियों से एक हजार रुपये लेकर उन्हें दोबारा उत्तरपुस्तिका देने की बात कही जा रही है। वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की टीम गुरुवार को सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय पहुंची।
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जिसमें डॉ. उपेंद्र सिंह व धीरेंद्र प्रताप सिंह शामिल थे। टीम ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन परीक्षा के समय का फुटेज सीसीटीवी में रिकार्ड ही नहीं था। उसके बाद अन्य अभिलेखों की जांच की गई। जांच के दौरान टीम के सदस्यों ने पाया कि परीक्षा राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की बीएससी तृतीय वर्ष गणित की थी। उत्तरपुस्तिका पर भी अवध विश्वविद्यालय का नाम अंकित था। जांच के बाद टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी।
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केंद्राध्यक्ष ने दी सफाई
सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय केंद्राध्यक्ष का कहना है कि नकल के लिए परीक्षार्थियों से पैसे नहीं लिए गए थे। परीक्षा के दौरान कई परीक्षार्थी सेलेबस से बाहर प्रश्न आने की बात कहते हुए विरोध करने लगे थे। समझाने के दौरान उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। माहौल शांत करने के लिए उनसे उत्तर पुस्तिकाएं ले ली गई थीं। तोड़ी गईं कुर्सियाें और मेज के लिए उनसे पैसे लिए गए थे। बाद में उन्हें उत्तरपुस्तिका दे दी गई थी।
अवध विवि को नहीं है जानकारी
राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने वायरल हुई वीडियो की जांच के लिए टीम परीक्षा केंद्र पर भेज दी लेकिन अवध विश्वविद्यालय को यह नहीं पता कि उसकी परीक्षा से संबंधित वीडियो वायरल हुआ है। न ही वहां से कोई टीम जांच के लिए परीक्षा केंद्र पहुंची।
वायरल वीडियो की जानकारी मिलने पर टीम गठित कर सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय भेजी गई। टीम के सदस्यों से मिली रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि यह परीक्षा अवध विश्वविद्यालय की थी।
प्रो. राजेंद्र प्रसाद, कुलपति, इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय।
सुरेशचंद्र मिश्र महाविद्यालय में जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज में रिकार्ड नहीं मिले। केंद्राध्यक्ष ने कुर्सियों और मेज तोड़ने के लिए परीक्षार्थियों से पैसे वसूलने की बात स्वीकारी। जांचे गए अभिलेख के आधार पर परीक्षा अवध विश्वविद्यालय की थी।
डॉ. उपेंद्र सिंह, सदस्य, विवि जांच टीम।