बच्चों को अपराधी बनने से रोकेगी विशेष किशोर पुलिस इकाई
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गलत संगत में पड़कर अपराध की राह पर चलने वाले बच्चों को सुधारने की पुलिस महकमे ने नई पहल शुरू की है। जिले के प्रत्येक थानों में विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन किया जा रहा है। इसमें दो उपनिरीक्षकों को बाल कल्याण अधिकारी बनाने के साथ महिला सिपाही भी होंगी। इकाई के सदस्य किशोरों की काउंसलिंग कर उन्हें अच्छा और जिम्मेदार नागरिक बनाएंगे।
जिले में विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन महिला एवं बाल कल्याण और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से करेगा। इकाई जिले के सभी थानों में गठित की जाएगी। किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत 18 साल से कम उम्र के आरोपी, पीड़ित और किसी मामले में गवाह किशोर की काउंसलिंग के आदेश हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस ये पहल करने जा रही है। इकाई में सभी थानों में दो उपनिरीक्षक बाल कल्याण अधिकारी बनाए जाएंगे। इसमें महिला सिपाही भी शामिल की जाएंगी। टीम के सभी सदस्य सादे कपड़ों में ही रहेंगे। किशोर पर लगे आरोप में अगर सात साल से कम सजा का प्राविधान है तो उस पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। अलबत्ता आपराधिक कृत्य में किशोर के साथ यदि व्यस्क शामिल हैं तो उस पर मुकदमा दर्ज होगा। थानों में बाल आरोपियों के लिए ऐसी व्यवस्था और काउंसलिंग की जाएगी कि आगे चलकर वह अच्छे नागरिक बन सकें। एएसपी पूर्वी पूर्णेंदू सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी थानों में विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन किया जा रहा है। जल्द ही बाल कल्याण अधिकारी के रूप में चयनित उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
विशेष पुलिस इकाई में शामिल उपनिरीक्षक और महिला पुलिसकर्मियों को जल्द ही लखनऊ और कानपुर आईजी जोन कार्यालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन लोगों को महिला एवं बाल कल्याण विभाग और पुलिस महकमे के अधिकारी प्रशिक्षित करेंगे। खासतौर पर किशोरों से मधुर व्यवहार और एक दोस्त की तरह वार्तालाप कर पूछताछ करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि पुलिसकर्मियों की पूछताछ का किशोरों के ऊपर कोई दुष्प्रभाव न पड़ सके।
सादे कपड़ों में करेंगे कार्य
विशेष किशोर पुलिस इकाई में शामिल पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को शासन की ओर से राहत भी दी गई है। किशोरों के ऊपर कोई बुरा प्रभाव न पड़े। इसके लिए पुलिसकर्मी सादे कपड़ें में ड्यूटी करेंगे। यदि गैरजनपदों में स्थानांतरण होता है तो इन्हें थानों में विशेष किशोर पुलिस इकाई में ही तैनात किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार से विशेष किशोर पुलिस इकाई की व्यवस्था थानों में प्रभावित न हो।