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आश्वासन पर माने परिजन किया गया अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:30 AM IST
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काफी ना नुकुर के बाद आखिर में एसएसबी के जवान के परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। दोपहर में उसका अंतिम संस्कार गांव के बगल ही गंगा घाट पर किया गया। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों के साथ ही पुलिस फोर्स भी मौजूद रही।
हथिगवां थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर परसीपुर गांव निवासी एसएसबी के जवान पन्नालाल की हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग कर रहे थे।
उधर मृतके बड़े भाई का भी इंतजार किया जा रहा था। मृतक के बड़े भाई अमृतलाल के आने तक परिजन मुख्यमंत्री के आने की बात कह रहे थे। शनिवार को तीन बजे अमृतलाल आए तो पुलिस प्रशासन ने उनसे बातचीत शुरू की। कुछ देर बाद उन्होंने अगले दिन अंतिम संस्कार किए जाने की बात कही। सुबह भी मुख्यमंत्री के आने की बात उठी लेकिन एक बार फिर से पुलिस ने प्रशासन ने अमृतलाल को सारी सुविधाएं दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद फिर से अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।
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दोपहर में गांव के बगल ही नौबस्ता घाट पर चिता सजाई गई और पिता सूर्य नारायण ने उसे मुखाग्नि दी। उधर मृतक एसएसबी के जवान पन्नालाल के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव की महिलाओं सहित भारी जनसमुदाय को देख एक बार फिर से पुलिस सतर्क हो गई। घर से लेकर घाट तक पुलिस के जवान फैले रहे। अंतिम संस्कार होने के बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर परसीपुर गांव निवासी एसएसबी के जवान पन्नालाल की हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग कर रहे थे।
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उधर मृतके बड़े भाई का भी इंतजार किया जा रहा था। मृतक के बड़े भाई अमृतलाल के आने तक परिजन मुख्यमंत्री के आने की बात कह रहे थे। शनिवार को तीन बजे अमृतलाल आए तो पुलिस प्रशासन ने उनसे बातचीत शुरू की। कुछ देर बाद उन्होंने अगले दिन अंतिम संस्कार किए जाने की बात कही। सुबह भी मुख्यमंत्री के आने की बात उठी लेकिन एक बार फिर से पुलिस ने प्रशासन ने अमृतलाल को सारी सुविधाएं दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद फिर से अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।
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दोपहर में गांव के बगल ही नौबस्ता घाट पर चिता सजाई गई और पिता सूर्य नारायण ने उसे मुखाग्नि दी। उधर मृतक एसएसबी के जवान पन्नालाल के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव की महिलाओं सहित भारी जनसमुदाय को देख एक बार फिर से पुलिस सतर्क हो गई। घर से लेकर घाट तक पुलिस के जवान फैले रहे। अंतिम संस्कार होने के बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।