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Pratapgarh News: मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुई स्पाइन सर्जरी
Thu, 24 Aug 2023 09:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 24 Aug 2023 09:17 PM IST
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दो जगह से टूटी रीढ़ की हड्डी का तीन घंटे में किया ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज में पहली बार स्पाइन सर्जरी की गई। इसमें सड़क हादसे में घायल एक महिला की दो स्थानों से टूटी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया।
नगर कोतवाली के रंजीतपुर चिलबिला निवासी सुलोचना पांडेय की सड़क हादसे में रीढ़ की हड़्डी दो जगह से टूट गई थी। इससे उनके शरीर का एक हिस्सा सुन्न पड़ गया। दोनों पैरों की ताकत खत्म हो गई। शुरू में निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन आराम न मिलने पर मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग में डॉ. सचिन को दिखाया। उन्होंने उसको जांच कराने के लिए प्रयागराज भेजा। इसमें डॉक्टर ने पाया कि हड्डी टूट कर नसों को दबा रही है, जिससे मरीज को परेशानी हो रही है। इसके बाद डॉ. गौरव, डॉ. राकेश चौरसिया, स्टाफ नर्स बबना और रुचि के सहयोग से आर्थो सर्जन डॉ. सचिन कुमार ने रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
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साढ़े तीन घंटे चली सर्जरी
यह सर्जरी करीब साढ़े तीन घंटे चली। डॉक्टरों की टीम ने रीढ़ की हड्डी के टूटे हुए हिस्से को सर्जरी से स्थिर किया। जो नसें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, उनकी मरम्मत की। डॉ. सचिन ने बताया कि साढ़े आठ बजे से ऑपरेशन शुरू हुआ, जो दोपहर 12 बजे तक चला। मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य है।
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जिले के लिए बहुुत बड़ी उपलब्धि है। पहली बार रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन डॉ. सचिन कुमार ने किया है।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज में पहली बार स्पाइन सर्जरी की गई। इसमें सड़क हादसे में घायल एक महिला की दो स्थानों से टूटी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया।
नगर कोतवाली के रंजीतपुर चिलबिला निवासी सुलोचना पांडेय की सड़क हादसे में रीढ़ की हड़्डी दो जगह से टूट गई थी। इससे उनके शरीर का एक हिस्सा सुन्न पड़ गया। दोनों पैरों की ताकत खत्म हो गई। शुरू में निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन आराम न मिलने पर मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग में डॉ. सचिन को दिखाया। उन्होंने उसको जांच कराने के लिए प्रयागराज भेजा। इसमें डॉक्टर ने पाया कि हड्डी टूट कर नसों को दबा रही है, जिससे मरीज को परेशानी हो रही है। इसके बाद डॉ. गौरव, डॉ. राकेश चौरसिया, स्टाफ नर्स बबना और रुचि के सहयोग से आर्थो सर्जन डॉ. सचिन कुमार ने रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
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साढ़े तीन घंटे चली सर्जरी
यह सर्जरी करीब साढ़े तीन घंटे चली। डॉक्टरों की टीम ने रीढ़ की हड्डी के टूटे हुए हिस्से को सर्जरी से स्थिर किया। जो नसें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, उनकी मरम्मत की। डॉ. सचिन ने बताया कि साढ़े आठ बजे से ऑपरेशन शुरू हुआ, जो दोपहर 12 बजे तक चला। मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य है।
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जिले के लिए बहुुत बड़ी उपलब्धि है। पहली बार रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन डॉ. सचिन कुमार ने किया है।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य।