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Pratapgarh News: एसआर, जेआर हॉस्टल में बाहरी डॉक्टरों का कब्जा
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मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक हॉस्टल में रहकर मरीजों का बेहतर इलाज करें, इसलिए शासन ने राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में हॉस्टल बनवाया है। हॉस्टल में सीएमओ के अधीन सेवा दे रहे संविदा चिकित्सक कब्जा जमाए हुए हैं। इससे मेडिकल कॉलेज के एसआर और जेआर के साथ मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। प्राचार्य ने सीएमएस को बाहरी लोगों से हॉस्टल को कब्जा मुक्त कराने के लिए आदेश दिया है।
मेडिकल कॉलेज में तैनात एसआर और जेआर पड़ोसी जनपद प्रयागराज, सुल्तानपुर, रायबरेली, जौनपुर, कौशाम्बी और प्रयागराज के रहने वाले हैं। इन चिकित्सकों को हॉस्टल नहीं मिल पा रहा है। इससे चिकित्सक समय से चिकित्सालय नहीं पहुंच रहे हैं, न ही रात में किसी मरीज की हालत बिगड़ने पर उनका इलाज कर पा रहे हैं।
इमरजेंसी में तैनात जेआर चिकित्सक मरीजों को अतिगंभीर बताकर रेफर कर दे रहे हैं। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। बीते माह अमर उजाला ने खबर प्रकाशित होने के बाद प्राचार्य रहे डॉ. वीके पांडेय ने एसआर और जेआर हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे संविदा चिकित्सकों को आवास खाली करने की नोटिस थमाया था।
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प्राचार्य का तबादला होने के बाद किसी ने आवास नहीं खाली किया। 14 नए एसआर, 16 जेआर के आने के बाद अब उन्हें आवास नहीं मिल रहा है। इससे वह ऑनकॉल ड्यूटी करने से अपना हाथ खड़ा कर दे रहे हैं। प्राचार्य डॉ. सरोज कुमार ने सीएमएस को पत्र भेजकर अवैध रुप से एसआर और जेआर हॉस्टल में रहने वाले बाहरी लोगों को पुलिस के मदद से खाली कराने का आदेश दिया है। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने कहा कि खाली कराने के लिए पुलिस के पास पत्र भेजा गया है।
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मेडिकल कॉलेज में तैनात एसआर और जेआर पड़ोसी जनपद प्रयागराज, सुल्तानपुर, रायबरेली, जौनपुर, कौशाम्बी और प्रयागराज के रहने वाले हैं। इन चिकित्सकों को हॉस्टल नहीं मिल पा रहा है। इससे चिकित्सक समय से चिकित्सालय नहीं पहुंच रहे हैं, न ही रात में किसी मरीज की हालत बिगड़ने पर उनका इलाज कर पा रहे हैं।
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इमरजेंसी में तैनात जेआर चिकित्सक मरीजों को अतिगंभीर बताकर रेफर कर दे रहे हैं। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। बीते माह अमर उजाला ने खबर प्रकाशित होने के बाद प्राचार्य रहे डॉ. वीके पांडेय ने एसआर और जेआर हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे संविदा चिकित्सकों को आवास खाली करने की नोटिस थमाया था।
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प्राचार्य का तबादला होने के बाद किसी ने आवास नहीं खाली किया। 14 नए एसआर, 16 जेआर के आने के बाद अब उन्हें आवास नहीं मिल रहा है। इससे वह ऑनकॉल ड्यूटी करने से अपना हाथ खड़ा कर दे रहे हैं। प्राचार्य डॉ. सरोज कुमार ने सीएमएस को पत्र भेजकर अवैध रुप से एसआर और जेआर हॉस्टल में रहने वाले बाहरी लोगों को पुलिस के मदद से खाली कराने का आदेश दिया है। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने कहा कि खाली कराने के लिए पुलिस के पास पत्र भेजा गया है।